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समर कैंप में बिखरे कला के अनूठे रंग : चित्रकार शिव कुमार ने बच्चों को सिखाए चित्रकला के गुर
 

कला ही जीवन है और यह नकारात्मकता को सकारात्मकता में बदलती है : चित्रकार शिव कुमार
 
 
भिवानी, 04 जून : स्थानीय हनुमान ढाणी स्थित भारत शिक्षा सदन में चल रहे समर कैंप के तीसरे दिन बच्चों को एक अनूठा और प्रेरणादायी अनुभव प्राप्त हुआ। इस विशेष सत्र में मुख्य अतिथि और मार्गदर्शक के रूप में केशव कला विकास एवं अनुसंधान समिति के अध्यक्ष तथा संस्कार भारती हरियाणा के विभाग संयोजक चित्रकार शिव कुमार ने शिरकत की। उन्होंने बच्चों के बीच पहुंचकर उन्हें चित्रकला की गूढ़ बारीकियों से रूबरू कराया और जीवन में रंगों के वास्तविक महत्व को बेहद सरल ढंग से समझाया। कार्यक्रम में करीबन 70 बच्चों ने भाग लिया।
       शिविर के दौरान चित्रकार शिव कुमार ने न केवल मौखिक रूप से बच्चों का मार्गदर्शन किया, बल्कि उन्होंने स्वयं कैनवास पर एक बेहद सुंदर प्राकृतिक चित्र (पेंटिंग) मौके पर ही लाइव बनाकर दिखाया। कलाकार को अपने सामने इतनी सजीवता से रंगों को बिखेरते देख बच्चे मंत्रमुग्ध हो गए। बच्चों में कला के प्रति एक अभूतपूर्व उत्सुकता देखी गई। इस दौरान बच्चों ने कला के महत्व को गहराई से समझा और भविष्य में कला को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।
      बच्चों को संबोधित करते हुए चित्रकार शिव कुमार ने कहा कि आज के इस दुख भरे और तनावपूर्ण जीवन में निराशा के बीच आशा की किरण लाने के लिए कला का बहुत बड़ा महत्व है। सच कहें तो कला ही जीवन है। यह हमें नकारात्मक विचारों से दूर ले जाकर हमारी सोच को सकारात्मकता (पॉजिटिविटी) में बदलने का काम करती है।
    इस मौके पर भारत शिक्षा सदन एवं केशव कला विकास एवं अनुसंधान समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि चित्रकला के माध्यम से हम अपने अंतर्मन के विचारों को कैनवास पर उतारकर समाज में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। समाज को एक सकारात्मक संदेश देने के लिए ही हम वॉल पेंटिंग का प्रयोग करते हैं। हमें अपने जीवन में अपनी पसंद की कला को विशेष स्थान देना चाहिए और अपने देश के विकास में अपनी कला की आहुति देकर राष्ट्र को परम वैभव तक ले जाना चाहिए।
     इस अवसर पर बच्चों का उत्साहवर्धन करने के लिए विद्यालय की प्रधानाचार्य कमला भारद्वाज, विकास चांवरिया, राजेश शर्मा सहित विद्यालय के सभी शिक्षकगण व स्टाफ मौजूद रहे। प्रधानाचार्य कमला भारद्वाज ने चित्रकार शिव कुमार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के व्यावहारिक सत्रों से बच्चों के भीतर छिपी बहुमुखी प्रतिभा को निखरने का सही मंच मिलता है।