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Bhiwani Special Lok Adalat: 3 अक्टूबर को भिवानी, सिवानी, लोहारु और तोशाम में लगेगी विशेष लोक अदालत, चेक बाउंस के मामलों का होगा निपटारा

3 अक्टूबर 2026 को भिवानी, सिवानी, लोहारु और तोशाम में विशेष लोक अदालत का आयोजन। चेक बाउंस मामलों के निपटारे पर रहेगा जोर।
 

तीन अक्टूबर को भिवानी, सिवानी, लोहारु और तोशाम में आयोजित होगी विशेष लोक अदालत

एनआई एक्ट एवं चेक बाउंस से जुड़े मामलों के त्वरित निपटारे को दी जाएगी प्राथमिकता

भिवानी, 22 सितंबर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की चेयरपर्सन एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश डा. गगनदीप कौर सिंह के दिशा-निर्देशानुसार तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी पवन कुमार के मार्गदर्शन में तीन अक्टूबर 2026 को विशेष लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा।

यह विशेष लोक अदालत जिला न्यायालय परिसर भिवानी के साथ-साथ उप-मंडल न्यायालय सिवानी, लोहारु और तोशाम में भी एक साथ आयोजित की जाएगी। विशेष लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य एनआई एक्ट (चेक बाउंस) से संबंधित लंबित मामलों तथा प्री-लिटिगेशन मामलों का आपसी सहमति एवं राजीनामे के आधार पर शीघ्र निपटारा करना है।

एनआई एक्ट और चेक बाउंस मामलों को मिलेगी प्राथमिकता

विशेष लोक अदालत में एनआई एक्ट (चेक बाउंस) से संबंधित लंबित मामलों के साथ-साथ प्री-लिटिगेशन मामलों को भी प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि पक्षकारों के विवादों का जल्द, सरल एवं सुलभ समाधान हो सके।

सीजेएम पवन कुमार ने बताया कि लोक अदालत के माध्यम से मामलों का निपटारा होने से दोनों पक्षों के समय और धन की बचत होती है। लोक अदालत में आपसी सहमति से हुआ फैसला अंतिम होता है और इसके विरुद्ध सामान्यत: अपील का प्रावधान नहीं होता। इससे पक्षकारों के बीच आपसी सौहार्द एवं भाईचारा बनाए रखने में भी सहायता मिलती है।

पक्षकारों, अधिवक्ताओं और बैंक प्रतिनिधियों से अपील

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से सभी संबंधित पक्षकारों, अधिवक्ताओं एवं बैंक प्रतिनिधियों से अपील की गई है कि वे एनआई एक्ट एवं चेक बाउंस से जुड़े मामलों को 3 अक्टूबर 2026 को आयोजित विशेष लोक अदालत में रखकर त्वरित एवं सुलभ न्याय का लाभ उठाएं।

सीजेएम पवन कुमार ने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से मुकदमों का निपटारा करने में पक्षकारों के समय और धन दोनों की बचत होती है। लोक अदालत में दिया गया फैसला अंतिम होता है, जिससे अनावश्यक मुकदमेबाजी से बचने और पक्षकारों के बीच आपसी सौहार्द बनाए रखने में मदद मिलती है।