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वार्ड 27 में हाहाकार, 6 दिनों से बूंद-बूंद को तरसे लोग, अवैध रूप से पाइपलाइन काटने का आरोप
 

पेयजल समस्या से परेशान भिवानी के वार्ड-27 वीरवान पाना के क्षेत्रवासियों ने जताया रोष
क्षेत्रवासियों का आरोप : कुछ रसूखदारों को फायदा पहुंचाने के लिए काटी 60 परिवारों की पेयजल लाइन
बिना परमिशन काट दी पाइपलाइन, 6 दिनों से बूंद-बूंद को तरसे : क्षेत्रवासी
 
 

भिवानी, 02 मई : शहर के वार्ड नंबर 27 में पेयजल संकट ने विकराल रूप धारण कर लिया है। पिछले 6 दिनों से घरों के नल सूखे पड़े हैं, जिससे स्थानीय नागरिकों का धैर्य जवाब दे गया है। क्षेत्रवासियों ने शनिवार को वार्ड नंबर-27 के वीरवार पाना में प्रशासन और संबंधित विभाग के खिलाफ कड़ा रोष जताते हुए आरोप लगाया है कि कुछ रसूखदार लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए बिना किसी आधिकारिक अनुमति के पेयजल लाइन को अवैध तरीके से काट दिया गया है। इस दौरान प्रदर्शन करने वालों में क्षेत्रवासी दीपक, राहुल, सुरेंद्र, रवि, रवि कुमार, आनंद, बंटी राव, जैकी शर्मा, विनोद कुमार, संदीप कुमार, दयाकिशन, रामधारी, बनवारी, रिंकू, राजू, राजेंद्र, राजेश, संदीप, विकास, अभिषेक, मुन्ना, अजय, रामफल, सुशीला, लक्ष्मी, पूजा, राजबाला, रामकली, सावित्री सहित अनेक क्षेत्रवासी मौजूद रहे।


     स्थानीय क्षेत्रवासियों ने आरोप लगाया कि यह समस्या प्राकृतिक नहीं, बल्कि जानबूझकर पैदा की गई है। उनका कहना है कि कुछ दिन पहले विभाग के कर्मचारियों ने यह कहकर खुदाई शुरू की थी कि यहां काला पानी आता है। जबकि हकीकत में यहां पानी की सप्लाई बिल्कुल सुचारू थी। बिना किसी ठोस कारण और बिना उच्चाधिकारियों की अनुमति के लाइन को काट दिया गया, जिसके चलते आज करीब 60 परिवारों के सामने पीने के पानी का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की ऐसी क्या मजबूरी थी कि एक सुचारू लाइन को काटकर 60 परिवारों को प्यासा छोड़ दिया गया। यह सब किसी खास व्यक्ति के निजी फायदे के लिए किया गया है।


      समस्या सिर्फ पानी की कमी तक सीमित नहीं है। वार्डवासियों ने बताया कि इलाके में सीवरेज की व्यवस्था पूरी तरह ठप है। पाइपलाइन कटने और सीवरेज जाम होने के कारण स्थिति बदतर हो गई है। जब भी लोग पानी खींचने के लिए मोटर चलाते हैं, तो नलों से बदबूदार सीवरेज का पानी आता है, जिससे महामारी फैलने का डर बना हुआ है। उनका कहना है कि उन्होंने इस संबंध में संबंधित अधिकारियों से गुहार लगाई थी। अधिकारियों ने आश्वासन तो दिया कि जल्द ही सप्लाई सुचारू कर दी जाएगी, लेकिन धरातल पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। नागरिकों का कहना है कि यह समस्या अधिकारियों की मिलीभगत से खुद पैदा की गई है।


      क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि बिना परमिशन के सरकारी पाइपलाइन काटने वाले दोषियों के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज की जाए, पेयजल सप्लाई को अगले 24 घंटों के भीतर सुचारू किया जाए तथा जाम पड़े सीवरेज को साफ किया जाए ताकि स्वच्छ जल की आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही क्षेत्रवासियों ने प्रशासन को दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी प्यास बुझाने के इंतजाम नहीं किए गए, तो वे सडक़ों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन करेंगे और रोड जाम करने को मजबूर होंगे। उन्होंने साफ कहा कि जनता के मौलिक अधिकारों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।