भिवानी के वीएलडीए का बड़ा ऐलान : एसओपी लागू होने तक पशु टीकाकरण का पूर्ण बहिष्कार
बिना आवश्यक संसाधनों और उचित एसओपी के लागू करना चाहता है विभाग : जिला प्रधान परमानंद
भिवानी, 10 मई : रविवार को मुर्रा बुल फार्म में वेटनरी सर्विस एसोसिएशन (00812) की भिवानी जिला इकाई की एक महत्वपूर्ण सभा आयोजित की गई। इस सभा में जिले के सभी वीएलडीए ने एक स्वर में हुंकार भरते हुए सरकार और विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। एसोसिएशन ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक भारत सरकार द्वारा निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) को पूरी तरह लागू नहीं किया जाता, तब तक जिले में टीकाकरण अभियान शुरू नहीं किया जाएगा। सभा की अध्यक्षता वरिष्ठ वीएलडीए जितेन्द्र घनघस द्वारा की गई।
बैठक में जिले भर से आए पशु चिकित्सक सहायकों ने वैक्सीनेशन कैंपेन के दौरान आने वाली व्यावहारिक और तकनीकी समस्याओं को साझा किया। सभा को संबोधित करते हुए वेटनरी सर्विस एसोसिएशन (00812) के जिला प्रधान परमानंद ने भारत सरकार द्वारा जारी एसओपी और जमीनी हकीकत के बीच के अंतर को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि हम पशुधन की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्ध हैं, लेकिन विभाग वैक्सीनेशन कैंपेन को बिना आवश्यक संसाधनों और उचित एसओपी के लागू करना चाहता है। एफएमडी (खुरपका-मुंहपका) प्लस एचएस वैक्सीनेशन के लिए जो नियम निर्धारित हैं, उन्हें ताक पर रखकर वीएलडीए पर दबाव बनाया जा रहा है। इस दौरान प्रस्ताव पारित किया गया कि भिवानी जिला इकाई अपनी मांगों को लेकर अडिग है।
उन्होंने कहा कि जब तक विभाग एफएमडी प्लस एचएस वैक्सीनेशन की एसओपी को पूरी तरह से लागू नहीं करता, तब तक जिले का कोई भी वीएलडीए टीकाकरण कार्य शुरू नहीं करेगा। भिवानी इकाई ने स्पष्ट किया कि वे इस मुद्दे पर राज्य कार्यकारिणी के हर निर्णय के साथ खड़ी है और विरोध प्रदर्शन में कंधे से कंधा मिलाकर चलेगी। वीएलडीए ने मांग की कि टीकाकरण के दौरान पशुओं की सुरक्षा और कर्मचारियों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। कर्मचारियों का तर्क है कि भारत सरकार द्वारा निर्मित नई एसओपी में कई ऐसे बिंदु हैं जो फील्ड में काम करने वाले वीएलडीए की सुरक्षा और कार्यक्षमता से जुड़े हैं। विभाग इन नियमों को अनदेखा कर केवल कागजी लक्ष्यों को पूरा करने में जुटा है, जिससे फील्ड स्टाफ में भारी असंतोष है। इस अवसर पर सचिव जयबीर खींची, वीरेंद्र बाजिया, सुनील शर्मा, तोशाम सबडिवीजन से धर्मपाल, अशोक तथा लोहारू से लक्की अनेक अन्य वीएलडीए मौजूद रहे।