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आंधी में धराशायी हुआ वर्षों पुराना विशाल बरगद, काटने की बजाय बचाने की उठी मांग

: टहनियों की छटाई कर क्रेन की मदद से उठाया जा सकता है विशाल बरगद: अशोक भारद्वाज 

: हर घर हरियाली थीम बरगद बचाओ अभियान 2026

 
भिवानी। भिवानी स्थित कृषि विज्ञान केंद्र परिसर में हाल ही में आए तेज आंधी-तूफान के कारण वर्षों से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रहा विशाल बरगद का पेड़ धराशायी हो गया। यह पेड़ गिरकर कृषि विज्ञान केंद्र के भवन पर टिक गया है। हालांकि इसकी जड़ें अभी भी जमीन में सुरक्षित हैं और पूरी तरह उखड़ी नहीं हैं, जिससे इसके पुनर्जीवित होने की संभावना बनी हुई है।
पर्यावरण प्रेमियों और सामाजिक संगठनों ने जिला प्रशासन, वन विभाग तथा कृषि विज्ञान केंद्र प्रबंधन से इस ऐतिहासिक एवं विशाल बरगद को काटने की बजाय बचाने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि यदि समय रहते उचित प्रयास किए जाएं तो बड़ी क्रेनों की सहायता से इस पेड़ को दोबारा खड़ा कर उसके अस्तित्व को बचाया जा सकता है।
पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में लंबे समय से जागरूकता अभियान चला रही सामाजिक संस्था नेताजी सुभाष चंद्र बोस युवा जागृति सेवा समिति के अध्यक्ष एवं भारत सरकार से राष्ट्रीय युवा पुरस्कार विजेता अशोक कुमार भारद्वाज ने कहा कि यह बरगद केवल एक पेड़ नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का जीवंत प्रतीक है। वर्षों से यह पेड़ लोगों, पशु-पक्षियों को छाया प्रदान करने के साथ-साथ जैव विविधता के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
अशोक कुमार भारद्वाज ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा सांसद धर्मवीर सिंह से भी अपील की है कि इस विशाल बरगद को बचाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। उन्होंने सुझाव दिया कि पेड़ की ऊपरी भारी टहनियों की छंटाई कर दो या तीन बड़ी क्रेनों की सहायता से इसे पुनः सीधा खड़ा किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि विश्व पर्यावरण जागरूकता एवं साक्षरता अभियान के तहत इस बरगद को बचाने का प्रयास एक प्रेरणादायक संदेश देगा। पर्यावरण संरक्षण साक्षरता अभियान के सूत्रधार अशोक कुमार ने कहा कि"बरगद बचाओ अभियान" चलाकर संबंधित विभागों से इस धरोहर स्वरूप वृक्ष को संरक्षित करने की मांग की है, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इससे प्रेरणा ले सकें।