भिवानी में मानवता की जीत : सीडब्ल्यूसी, जीआरपी, और पुलिस के प्रयासों से मासूम बच्ची दोबारा परिजनों से मिली
भिवानी, 10 जुलाई : भिवानी रेलवे स्टेशन पर अत्यंत डरी और सहमी हुई स्थिति में मिली एक लावारिस बच्ची को बाल कल्याण समिति भिवानी, राजकीय रेलवे पुलिस और विभिन्न राज्यों की पुलिस टीमों के अथक प्रयासों के बाद सुरक्षित उसके पिता के सुपुर्द कर दिया गया है। देशव्यापी तालमेल और मानवीय संवेदनाओं की यह एक ऐसी मिसाल है जिसने एक बिखरते परिवार को फिर से खुशियों से भर दिया।
इस बारे में जानकारी देते हुए बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) भिवानी के सदस्य अधिवक्ता धीरज सैनी ने बताया कि गत 8 जुलाई को भिवानी रेलवे स्टेशन पर जीआरपी को एक अज्ञात बच्ची मिली। बच्ची अत्यधिक डरी और सहमी हुई थी। भय और मानसिक तनाव के कारण उसकी स्थिति ऐसी नहीं थी कि वह अपना नाम या सही ढंग से अपने घर का पता बता सके। वह बार-बार पूछने पर भी कुछ भी स्पष्ट कर पाने में असमर्थ थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जीआरपी भिवानी ने तुरंत बाल कल्याण समिति भिवानी से संपर्क किया और बच्ची को सुरक्षित संरक्षण में लिया। बच्ची के परिजनों की तलाश के लिए एक व्यापक और त्वरित अभियान शुरू किया गया। जीआरपी, बाल कल्याण समिति और क्राइम ब्रांच ने मिलकर बेहतरीन अंतर्प्रांतीय समन्वय का उदाहरण पेश किया। उत्तर प्रदेश, राजस्थान तथा मध्य प्रदेश के विभिन्न थानों, सीडब्ल्यूसी नेटवर्क और क्राइम ब्रांच विंग्स के माध्यम से बच्ची की तस्वीर और विवरण साझा कर गहन पूछताछ शुरू की गई।
बाल कल्याण समिति भिवानी के चेयरमैन अधिवक्ता प्रदीप सिंह तंवर ने इस सफल अभियान की सराहना करते हुए कहा कि जब यह बच्ची हमें मिली, तो वह गहरे मानसिक तनाव और भय में थी। ऐसे मामलों में हमारा पहला उद्देश्य बच्ची को मानसिक संबल देना और उसे सुरक्षित महसूस कराना होता है। हमारी टीम, जीआरपी भिवानी और तीन राज्यों की पुलिस व क्राइम ब्रांच ने जिस तत्परता और आपसी समन्वय के साथ काम किया, वह अत्यंत सराहनीय है। मध्य प्रदेश के भिंड जिले में बच्ची के परिवार का पता लगाना और आज उसे उसके पिता की सुरक्षित गोद में सौंपना हमारे लिए सबसे संतोषजनक और भावुक क्षण है। यह सामूहिक प्रयास साबित करता है कि कानून और मानवता मिलकर काम करें तो हर संकट का समाधान संभव है।
विभिन्न राज्यों में लगातार किए गए प्रयासों और पुलिस नेटवर्क के बेहतरीन समन्वय के परिणामस्वरूप, आखिरकार मध्य प्रदेश के भिंड जिले में बच्ची के परिवार का सुराग मिल गया। जीआरपी भिवानी ने तुरंत परिवार से संपर्क साधा। सूचना मिलते ही बच्ची के पिता और परिजन भिवानी पहुंचे। आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शुक्रवार को समिति और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में बच्ची को सुरक्षित उसके पिता के हवाले कर दिया गया। अपनी खोई हुई बेटी को वापस पाकर पिता की आँखें छलक आईं और उन्होंने भिवानी प्रशासन व पुलिस का बार-बार आभार व्यक्त किया।
इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन और सफल पुनर्मिलन में जीआरपी भिवानी के इन जांबाज अधिकारियों और कर्मचारियों ने मुख्य भूमिका निभाई, जिनकी तत्परता से एक मासूम का जीवन सुरक्षित हुआ। इनमें बाल कल्याण समिति के सदस्य नीलम रानी , सतेंद्र तंवर , दिनेश अत्री,हैड कांस्टेबल सुदेश कुमारी, कांस्टेबल पूजा रानी, धर्मबीर सिंह , सपोर्ट पर्सन लक्ष्मी , हेमलता व दीपाली का भी विशेष योगदान रहा।