{"vars":{"id": "123258:4912"}}

- राष्ट्रीय लोक अदालत  में 11476 केसो का किया निपटान :- सीजेएम पवन कुमार

भिवानी जिले में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में 11 हजार से अधिक मामलों का मौके पर समाधान। सीजेएम पवन कुमार ने बताया कि ₹3,87,57,457 की राशि का निपटान किया गया।

 

भिवानी, 9 मई ।  हरियाणा राज्य विधिक सेवायें प्राधिकरण के आदेशानुसार एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के चेयरमैन व जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीआर. चालिया के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं सीजेएम पवन कुमार ने बताया कि शनिवार को जिला मुख्यालय के अलावा तोशाम, सिवानी व लोहारू न्यायिक परिसर में भी इस वर्ष की दुसरी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। 


सीजेएम पवन कुमार ने बताया कि लोक अदालत वैकल्पिक विवाद समाधान की एक प्रणाली है जो भारत में बदलते समय के साथ एक प्रणाली के रूप में स्थापित हुई है। लोक अदालतें न केवल लंबित विवाद या पार्टियों के बीच उत्पन्न होने वाले विवादों को सुलझाती हैं, बल्कि यह सामाजिक सद्भाव को भी सुनिश्चित करती है क्योंकि विवाद करने वाले पक्ष अपने मामलों को अपनी पूर्ण संतुष्टि के साथ सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझाते हैं। इससे अदालतों के लंबित मामलों में कमी आती है, क्योंकि अपील और संशोधन के रूप में आगे की कार्यवाही को भी समाप्त कर पक्षों की सहमति से मामलों को सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझाया जाता है और त्वरित और प्रभावी तरीके से न्याय दिलाने के लिए उन्हें उपलब्ध कराया जाता है। विवाद के निपटारे के अलावा, पक्षकारों को मामलों की उनके द्वारा भुगतान की गई अदालती फीस की वापसी का लाभ होता है।


मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी पवन‌ कुमार ने कहा कि लोक अदालत में अपराधिक मोटर वाहन दुर्घटना, पारिवारिक मामले, चालान, बैंक ऋण, दीवानी मामले, चेक बाउंस, राजस्व आदि से संबंधित मामले रखे गए। उन्होंने बताया इस आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में भिवानी की लोक अदालत में रखे गए कुल 27173 में से 11476 मामलों का निपटारा गया तथा 38757457  रुपये की कुल राशि का निपटान किया गया। जो कि लोहारू में 70 में से 43, तोशाम में 72 में से 29, सिवानी में 65 में से 37 मामलों का मौके पर ही निपटारा किया गया। इस दौरान प्राधिकरण के सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने बताया कि जिला मुख्यालय पर अतिरिक्त प्रिंसिपल जज फैमिली कोर्ट भिवानी रुपम, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश आशीष कुमार शर्मा, मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी मीता कोहली,  सिविल जज जूनियर डिवीज़न भिवानी हरजोत कौर,  सिविल जज जूनियर डिवीज़न अंतरप्रीत सिंह, सिविल जज जूनियर डिवीज़न सुखबीर सिवानी में , सिविल जज जूनियर डिवीज़न रेनू तोशाम में तथा सिविल जज जूनियर डिवीज़न लोहारु अजय पाल सिंह माल्हीआदि की कोर्टों में मामले रखे गए। इस दौरान दोनों पक्षों के अभिवक्तागण, पैनल अधिवक्तागण, अधिकार‌ मित्र (पीएलवी) भी मौजूद रहे।