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वर्ष 2024 में गांव चंदावास निवासी महाबीर की हत्या मामले में आरोपी को माननीय न्यायालय ने सुनाई उम्रकैद व जुर्माने की सजा।
 

माननीय श्री डी आर चालिया, जिला एवं सत्र न्यायाधीश के न्यायालय द्वारा वर्ष 2024 में गांव चंदावास निवासी महाबीर की हत्या के मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए उम्रकैद व जुर्माने की सजा सुनाई गई।
 
 

 शिकायतकर्ता मनेश निवासी चंदावास ने थाना जुई कलां पुलिस को शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि दिनांक 13.08.2024 को वह अपने घर पर मौजूद था। रात करीब 11:00 बजे गांव के एक व्यक्ति ने सूचना दी कि उसके पिता महाबीर गांव के वाटर वर्क्स के पास घायल अवस्था में पड़े हुए हैं तथा उन्हें काफी चोटें लगी हुई हैं।

सूचना मिलने पर शिकायतकर्ता अपने अन्य रिश्तेदारों के साथ गांव के वाटर वर्क्स पर पहुंचा, जहां उसने देखा कि उसके पिता महाबीर के आंख व मुंह पर गंभीर चोटों के निशान थे। पूछताछ करने पर घायल महाबीर ने बताया कि किसी बात को लेकर उसकी अशोक के साथ कहासुनी हो गई थी, जिसके बाद अशोक ने उस पर चोट मार दी और मौके से फरार हो गया।

इसके बाद परिवारजन घायल महाबीर को उपचार के लिए हिसार के एक निजी अस्पताल में लेकर गए, जहां उपचार के दौरान दिनांक 20.08.2024 को महाबीर की मृत्यु हो गई। शिकायत के आधार पर थाना जुई कलां में अभियोग संख्या 133 दिनांक 20.08.2024 धारा 103(1) भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत मामला दर्ज किया गया था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम द्वारा आरोपी को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया गया। ट्रायल के दौरान पुलिस द्वारा प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों एवं गवाहों के आधार पर माननीय न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराया।

माननीय न्यायालय ने आरोपी अशोक पुत्र माधव निवासी पश्चिम पांच गजिया, जिला बरायेपुर, पश्चिम बंगाल को धारा 103(1) भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत उम्रकैद की सजा व 5,000/-  रुपये जुर्माना सुनाया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में आरोपी को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

पुलिस अधीक्षक भिवानी श्री सुमित कुमार के द्वारा जिला पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि जिले में हत्या जैसे संगीन अपराधों में शामिल आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर उन्हें न्यायालय में पेश किया जाए तथा ट्रायल के दौरान मजबूती से पैरवी कर पीड़ित पक्ष को समय पर न्याय दिलाया जाए।