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- फसल अवशेष प्रबंधन कृषि यंत्रों पर 50 प्रतिशत अनुदान के लिए 3 अगस्त तक करें ऑनलाइन आवेदन
 

हरियाणा सरकार की राष्ट्रीय कृषि विकास योजना! भिवानी के किसान पराली प्रबंधन कृषि यंत्रों पर पाएं 50% अनुदान। 3 अगस्त 2026 तक agriharyana.gov.in पर करें आवेदन।

 

भिवानी, 16 जुलाई। जिला के किसानों के लिए फसल अवशेष प्रबंधन कृषि यंत्रों पर 50 प्रतिशत अनुदान प्राप्त करने का अवसर है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, हरियाणा द्वारा राष्ट्रीय कृषि विकास योजना वर्ष 2026-27 के तहत फसल अवशेष प्रबंधन के लिए किसानों से तीन अगस्त 2026 तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
उपायुक्त एवं जिला कार्यकारी समिति के चेयरमैन साहिल गुप्ता ने बताया कि पराली जलाने की घटनाओं एवं वायु प्रदूषण को कम करने के उद्देश्य से किसानों को व्यक्तिगत श्रेणी में विभिन्न कृषि यंत्रों पर 50 प्रतिशत अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा। योजना के तहत सुपर एसएमएस, हैप्पी सीडर, सुपर सीडर, स्ट्रॉ चॉपर/श्रेडर/मल्चर, रिवर्सिबल एमबी प्लाऊ, जीरो टिल सीड ड्रिल, सुपर सीडर, स्ट्रॉ बेलर, रेक, क्रॉप रीपर, ट्रैक्टर माउंटेड लोडर तथा ट्रैक्टर चालित टेंडर मशीन सहित विभिन्न कृषि यंत्रों पर अनुदान दिया जाएगा।
उप कृषि निदेशक विनोद फोगाट ने बताया कि इच्छुक किसान विभागीय पोर्टल एग्रीहरियाणा.जीओवी.इन पर तीन अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। निर्धारित लक्ष्य से अधिक आवेदन प्राप्त होने की स्थिति में पात्र किसानों का चयन जिला कार्यकारी समिति द्वारा उपायुक्त की अध्यक्षता में ऑनलाइन ड्रॉ के माध्यम से किया जाएगा।
सहायक कृषि अभियंता नसीब सिंह धनखड़ ने बताया कि आवेदन के लिए किसान का मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण होना अनिवार्य है। इसके अलावा परिवार पहचान पत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खाता विवरण, ट्रैक्टर की वैध आरसी तथा अन्य आवश्यक दस्तावेजों की आवश्यकता होगी। अनुसूचित जाति वर्ग के किसानों को जाति प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत करना होगा।
उन्होंने बताया कि आवेदन करने वाले किसानों को खेत में फसल अवशेष नहीं जलाने तथा पिछले तीन वर्षों में संबंधित कृषि यंत्र पर परिवार के किसी सदस्य द्वारा अनुदान नहीं लेने का शपथ पत्र देना होगा। व्यक्तिगत श्रेणी में प्रत्येक किसान केवल एक कृषि यंत्र के लिए ही आवेदन कर सकेगा। यदि किसान का चयन बेलर मशीन के लिए होता है तो वह रेक, स्ट्रॉ रेक अथवा श्रेडर मास्टर/रोटरी स्लेशर मशीन पर भी अनुदान प्राप्त कर सकता है।
उन्होंने बताया कि चयनित किसानों को निर्धारित समय के भीतर आवश्यक दस्तावेज सहायक कृषि अभियंता, भिवानी कार्यालय में जमा कराने होंगे। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ऑनलाइन परमिट जारी किए जाएंगे। परमिट जारी होने के बाद किसान को 7 सितंबर 2026 तक विभाग द्वारा अनुमोदित निर्माता/डीलर से कृषि यंत्र खरीदकर बिल, ई-वे बिल तथा जीपीएस लोकेशन सहित आवश्यक दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड करने होंगे। प्रतीक्षा सूची के किसानों को आवश्यकता अनुसार बाद में परमिट जारी किए जाएंगे। कृषि यंत्र निर्माता भी इस योजना के तहत विभागीय पोर्टल एग्रीहरियाणा.जीओवी.इन पर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। वर्ष 2025-26 में स्वीकृत तथा जिनकी टेस्ट रिपोर्ट इस वर्ष भी वैध है, उन्हें दोबारा आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी। अधिक जानकारी के लिए किसान उप कृषि निदेशक, सहायक कृषि अभियंता, उप मंडल कृषि अधिकारी कार्यालय अथवा अपने गांव के कृषि विकास अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।