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GBTL मिल में महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों पर महिला आयोग सख्त, ICC जानकारी सार्वजनिक करने के निर्देश

भिवानी में GBTL मिल के निरीक्षण के दौरान हरियाणा महिला आयोग की उपाध्यक्ष मीना परमार ने बदहाल शौचालयों और क्रेच की कमी पर नाराजगी जताते हुए सख्त निर्देश दिए।

 

Bhiwani 30 July 2026 
महिला आयोग की चेतावनी: कार्यस्थल पर भेदभाव, उत्पीड़न और असुरक्षित माहौल किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं

हरियाणा महिला आयोग की उपाध्यक्ष मीना परमार ने GBTL मिल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पहले अभिनेत्री एवं सांसद कंगना रनौत के महिलाओं को लेकर दिए गए विवादित बयान पर प्रतिक्रिया दी और कहा कि महिलाओं के सम्मान के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता। इसके बाद उन्होंने मिल में महिला कर्मचारियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया, जहां शौचालयों की बदहाल स्थिति और क्रेच की व्यवस्था नहीं मिलने पर नाराज़गी जताई।

GBTL मिल के निरीक्षण के दौरान महिला आयोग की उपाध्यक्ष मीना परमार ने पत्रकारों के सवाल पर अभिनेत्री कंगना रनौत के हालिया विवादित बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति को संवैधानिक मर्यादाओं के भीतर रहकर ही बयान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं की गरिमा सर्वोपरि है और महिला आयोग महिलाओं के सम्मान, स्वाभिमान और अधिकारों से किसी भी तरह का समझौता नहीं होने देगा। उन्होंने यह भी कहा कि संविधान असंवैधानिक और अपमानजनक भाषा की अनुमति नहीं देता, इसलिए सार्वजनिक जीवन में सभी को जिम्मेदारी के साथ बोलना चाहिए।

इसके बाद महिला आयोग की टीम ने GBTL मिल में महिला कर्मचारियों की कार्य परिस्थितियों का निरीक्षण किया। मीना परमार ने महिला कर्मचारियों से बातचीत कर यह जाना कि उनसे निर्धारित 8 घंटे से अधिक काम तो नहीं लिया जा रहा, कार्यस्थल पर किसी तरह का भेदभाव या उत्पीड़न तो नहीं हो रहा और छोटे बच्चों वाली महिलाओं के लिए क्रेच जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं या नहीं।

निरीक्षण के दौरान सबसे बड़ी खामी शौचालयों और बाथरूम की साफ-सफाई को लेकर सामने आई। महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने कहा कि टॉयलेट और बाथरूम की हालत बेहद खराब मिली और ऐसा नहीं लगा कि केवल एक दिन सफाई नहीं हुई, बल्कि कई दिनों से उचित सफाई नहीं की गई थी। उन्होंने प्रबंधन को निर्देश दिए कि अगली निरीक्षण टीम के आने से पहले महिलाओं के लिए स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जाए।

निरीक्षण के दौरान मीना परमार ने यह भी पाया कि फिलहाल मिल में बच्चों के लिए क्रेच की व्यवस्था नहीं है। हालांकि प्रबंधन ने जल्द ही इसे शुरू करने का आश्वासन दिया है। इसके अलावा उन्होंने इंडस्ट्री प्रबंधन को निर्देश दिए कि आंतरिक शिकायत समिति (ICC) की जानकारी और सदस्यों की सूची प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित की जाए, ताकि किसी भी तरह की शिकायत होने पर महिला कर्मचारी सीधे समिति से संपर्क कर सकें।

महिला आयोग ने स्पष्ट किया कि हर कार्यस्थल पर महिलाओं को समान अवसर, समान वेतन, सम्मानजनक माहौल और सुरक्षित वातावरण मिलना चाहिए। आयोग ने चेतावनी दी कि महिलाओं के साथ किसी भी प्रकार के भेदभाव, उत्पीड़न या अभद्र व्यवहार को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।