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शांति और सद्भाव का संदेश : हनुमान जोहड़ी मंदिर में बुद्ध पूर्णिमा पर किया नमन, मासिक कार्यक्रम का हुआ आगाज

आज के भागदौड़ भरे जीवन में बुद्ध के विचार ही दिखा सकते है शांति का मार्ग : चरणदास महाराज
महात्मा बुद्ध के विचार महिलाओं और बच्चों के विकास का आधार : चेयरपर्सन तृप्ति श्योराण
 

भिवानी, 01 मई : महात्मा बुद्ध की जयंती बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर स्थानीय हनुमान ढाणी स्थित हनुमान जोहड़ी मंदिर में एक भव्य और आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। युवा जागृति एवं जनकल्याण मिशन ट्रस्ट के बैनर तले आयोजित इस कार्यक्रम में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। मंदिर के महंत बालयोगी चरणदास महाराज के सान्निध्य में आयोजित इस समारोह में ना केवल बुद्ध के सिद्धांतों को याद किया गया, बल्कि समाज कल्याण के लिए एक नए संकल्प की शुरुआत भी हुई। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि महिला एवं बाल विकास विभाग की नवनियुक्त चेयरपर्सन तृप्ति श्योराण और महंत चरणदास महाराज द्वारा महात्मा बुद्ध के चित्र पर पुष्प अर्पित कर और दीप प्रज्वलित कर की गई। उपस्थित जनसमूह ने भगवान बुद्ध की शिक्षाओं अहिंसा परमो धर्म: और शांति को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लिया।

श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए महंत बालयोगी चरणदास महाराज ने महात्मा बुद्ध के जीवन आदर्शों पर प्रकाश डाला। उन्होंने घोषणा की कि बुद्ध पूर्णिमा के इस शुभ दिन से मंदिर परिसर में एक विशेष मासिक धार्मिक अनुष्ठान का आगाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज के भागदौड़ भरे जीवन में बुद्ध के विचार ही शांति का मार्ग दिखा सकते हैं। इसी उद्देश्य के साथ हम एक माह का विशेष अभियान शुरू कर रहे हैं। इसके तहत रोजाना 21 घंटे का मौन व्रत रखा जाएगा, जो आत्म-शुद्धि का मार्ग है। साथ ही नगर परिक्रमा के माध्यम से हम बुद्ध के शांति संदेश को जन-जन तक पहुंचाएंगे। इस मौके पर महिला एवं बाल विकास विभाग की चेयरपर्सन तृप्ति श्योराण ने कहा कि महात्मा बुद्ध की शिक्षाएं आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं जितनी सदियों पहले थीं। उन्होंने कहा कि मेरी प्राथमिकता समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुँचाना है। बुद्ध का करुणा और दया का मार्ग हमें सिखाता है कि कैसे हम महिलाओं और बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। इस दौरान पूरे मंदिर परिसर में बुद्ध के जयकारों और शांति पाठ से वातावरण भक्तिमय और सकारात्मक बना रहा। इस अवसर पर अनेक श्रद्धालुगण मौजूद रहे।