- जिले में 28 जून को शून्य से पांच वर्ष आयु वर्ग के एक लाख 27 हजार 299 बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाने का रखा लक्ष्य: एडीसी
- राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान, मलेरिया मुक्त व लिंगानुपात सुधार के लिए सभी विभाग आपसी तालमेल से करें कार्य: दीपक बाबूलाल करवा
- एडीसी श्री करवा ने स्वास्थ्य विभाग व अन्य विभागों को अभियान के क्रियान्वयन बारे दिए जरूरी निर्देश
- एडीसी श्री करवा ने स्वास्थ्य विभाग व अन्य विभागों को अभियान के क्रियान्वयन बारे दिए जरूरी निर्देश
Updated: Jun 10, 2026, 16:08 IST
भिवानी, 10 जून। एडीसी दीपक बाबूलाल करवा की अध्यक्षता में स्थानीय लघु सचिवालय स्थित डीआरडीए हॉल में राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस, मलेरिया व लिंगानुपात सुधार को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में एडीसी ने स्वास्थ्य विभाग व अन्य विभागों को अभियान के क्रियान्वयन बारे जरूरी निर्देश दिए। एडीसी अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान, मलेरिया मुक्त व लिंगानुपात सुधार के लिए सभी विभाग आपसी तालमेल से कार्य करें। जिले में 28 जून को शून्य से पांच वर्ष आयु वर्ग के कुल एक लाख 27 हजार 299 बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सिविल सर्जन डॉ. रघुवीर शांडिल्य ने राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस, मलेरिया व लिंगानुपात सुधार बारे विस्तार से रिपोर्ट प्रस्तुत की।
एडीसी ने राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान की समीक्षा करते हुए बताया कि वर्ष 2016 में भारत को पोलियो मुक्त घोषित किया गया था। केंद्र सरकार के निर्देशानुसार 28 जून को राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान आयोजित किया जाएगा। अभियान का मुख्य उद्देश्य पोलियो वायरस की संक्रमण श्रृंखला को तोडऩा तथा सभी बच्चों को सुरक्षित रखना है। उन्होंने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि बच्चों को पल्स पोलियो अभियान के बारे में जागरूक किया जाए, ताकि वे अपने छोटे भाई-बहनों को 28 जून को पोलियो बूथ तक लेकर आएं। उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग को अपने-अपने क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने तथा समुदाय के प्रत्येक परिवार तक सूचना पहुंचाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने डीडीपीओ को निर्देश दिए कि वे पंचायत स्तर पर गांवों में चौकीदारों के माध्यम से मुनादी करवाई जाए, जिससे अभियान की जानकारी प्रत्येक घर तक पहुंचे और कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे।
एडीसी ने बताया कि जिले में शून्य से पांच वर्ष आयु वर्ग के कुल एक लाख 27 हजार 299 बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए जिलेभर में 618 पोलियो बूथ स्थापित किए जाएंगे। बूथों के अलावा रेलवे स्टेशन, बस अड्डों तथा अन्य सार्वजनिक स्थानों पर विशेष टीमों की तैनाती की जाएगी, ताकि यात्रा कर रहे या बूथों तक नहीं पहुंच पाने वाले बच्चों को भी पोलियो की खुराक दी जा सके।
सिविल सर्जन ने एडीसी को बताया कि अभियान के दौरान विशेष रूप से हाई रिस्क क्षेत्रों, प्रवासी (माइग्रेंट) परिवारों तथा स्लम बस्तियों में रहने वाले बच्चों पर फोकस किया जाएगा। यदि कोई बच्चा बूथ दिवस पर छूट जाता है तो उसे कवर करने के लिए 29 एवं 30 जून को घर-घर जाकर विशेष अभियान चलाया जाएगा।
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- जून माह को एंटी मलेरिया माह के रूप में मनाया जा रहा है: एडीसी
वहीं एडीसी श्री करवा ने मलेरिया नियंत्रण एवं रोकथाम की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा मलेरिया उन्मूलन अभियान में सभी विभाग अपनी-अपनी सक्रिय भूमिका निभाए। उन्होंने बताया कि जून माह को एंटी मलेरिया माह के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने सभी विभाग को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने कार्यालयों में प्रत्येक शुक्रवार को ‘ड्राई डे’ के रूप में मनाएं, जबकि आमजन प्रत्येक रविवार को ‘ड्राई डे’ के रूप में मनाते हुए कूलरों, टंकियों, गमलों, कबाड़ एवं अन्य स्थानों पर जमा पानी को खाली करें। उन्होंने कहा कि सप्ताह में एक दिन पानी के स्रोतों को साफ करने से मच्छरों के लार्वा को पनपने से रोका जा सकता है।
