भिवानी रैडक्रॉस में चार दिवसीय फर्स्ट एड व होम नर्सिंग प्रशिक्षण शुरू
भिवानी :
समाजसेवा के प्रति विद्यार्थियों में जागरूकता और संवेदनशीलता बढ़ाने के उद्देश्य से जिला भिवानी में एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवा पहल शुरू की गई है।
सेंट जान एंबुलेंस (इंडिया) हरियाणा राज्य शाखा चंडीगढ़ के निर्देशानुसार भिवानी उपायुक्त एवं रेडक्रॉस अध्यक्ष साहिल गुप्ता के मार्गदर्शन में भिवानी रेडक्रॉस द्वारा चार दिवसीय फर्स्ट एड व होम नर्सिंग प्रशिक्षण अभियान की शुरूआत मंगलवार से की है। भिवानी रेडक्रॉस के सचिव प्रदीप कुमार ने बताया कि यह प्रशिक्षण जूनियर रेडक्रॉस के विद्यार्थियों को प्रदान किया जाना है।
इस प्रशिक्षण अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों को दुर्घटना या बीमारी के समय प्राथमिक उपचार देने के लिए आवश्यक कौशल से लैस करना और उन्हें समाज सेवा के भाव से जोडऩा है। उन्होंने बताया कि यह प्रशिक्षण 16 से 19 सितंबर तक लगातार चार दिनों तक जिला के विभिन्न विद्यालयों में आयोजित किया जा रहा।
जिसमें कुल 400 विद्यार्थियों को फर्स्ट एड व होम नर्सिंग का व्यावहारिक प्रशिक्षण भिवानी रैडक्रॉस के फर्स्ट एड एवं नर्सिंग प्रवक्ताओं द्वारा प्रदान किया जा रहा है।
सचिव प्रदीप कुमार ने कहा कि राजकीय उच्च विद्यालय उमरावत, राजकीय उच्च विद्यालय बड़ाला, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बलियाली, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बलियाली, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सुई, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय हनुमान ढाणी, राजकीय उच्च विद्यालय ढाणी माहू, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय लोहर में यह चार दिवसीय प्रशिक्षण जारी रहेगा।
जिसमें विशेषज्ञ प्रवक्ताओं द्वारा फस्र्ट एड के साथ-साथ घर पर नर्सिंग की बुनियादी तकनीकें भी सिखाई जाएंगी। इसमें विद्यार्थियों को चोट लगने, अस्थायी अवसाद, जलने, घावों की सफाई, सांस संबंधी समस्या आने पर प्राथमिक उपचार देने, ब्लीडिंग रोकने, पुनर्जीवन (सीपीआर) विधियां सहित अन्य आवश्यक स्वास्थ्य संबंधी जानकारियां सिखाई जाएंगी। प्रशिक्षण अभियान के दौरान विद्यार्थियों को सैद्धांतिक जानकारी के साथ-साथ प्रायोगिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, ताकि वे वास्तविक जीवन में इसे प्रभावी रूप से उपयोग कर सकें।
भिवानी रैडक्रॉस सचिव प्रदीप कुमार ने कहा कि आज के समय में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा का ज्ञान होना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। विशेषकर विद्यार्थियों को ऐसे प्रशिक्षण से लैस करना समाज के लिए एक बड़ा योगदान है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे अपने परिवार, स्कूल और समाज में यह ज्ञान फैलाएं ताकि हर व्यक्ति आपातकालीन स्थिति में सही समय पर सहायता प्राप्त कर सके।