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POCSO Court Verdict Bhiwani: नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में आरोपी को 10 साल की कठोर सजा, 30 हजार जुर्माना

भिवानी की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में आरोपी राजेश को 10 साल की कठोर सजा सुनाई है।
 

नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर अपहरण कर ले जाने व दुष्कर्म के मामले में आरोपी राजेश को माननीय न्यायालय ने दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष  कठोर कारावास तथा कुल 30,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।

माननीय न्यायालय श्री सुरुचि अटरेजा सिंह एडिशनल जज फास्ट्रेक स्पेशल कोर्ट भिवानी द्वारा नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर अपहरण कर ले जाने एवं उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में दोष सिद्ध पाए जाने पर आरोपी को कठोर दंड से दंडित किया गया है।

इस संबंध में दिनांक 03.02 2025 को थाना बहल में अभियोग दर्ज की गई थी। पीड़िता के पिता द्वारा पुलिस को शिकायत दी गई थी कि उनकी नाबालिक बेटी को राजेश पुत्र रमेश, निवासी गांव पिंजौखरा, थाना तोशाम, जिला भिवानी बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है तथा उसके साथ दुष्कर्म किया गया।

शिकायत पर थाना बहल पुलिस द्वारा धारा 64(1), 96, 137 बीएनएस एवं धारा 04 पॉक्सो अधिनियम के तहत अभियोग दर्ज कर मामले में प्रभावी कार्रवाई की गई। पुलिस द्वारा आरोपी को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया तथा अनुसंधान के दौरान आवश्यक साक्ष्य एवं दस्तावेज न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए गए। प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप माननीय न्यायालय द्वारा आरोपी को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई गई।

दोषी आरोपी – राजेश पुत्र रमेश, निवासी गांव पिंजौखरा, थाना तोशाम, जिला भिवानी।

धारा 04 पॉक्सो अधिनियम के तहत 10 वर्ष का कठोर कारावास तथा 20,000 रुपये जुर्माना। जुर्माना अदा न करने पर 1 वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।

धारा 137(1)(b) बीएनएस के तहत 07 वर्ष का कठोर कारावास तथा 10,000 रुपये जुर्माना। जुर्माना अदा न करने पर 6 माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।

इस प्रकार माननीय न्यायालय द्वारा आरोपी को उक्त धाराओं में कुल 30,000 रुपये जुर्माने सहित कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है।

पुलिस अधीक्षक भिवानी श्री सुमित कुमार, IPS ने कहा कि महिलाओं एवं नाबालिगों के विरुद्ध अपराधों को जिला पुलिस द्वारा गंभीरता से लिया जा रहा है। ऐसे मामलों में पुलिस द्वारा त्वरित एवं प्रभावी अनुसंधान कर दोषियों को कानून के अनुसार सजा दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। नाबालिगों एवं महिलाओं के विरुद्ध अपराध करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।