Swami Aryavesh Statement: देश की आजादी में आर्य समाज का योगदान सबसे अहम, श्रीराम और श्रीकृष्ण का अपमान करने वाले देश-धर्म विरोधी
भिवानी में स्वामी श्रद्धानंद के बलिदान शताब्दी वर्ष पर तीन दिवसीय पाखंड खंडन सम्मेलन आयोजित किया गया। स्वामी आर्यवेश और आदित्यवेश ने अपने विचार रखे।
देश की आजादी में आर्य समाज की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण रही : स्वामी आर्यवेश
श्रीराम, श्रीकृष्ण और ऋषि दयानंद को गालियां देने वाले देश-धर्म विरोधी : स्वामी आदित्यवेश
भिवानी, 03 अक्तूबर : महान स्वतंत्रता सेनानी स्वामी श्रद्धानंद के बलिदान शताब्दी वर्ष के अवसर पर भिवानी जिले की सभी आर्य समाजों के तत्वावधान में स्थानीय नई अनाज मंडी के नजदीक स्थित तिकोना पार्क में तीन दिवसीय पाखंड खंडन सम्मेलन आयोजित किया गया, जो कि शनिवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। आर्य समाज के मीडिया प्रभारी ओम प्रकाश सैनी ने बताया कि कार्यक्रम की अध्यक्षता सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा नई दिल्ली के प्रधान स्वामी आर्यवेश ने की। मुख्य अतिथि पूर्व विधायक शशि रंजन परमार तथा मुख्य वक्ता सार्वदेशिक आर्य युवक परिषद के राष्ट्रीय महासचिव स्वामी आदित्यवेश रहे। स्वामी आर्यवेश ने कहा कि देश की आजादी में आर्य समाज की भूमिका सबसे अधिक महत्वपूर्ण रही। आर्य समाज ने शिक्षा, सामाजिक सुधार और राष्ट्रीय चेतना के माध्यम से स्वतंत्रता आंदोलन को मजबूत आधार दिया।
स्वामी आदित्यवेश ने कहा कि श्रीराम, श्रीकृष्ण और महर्षि दयानंद जैसे महापुरुषों का अपमान करने वाले देश और धर्म विरोधी हैं। उन्होंने कहा कि आर्य समाज पाखंड, अंधविश्वास और सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध अपना संघर्ष निरंतर जारी रखेगा। पूर्व विधायक शशि परमार ने स्वामी श्रद्धानंद को आजादी का महानायक बताया। हरियाणा मे सामाजिक बुराइयों को मिटाने मे आर्य समाज ने आगे बढक़र कार्य किया।आचार्य विजयपाल ने कहा कि पाखंड भारत के माथे पर कलंक है, जिसे वैचारिक जागरण और तर्कपूर्ण जनचेतना से समाप्त करना होगा।
सहदेव बेधडक़ ने कहा कि सामाजिक कुरीतियों को मिटाने में आर्य समाज के भजनोपदेशकों ने अहम भूमिका निभाई है। अशोक एडवोकेट ने कहा की आर्य समाज युवाओं मे संस्कार निर्माण अभियान को तेज करेगा। कार्यक्रम संयोजक बाबूलाल आर्य ने अतिथियों एवं वक्ताओं का शॉल, स्मृतिचिह्न और पुष्पमालाओं से स्वागत कराया। रामनिवास आर्य, तेजवीर आर्य, तन्नू आर्या और महाशय दीपचंद ने भजन प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में महंत राजनाथ योगी, इंद्रसिंह पूर्व एसडीएम, डॉ. भूप सिंह पूर्व अध्यक्ष कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, अशोक एडवोकेट, रामरख आर्य और जयप्रकाश आर्य, कविता आर्या एडवोकेट ने भी विचार रखे।