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Hanuman Johri Dham Bhiwani Teej Mela: भिवानी के हनुमान जोहड़ी धाम में हरियाली तीज महोत्सव की धूम, उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

भिवानी में तीन दिवसीय चतुर्थ हरियाली तीज महोत्सव के दूसरे दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों और प्रतियोगिताओं की धूम रही।
 

हनुमान जोहड़ी धाम में हरियाली तीज महोत्सव की धूम : संस्कृति, संस्कार और सामाजिक समरसता का अनूठा संगम


समृद्ध हरियाणवी संस्कृति, प्रकृति प्रेम और पारिवारिक सौहार्द की पहचान है तीज महोत्सव : घनश्याम सर्राफ


आधुनिकता के दौर में सांस्कृतिक विरासत और नैतिक मूल्यों को संजोकर रखना जरूरी : चरणदास महाराज


भिवानी, 16 अगस्त : स्थानीय हनुमान ढाणी स्थित हनुमान जोहड़ी धाम के स्वामी विवेकानंद सभागार में युवा जागृति एवं जन कल्याण मिशन ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय चतुर्थ हरियाली तीज मेला महोत्सव के दूसरे दिन भी भारी उत्साह देखने को मिला। धाम के महंत बालयोगी चरणदास महाराज व महंत भोलादास महाराज के सानिध्य में आयोजित यह महोत्सव सांस्कृतिक धरोहर, धार्मिक निष्ठा और पारिवारिक एकजुटता का जीवंत प्रतीक बनकर उभरा है। कार्यक्रम के प्रात:कालीन सत्र का शुभारंभ मुख्य अतिथि विधायक घनश्याम सर्राफ एवं मार्केट कमेटी चेयरमैन कृष्ण यादव ने दीप प्रज्वलित कर किया। वहीं सांयकालीन सत्र का शुभारंभ पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार एवं मोतीलाल कुम्हारीवाला ने किया। मंच का संचालन दिनेश दाधीच व सरोज कौशिक ने किया।

इस मौके पर विधायक घनश्याम सर्राफ ने कहा कि हरियाली तीज केवल एक पर्व नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध हरियाणवी संस्कृति, प्रकृति प्रेम और पारिवारिक सौहार्द की पहचान है। हनुमान जोहड़ी धाम में आयोजित यह मेला बच्चों और महिलाओं में अपनी जड़ों के प्रति गौरव और सांस्कृतिक संस्कारों को सिंचित करने का सराहनीय प्रयास है। ऐसे आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा और आपसी भाईचारे का संचार होता है।

इस मौके पर पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार ने कहा कि सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियों में बच्चों और युवाओं की यह भागीदारी अत्यंत सराहनीय है। अपनी लोक-संस्कृति से जुड़ाव युवाओं को सही दिशा देने में मील का पत्थर साबित होता है। इस प्रकार के सामाजिक उत्सव समाज में सुरक्षा, समरसता और स्वस्थ वातावरण का निर्माण करते हैं, जिससे अपराधमुक्त और जागरूक समाज की नींव मजबूत होती है।

बालसयोगी महंत चरणदास महाराज ने कहा कि युवा जागृति एवं जन कल्याण मिशन ट्रस्ट का ध्येय आधुनिकता के इस दौर में अपनी सांस्कृतिक विरासत और नैतिक मूल्यों को संजोकर रखना है। तीज महोत्सव मातृशक्ति के सम्मान और नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोडऩे का एक पवित्र माध्यम है। जब बच्चे और परिवार साथ मिलकर अपनी संस्कृति को मनाते हैं, तब संस्कारों की धारा अविरल बहती है।

 मेले के दूसरे दिन बच्चों, महिलाओं और परिवारों के लिए मनोरंजन व रचनात्मकता का अनूठा संगम देखने को मिला। मेहंदी, चित्रकला, केश सज्जा, पारंपरिक परिधान प्रदर्शन, राखी बनाओ, कबाड़ से जुगाड़ तथा बिना अग्नि के खाना बनाओ जैसी विविधतापूर्ण प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। वरिष्ठ मातृशक्ति द्वारा प्रस्तुत हरियाणवी लोकगीतों की गूंज और विशेष रूप से सजाए गए झूलों ने पूरे परिसर को पारंपरिक उत्सव के रंग में सराबोर कर दिया। मेले में लगाए गए स्वादिष्ट व्यंजनों के स्टॉल्स और लकी ड्रॉ प्रतियोगिता श्रद्धालुओं एवं आगंतुकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। बच्चों का उत्साहवर्धन करने के लिए भाग लेने वाले सभी बाल कलाकारों को स्मृति चिह्न व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। यह महोत्सव भिवानी वासियों के लिए संस्कृति, उमंग और सामाजिक एकता का अमूल्य पर्व सिद्ध हो रहा है।