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- अब 24 जुलाई तक घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे बीएलओ
 

- भारत निर्वाचन आयोग एसआईआर अभियान की तारीख बढ़ाई
- अब तक जिला भिवानी में कुल 88.11 प्रतिशत मतदाताओं का हुआ डिजिटाइजेशन
-31 जुलाई को होगा मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशन, 30 अगस्त तक किए जा सकेंगे दावे एवं आपत्तियां
 

भिवानी,14 जुलाई। डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी साहिल गुप्ता ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान-2026 का संशोधित कार्यक्रम जारी किया गया है। आयोग के निर्देशानुसार मतदाता सूची के पुनरीक्षण से संबंधित सभी गतिविधियां संशोधित कार्यक्रम के अनुसार निर्धारित समय सीमा में पूरी की जाएंगी। संशोधित कार्यक्रम के अनुसार बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर सत्यापन का कार्य अब 24 जुलाई तक किया जाएगा। इसके साथ ही मतदान केंद्रों के युक्तिकरण एवं रेशनेलाइजेशन का कार्य भी 24 जुलाई तक पूरा किया जाएगा।
 जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि जिले में मतदाता सूची के डिजिटलीकरण का कार्य भी तेजी से जारी है। जिला भिवानी के कुल 8,84,173 मतदाताओं में से 88.11 प्रतिशत मतदाताओं का सफलतापूर्वक डिजिटलीकरण किया जा चुका है। विधानसभा क्षेत्रवार प्रगति की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि लोहारू विधानसभा क्षेत्र (94) में कुल 2,05,039 मतदाताओं में से 95.00 प्रतिशत, भिवानी विधानसभा क्षेत्र (57) में कुल 2,36,285 मतदाताओं में से 80.55 प्रतिशत, तोशाम विधानसभा क्षेत्र (58) में कुल 2,23,943 मतदाताओं में से 92.07 प्रतिशत तथा बवानी खेड़ा विधानसभा क्षेत्र (59) में कुल 2,18,906 मतदाताओं में से 81.73 प्रतिशत मतदाताओं का डिजिटलीकरण पूरा किया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि 31 जुलाई 2026 को मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशन किया जाएगा। इसके बाद 31 जुलाई से 30 अगस्त 2026 तक पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम जोडऩे, संशोधन कराने अथवा आपत्तियां दर्ज कराने के लिए आवेदन कर सकेंगे। दावों एवं आपत्तियों का निस्तारण 28 सितंबर 2026 तक किया जाएगा तथा 3 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा।
डीसी ने जिले के सभी पात्र मतदाताओं से अपील की कि वे बीएलओ को घर-घर सत्यापन के दौरान पूरा सहयोग दें तथा प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद अपने नाम, पते एवं अन्य विवरण का अवश्य मिलान करें। यदि किसी प्रकार की त्रुटि हो तो निर्धारित अवधि के भीतर दावा या आपत्ति प्रस्तुत करें।
वहीं दूसरी ओर डीसी ने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि शेष मतदाताओं का डिजिटलीकरण तथा मतदाता सूची पुनरीक्षण का कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए, ताकि प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची में सही रूप से दर्ज हो सके।