उन्होंने नप अधिकारियों को निर्देश दिए कि खुले में पड़े कचरे, प्लास्टिक तथा ऐसे सभी सामानों को समय पर हटाया जाए ताकि वर्षा अथवा अन्य कारणों से पानी जमा ना हो सके और नियमित रूप से फॉगिंग करवाने को कहा। उन्होंने रोडवेज विभाग को बस अड्डों पर एंटी मलेरिया के स्लोगन चलाए और कार्यशालाओं में पड़े पुराने टायरों तथा अन्य सामग्री में पानी जमा न होने देने के निर्देश दिए। उन्होंने जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को टूटे हुए पाइपों की मरम्मत करने तथा जल रिसाव को रोकने के निर्देश दिए गए, ताकि कहीं भी पानी इक_ा न हो।
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- लिंगानुपात सुधार के लिए अवैध गतिविधियों पर रखें कड़ी नजर, सूचना देने वालों की पहचान रहेगी गोपनीय: एडीसी
- भ्रूण हत्या की सूचना देने पर दिया जाएगा एक लाख रूपए का ईनाम और पहचान रखी जाएगी गुप्त
वहीं एडीसी श्री करवा ने जिले के लिंगानुपात में सुधार, भ्रूण लिंग जांच पर रोक तथा बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की विस्तार से समीक्षा कर स्वास्थ्य विभाग को इसके प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने कैरू, धानना, जमालपुर और मिरान क्षेत्र में लिंगानुपात बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत एएनसी (एंटी नेटल चेकअप) पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए ताकि कोई भी गर्भवती महिला स्वास्थ्य विभाग की निगरानी से बाहर न रहे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लिंगानुपात सुधार को प्राथमिकता देते हुए जागरूकता, निगरानी और प्रवर्तन की गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाया जाए।
बैठक में सिविल सर्जन डॉ. श्री शांडिल्य ने एडीसी श्री करवा को बताया कि पीएनडीटी अधिनियम के तहत जिले में अल्ट्रासाउंड केंद्रों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। जिन गांवों का लिंगानुपात 800 से कम है, वहां विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। सार्वजनिक स्थानों पर बैनर एवं प्रचार सामग्री लगाकर लोगों को बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान से जोड़ा जाएगा तथा आईईसी गतिविधियों को और अधिक बढ़ाया जाएगा। उन्होंने बताया कि भ्रूण हत्या की सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और 30 हजार से एक लाख रुपए तक का पुरस्कार दिया जाता है।
बैठक में जीएम दीपक कुंडू, ईओ राजाराम, पोलियो अभियान के नोडल अधिकारी डॉ. आशीष सांगवान, ईएसआई से सिविल सर्जन डॉ. राहुल दीवान, हेल्थ इंस्पेक्टर जगदीश सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
एडीसी ने राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान की समीक्षा करते हुए बताया कि वर्ष 2016 में भारत को पोलियो मुक्त घोषित किया गया था। केंद्र सरकार के निर्देशानुसार 28 जून को राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान आयोजित किया जाएगा। अभियान का मुख्य उद्देश्य पोलियो वायरस की संक्रमण श्रृंखला को तोडऩा तथा सभी बच्चों को सुरक्षित रखना है। उन्होंने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि बच्चों को पल्स पोलियो अभियान के बारे में जागरूक किया जाए, ताकि वे अपने छोटे भाई-बहनों को 28 जून को पोलियो बूथ तक लेकर आएं। उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग को अपने-अपने क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने तथा समुदाय के प्रत्येक परिवार तक सूचना पहुंचाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने डीडीपीओ को निर्देश दिए कि वे पंचायत स्तर पर गांवों में चौकीदारों के माध्यम से मुनादी करवाई जाए, जिससे अभियान की जानकारी प्रत्येक घर तक पहुंचे और कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे।
