तिगड़ाना गांव में बिजली संकट : ग्रामीणों ने उठाई आवाज
दूरी अधिक होने के कारण मामूली तकनीकी खरीबी के कारण भी घंटों तक बाधित रहती है सप्लाई : सरपंच सुरेंद्र
मंढ़ाणा से सप्लाई होने से वोल्टेज की समस्या और लंबे कटों ने जीना किया मुहाल : नवीन तिगड़ाना
भिवानी, 06 मई : गांव तिगड़ाना के ग्रामीणों ने गांव की चरमराई बिजली व्यवस्था को सुचारू करने के लिए मोर्चा खोल दिया है। वर्तमान में गांव की बिजली सप्लाई मंढ़ाणा फीडर से जुड़ी हुई है, जिससे दूरी अधिक होने के कारण ग्रामीणों को आए दिन भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या के स्थाई समाधान के लिए ग्रामीणों ने बुधवार को बिजली निगम के एसई के नाम एक मांग पत्र सौंपा। उन्होंनें मांग की कि गांव की बिजली सप्लाई को मंढ़ाणा फीडर से हटाकर भिवानी से जोड़ा जाए, दूरी कम होने से लाइन में आने वाले बार-बार के व्यवधान को रोका जाए, ग्रामीणों को नियमित और पर्याप्त वोल्टेज के साथ बिजली उपलब्ध कराई जाए। ग्रामीणों का कहना है कि मंढ़ाणा की दूरी अधिक होने के कारण लाइन में अक्सर तकनीकी खामियां आती रहती हैं।
मामूली आंधी या मौसम खराब होने पर सप्लाई घंटों बाधित रहती है, जिससे बच्चों की पढ़ाई से लेकर खेती-बाड़ी के काम प्रभावित हो रहे हैं। एसई को ज्ञापन सौंपते हुए सरपंच सुरेंद्र, नवीन तिगड़ाना व मा. कर्मबीर ने कहा कि मंढ़ाणा फीडर से दूरी ज्यादा होने के कारण गांव की बिजली सप्लाई बार-बार बाधित होती रहती है। पूरा गांव इस अव्यवस्था से अत्यधिक परेशान है। वे मांग करते है कि तिगड़ाना की बिजली लाइन को भिवानी से जोड़ा जाए। अगर ऐसा होता है, तो गांव को निर्बाध बिजली मिल सकेगी और बार-बार आने वाले फॉल्ट से निजात मिलेगी। उन्होंने कहा कि बिजली आज के समय की बुनियादी जरूरत है। मंढ़ाणा से सप्लाई होने के कारण वोल्टेज की समस्या और लंबे कटों ने ग्रामीणों का जीना मुहाल कर दिया है। भिवानी से सीधा कनेक्शन होने पर लाइन लॉस भी कम होगा और ग्रामीणों को राहत मिलेगी। विभाग को जल्द से जल्द इस पर कार्रवाई करनी चाहिए। ग्रामीणों ने पत्र के माध्यम से एसई भिवानी को अवगत कराया है कि यदि समय रहते सप्लाई को भिवानी फीडर से नहीं जोड़ा गया, तो ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ जाएगी। इस अवसर पर अनिल परमार, अमित कुमार, मनोज, रवि, विकास, साहिल, इंद्रपाल, भारत-तिगड़ाना,अमन,प्रमोद,डॉक्टर सेली,मीनू,मनीष,मनोज चौहान,परवीन,धीरज सहित अनेक ग्रामीण मौजूद रहे।