बीएलओ के साथ समन्वय स्थापित कर बीएलए घर-घर सत्यापन कार्य में करें सहयोग: जिला निर्वाचन अधिकारी
- मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर डीसी ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों साथ की समीक्षा बैठक
Jun 11, 2026, 16:39 IST
भिवानी, 11 जून। उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी साहिल गुप्ता की अध्यक्षता में लघु सचिवालय स्थित उनके कार्यालय में जिले के मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में डीसी ने निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों तथा कार्यक्रम की रूपरेखा पर विस्तार से समीक्षा की।
डीसी श्री गुप्ता ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से प्रत्येक मतदान केंद्र पर बूथ लेवल एजेंट (बीएलए-2) नियुक्त करने तथा उनकी सूची जिला निर्वाचन कार्यालय में उपलब्ध करवाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी राजनीतिक दलों का सहयोग अति आवश्यक है। उन्होंने बीएलओ के साथ समन्वय स्थापित कर घर-घर सत्यापन कार्य में सहयोग करने का आह्वान किया।
बैठक में उन्होंने बताया कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के लिए एक जुलाई 2026 को अर्हता तिथि निर्धारित की गई है। इसके तहत 15 जून से 14 जुलाई 2026 तक बीएलओ घर-घर जाकर गणना एवं सत्यापन कार्य करेंगे। प्रारंभिक मतदाता सूची का प्रकाशन 21 जुलाई 2026 को किया जाएगा। इसके बाद 21 जुलाई से 20 अगस्त 2026 तक दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी तथा 21 जुलाई से 18 सितंबर 2026 तक उनका निपटारा किया जाएगा। अंतिम फोटोयुक्त मतदाता सूची का प्रकाशन 22 सितंबर 2026 को किया जाएगा।
उपायुक्त ने बताया कि जिन मतदाताओं का जन्म 1 जुलाई 1987 से पूर्व हुआ है, उन्हें केवल स्वयं का एक दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा। वहीं 1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच जन्मे मतदाताओं को स्वयं का एक दस्तावेज तथा माता या पिता में से किसी एक का दस्तावेज देना होगा। दो दिसंबर 2004 के बाद जन्मे मतदाताओं को स्वयं के साथ माता एवं पिता दोनों का एक-एक दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा।
उन्होंने बताया कि पहचान एवं सत्यापन के लिए कर्मचारी पहचान पत्र, पेंशन दस्तावेज, जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, शैक्षणिक प्रमाण पत्र, स्थायी निवास प्रमाण पत्र, वन अधिकार प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर, भूमि या मकान आवंटन पत्र तथा आधार कार्ड सहित विभिन्न दस्तावेज मान्य होंगे।
उपायुक्त ने कहा कि बीएलओ को घर-घर सर्वेक्षण से पूर्व प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बीएलओ प्रत्येक मौजूदा मतदाता को पूर्व मुद्रित विवरण सहित गणना प्रपत्र उपलब्ध करवाएंगे तथा फॉर्म भरने में मार्गदर्शन करेंगे। मतदाता निर्वाचन आयोग की वेबसाइट से भी गणना प्रपत्र डाउनलोड कर सकेंगे।
उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम को सुचारू रूप से संपन्न करवाने में सक्रिय सहयोग करें ताकि जिले की मतदाता सूची अधिक से अधिक शुद्ध, अद्यतन एवं त्रुटिरहित बनाई जा सके।
इस अवसर पर नगराधीश अनिल कुमार, निर्वाचन कानूनगो रामफल व अनिल, कांग्रेस पार्टी से प्रदीप गुलिया, शिव कुमार एवं संजीव, भारतीय जनता पार्टी से रमेश लालावास, दिनेश वर्मा एवं शिव कुमार, इंडियन नेशनल लोकदल से अशोक सिंह, आम आदमी पार्टी से डॉ. सुरेश, संजीव कुमार, सीपीआईएम से कामरेड ओमप्रकाश, जेजेपी संजय कारखल व देवेन्द्र नकीपुर सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
डीसी श्री गुप्ता ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से प्रत्येक मतदान केंद्र पर बूथ लेवल एजेंट (बीएलए-2) नियुक्त करने तथा उनकी सूची जिला निर्वाचन कार्यालय में उपलब्ध करवाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी राजनीतिक दलों का सहयोग अति आवश्यक है। उन्होंने बीएलओ के साथ समन्वय स्थापित कर घर-घर सत्यापन कार्य में सहयोग करने का आह्वान किया।
बैठक में उन्होंने बताया कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के लिए एक जुलाई 2026 को अर्हता तिथि निर्धारित की गई है। इसके तहत 15 जून से 14 जुलाई 2026 तक बीएलओ घर-घर जाकर गणना एवं सत्यापन कार्य करेंगे। प्रारंभिक मतदाता सूची का प्रकाशन 21 जुलाई 2026 को किया जाएगा। इसके बाद 21 जुलाई से 20 अगस्त 2026 तक दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी तथा 21 जुलाई से 18 सितंबर 2026 तक उनका निपटारा किया जाएगा। अंतिम फोटोयुक्त मतदाता सूची का प्रकाशन 22 सितंबर 2026 को किया जाएगा।
उपायुक्त ने बताया कि जिन मतदाताओं का जन्म 1 जुलाई 1987 से पूर्व हुआ है, उन्हें केवल स्वयं का एक दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा। वहीं 1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच जन्मे मतदाताओं को स्वयं का एक दस्तावेज तथा माता या पिता में से किसी एक का दस्तावेज देना होगा। दो दिसंबर 2004 के बाद जन्मे मतदाताओं को स्वयं के साथ माता एवं पिता दोनों का एक-एक दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा।
उन्होंने बताया कि पहचान एवं सत्यापन के लिए कर्मचारी पहचान पत्र, पेंशन दस्तावेज, जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, शैक्षणिक प्रमाण पत्र, स्थायी निवास प्रमाण पत्र, वन अधिकार प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर, भूमि या मकान आवंटन पत्र तथा आधार कार्ड सहित विभिन्न दस्तावेज मान्य होंगे।
उपायुक्त ने कहा कि बीएलओ को घर-घर सर्वेक्षण से पूर्व प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बीएलओ प्रत्येक मौजूदा मतदाता को पूर्व मुद्रित विवरण सहित गणना प्रपत्र उपलब्ध करवाएंगे तथा फॉर्म भरने में मार्गदर्शन करेंगे। मतदाता निर्वाचन आयोग की वेबसाइट से भी गणना प्रपत्र डाउनलोड कर सकेंगे।
उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम को सुचारू रूप से संपन्न करवाने में सक्रिय सहयोग करें ताकि जिले की मतदाता सूची अधिक से अधिक शुद्ध, अद्यतन एवं त्रुटिरहित बनाई जा सके।
इस अवसर पर नगराधीश अनिल कुमार, निर्वाचन कानूनगो रामफल व अनिल, कांग्रेस पार्टी से प्रदीप गुलिया, शिव कुमार एवं संजीव, भारतीय जनता पार्टी से रमेश लालावास, दिनेश वर्मा एवं शिव कुमार, इंडियन नेशनल लोकदल से अशोक सिंह, आम आदमी पार्टी से डॉ. सुरेश, संजीव कुमार, सीपीआईएम से कामरेड ओमप्रकाश, जेजेपी संजय कारखल व देवेन्द्र नकीपुर सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।