एडीसी ने बताया कि जिले में शून्य से पांच वर्ष आयु वर्ग के कुल एक लाख 27 हजार 299 बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए जिलेभर में 618 पोलियो बूथ स्थापित किए जाएंगे। बूथों के अलावा रेलवे स्टेशन, बस अड्डों तथा अन्य सार्वजनिक स्थानों पर विशेष टीमों की तैनाती की जाएगी, ताकि यात्रा कर रहे या बूथों तक नहीं पहुंच पाने वाले बच्चों को भी पोलियो की खुराक दी जा सके।
सिविल सर्जन ने एडीसी को बताया कि अभियान के दौरान विशेष रूप से हाई रिस्क क्षेत्रों, प्रवासी (माइग्रेंट) परिवारों तथा स्लम बस्तियों में रहने वाले बच्चों पर फोकस किया जाएगा। यदि कोई बच्चा बूथ दिवस पर छूट जाता है तो उसे कवर करने के लिए 29 एवं 30 जून को घर-घर जाकर विशेष अभियान चलाया जाएगा।
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- जून माह को एंटी मलेरिया माह के रूप में मनाया जा रहा है: एडीसी
वहीं एडीसी श्री करवा ने मलेरिया नियंत्रण एवं रोकथाम की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा मलेरिया उन्मूलन अभियान में सभी विभाग अपनी-अपनी सक्रिय भूमिका निभाए। उन्होंने बताया कि जून माह को एंटी मलेरिया माह के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने सभी विभाग को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने कार्यालयों में प्रत्येक शुक्रवार को ‘ड्राई डे’ के रूप में मनाएं, जबकि आमजन प्रत्येक रविवार को ‘ड्राई डे’ के रूप में मनाते हुए कूलरों, टंकियों, गमलों, कबाड़ एवं अन्य स्थानों पर जमा पानी को खाली करें। उन्होंने कहा कि सप्ताह में एक दिन पानी के स्रोतों को साफ करने से मच्छरों के लार्वा को पनपने से रोका जा सकता है।
उन्होंने नप अधिकारियों को निर्देश दिए कि खुले में पड़े कचरे, प्लास्टिक तथा ऐसे सभी सामानों को समय पर हटाया जाए ताकि वर्षा अथवा अन्य कारणों से पानी जमा ना हो सके और नियमित रूप से फॉगिंग करवाने को कहा। उन्होंने रोडवेज विभाग को बस अड्डों पर एंटी मलेरिया के स्लोगन चलाए और कार्यशालाओं में पड़े पुराने टायरों तथा अन्य सामग्री में पानी जमा न होने देने के निर्देश दिए। उन्होंने जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को टूटे हुए पाइपों की मरम्मत करने तथा जल रिसाव को रोकने के निर्देश दिए गए, ताकि कहीं भी पानी इक_ा न हो।
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- लिंगानुपात सुधार के लिए अवैध गतिविधियों पर रखें कड़ी नजर, सूचना देने वालों की पहचान रहेगी गोपनीय: एडीसी
- भ्रूण हत्या की सूचना देने पर दिया जाएगा एक लाख रूपए का ईनाम और पहचान रखी जाएगी गुप्त
वहीं एडीसी श्री करवा ने जिले के लिंगानुपात में सुधार, भ्रूण लिंग जांच पर रोक तथा बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की विस्तार से समीक्षा कर स्वास्थ्य विभाग को इसके प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने कैरू, धानना, जमालपुर और मिरान क्षेत्र में लिंगानुपात बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत एएनसी (एंटी नेटल चेकअप) पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए ताकि कोई भी गर्भवती महिला स्वास्थ्य विभाग की निगरानी से बाहर न रहे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लिंगानुपात सुधार को प्राथमिकता देते हुए जागरूकता, निगरानी और प्रवर्तन की गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाया जाए।
बैठक में सिविल सर्जन डॉ. श्री शांडिल्य ने एडीसी श्री करवा को बताया कि पीएनडीटी अधिनियम के तहत जिले में अल्ट्रासाउंड केंद्रों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। जिन गांवों का लिंगानुपात 800 से कम है, वहां विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। सार्वजनिक स्थानों पर बैनर एवं प्रचार सामग्री लगाकर लोगों को बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान से जोड़ा जाएगा तथा आईईसी गतिविधियों को और अधिक बढ़ाया जाएगा। उन्होंने बताया कि भ्रूण हत्या की सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और 30 हजार से एक लाख रुपए तक का पुरस्कार दिया जाता है।
बैठक में जीएम दीपक कुंडू, ईओ राजाराम, पोलियो अभियान के नोडल अधिकारी डॉ. आशीष सांगवान, ईएसआई से सिविल सर्जन डॉ. राहुल दीवान, हेल्थ इंस्पेक्टर जगदीश सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।