Government Statistical Survey: बामला, नकीपुर, मनसरवास और बापोड़ा में एनएसओ अधिकारी जुटाएंगे डेटा, पूरी रहेगी गोपनीयता
भिवानी में राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा विभिन्न सर्वेक्षण किए जा रहे हैं। डीसी साहिल गुप्ता ने नागरिकों से सर्वेक्षण में पूरा सहयोग करने का आह्वान किया है।
डीसी ने सर्वेक्षणों में नागरिकों एवं प्रतिष्ठानों से सहयोग का किया आह्वान
भिवानी, 01 अक्टूबर। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) का क्षेत्र संकार्य प्रभाग (एफओडी) वर्ष 1950 से परिवारों एवं प्रतिष्ठानों से विभिन्न प्रकार की सांख्यिकीय सूचनाएं एकत्र करने का कार्य कर रहा है। इन सूचनाओं का उपयोग राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर योजना निर्माण तथा नीतियों के निर्धारण में किया जाता है।
डीसी साहिल गुप्ता ने बताया कि एनएसओ द्वारा आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण, प्रवासन सर्वेक्षण, राष्ट्रीय घरेलू आय सर्वेक्षण, ऋण एवं निवेश सर्वेक्षण, स्थिति आकलन सर्वेक्षण तथा गैर-निगमित क्षेत्र के उद्यमों का वार्षिक सर्वेक्षण सहित विभिन्न सर्वेक्षण किए जा रहे हैं। इन सर्वेक्षणों के दौरान एनएसओ के अधिकारी चयनित परिवारों एवं प्रतिष्ठानों से संपर्क कर आवश्यक जानकारी प्राप्त करते हैं।
उन्होंने बताया कि अक्टूबर 2026 के दौरान जिला भिवानी में विभिन्न सर्वेक्षणों के तहत चयनित क्षेत्रों में अधिकारियों द्वारा जानकारी एकत्र की जाएगी। प्रवासन संबंधी विवरण सर्वेक्षण बामला, राष्ट्रीय घरेलू आय सर्वेक्षण बामला एवं नकीपुर, एएसयूएसई (गैर-निगमित क्षेत्र के उद्यमों का वार्षिक सर्वेक्षण) भिवानी, आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण मनसरवास तथा ऋण एवं निवेश एवं स्थिति आकलन सर्वेक्षण बापोड़ा में किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि सर्वेक्षणों के दौरान एकत्र की गई सभी सूचनाएं पूर्णत: गोपनीय रखी जाती हैं। सर्वेक्षण में भाग लेने वाले परिवारों एवं प्रतिष्ठानों की पहचान किसी रिपोर्ट अथवा प्रकाशित आंकड़ों में उजागर नहीं की जाती। एकत्रित आंकड़ों का उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों तथा योजना एवं नीतियों के निर्माण के लिए किया जाता है।
उन्होंने जिले के नागरिकों एवं उद्यमियों से आह्वान किया कि वे सर्वेक्षण अधिकारियों को पूरा सहयोग प्रदान करें तथा सर्वेक्षण के दौरान सही एवं पूर्ण जानकारी उपलब्ध करवाने के लिए अपना बहुमूल्य समय दें, ताकि सरकार को बेहतर योजना निर्माण एवं नीति निर्धारण के लिए विश्वसनीय आंकड़े उपलब्ध हो सकें।