कीर्ति नगर में विकास बना विनाश : साल भर से खुदी पड़ी गलियां, बूंद-बूंद पानी को तरसे लोग
अंडरग्राउंड गैस पाइपलाइन के काम के लिए जगह-जगह खोदी गई सडक़े, बना हादसों का भय : पार्षद अंकुर कौशिक
खुदाई के दौरान पेयजल लाईन हुई क्षतिग्रस्त, घर के नलों से गायब हुआ जल : पार्षद अंकुर कौशिक
खुदाई के दौरान पेयजल लाईन हुई क्षतिग्रस्त, घर के नलों से गायब हुआ जल : पार्षद अंकुर कौशिक
Apr 20, 2026, 15:18 IST
भिवानीख् 20 अप्रैल : स्थानीय वार्ड नंबर-5 स्थित कीर्ति नगर के निवासियों के लिए सरकारी विकास कार्य अब जी का जंजाल बन गया है। पिछले करीबन एक साल से क्षेत्र में चल रहे अंडरग्राउंड गैस पाइपलाइन के काम ने स्थानीय लोगों का जीना दूभर कर दिया है। हालात इस कदर बदतर हो चुके हैं कि अब स्थानीय निवासियों का धैर्य जवाब दे गया है, जिसके चलते सोमवार को वार्ड पार्षद अंकुर कौशिक के नेतृत्व में लोगों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर रोष प्रकट किया। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि गैस पाइपलाइन बिछाने वाली कंपनी ने पूरी कॉलोनी की गलियों और मुख्य रास्तों को जगह-जगह से खोद कर छोड़ दिया है। खुदाई के दौरान लापरवाही का आलम यह है कि कई जगह सीवरेज की लाइनों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया है, जिससे क्षेत्र में गंदगी और बदबू का माहौल बना हुआ है। साल भर बीत जाने के बाद भी न तो पाइपलाइन का काम पूरा हुआ है और न ही तोड़ी गई सडक़ों की मरम्मत की गई है। वर्तमान में पड़ रही भीषण गर्मी ने वार्डवासियों की मुश्किलों को दोगुना कर दिया है। खुदाई के कारण पेयजल की लाइनें भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं। जिसके चलते कीर्ति नगर के घरों में नलों से पानी गायब है। वही महिलाओं का कहना है कि उन्हें पीने के पानी के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जबकि प्रशासन मौन साधे बैठा है। वही प्रदर्शन की अध्यक्षता कर रहे वार्ड नंबर-5 के पार्षद अंकुर कौशिक सहित पार्षद जयवीर सिंह रंगा, पार्षद प्रतिनिधि मदन तंवर, पार्षद प्रतिनिधि मदन सुदामा तंवर ने कहा कि कीर्ति नगर की जनता पिछले एक साल से नरकीय जीवन जीने को मजबूर है। विकास के नाम पर पूरी कॉलोनी को खंडहर बना दिया गया है। ठेकेदार पाइपलाइन डालने के बाद सडक़ों को उसी हाल में छोड़ देते हैं, जिससे आए दिन हादसे हो रहे हैं। सीवरेज और पानी की लाइनें आपस में मिल रही हैं, जिससे महामारी फैलने का खतरा बढ़ गया है। हमने बार-बार अधिकारियों को अवगत कराया, लेकिन केवल आश्वासन ही मिले। यदि अगले एक सप्ताह के भीतर सडक़ों की मरम्मत और पानी की सुचारू सप्लाई शुरू नहीं हुई, तो हम नगर परिषद कार्यालय का घेराव करेंगे और बड़े स्तर पर आंदोलन छेड़ेंगे।