अंतिम संस्कार के बाद अब सीबीआई के हैंडओवर होगा केस : डीजीपी
हरियाणा पुलिस के DGP शत्रुजीत कपूर ने गुरुवार को भिवानी में मनीषा मौत केस को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि हमने एक यंग बिटिया को खो दिया।
बेटियां सबकी सांझी होती हैं। मां-बाप और परिवार का दुख हम सब समझते हैं। इस दुख की घड़ी में हम उनके साथ खड़े हैं।
उन्होंने कहा कि परसों रात हमें परिवार की तरफ से एक मांग प्राप्त हुई कि इस केस की जांच CBI को दे दिया जाए। जिसे तुरंत CM ने मान लिया और इस बारे में ट्वीट किया। कल सुबह हमें एक और मांग प्राप्त हुई कि इसका तीसरा पोस्टमॉर्टम दिल्ली एम्स से कराया जाए। हमने कल ही एम्स से तीसरा पोस्टमॉर्टम भी करा दिया।
DGP ने कहा कि पहला पोस्टमॉर्टम भिवानी में डॉक्टरों के बोर्ड ने किया था। उसके बाद एहतियातन सबसे पुराने और प्रतिष्ठित PGI रोहतक में सेकेंड पोस्टमॉर्टम कराया गया। डॉक्टर ने कुछ सैंपल लिए और कुछ टेस्ट के लिए कहा ताकि वह ओपिनियन दे सकें।
वह सारे टेस्ट रोहतक और मधुबन में राष्ट्रीय स्तर की लैब में कराए गए। सोमवार को हमें कुछ रिपोर्ट मिलीं। उसके बाद पीजीआई रोहतक के डायरेक्टर ने सीनियर डॉक्टरों का बोर्ड बनाया। सारी रिपोर्ट उनके सामने रखी गईं। जिसके बाद दोनों पोस्टमॉर्टम के आधार पर उन्होंने अपनी ओपिनियन दी।
DGP ने कहा- केस CBI को देने का जो निर्णय हुआ, इससे PGI के वैज्ञानिक और डॉक्टरों की काबिलियत पर कोई प्रश्नचिन्ह नहीं है। परिवार की मांग थी और सरकार की ट्रांसपेरेंसी की कमिटमेंट के साथ जनभावना को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया।
डीजीपी ने कहा कि इसकी एक प्रक्रिया है, उसे पूरी कर केस CBI को ट्रांसफर कर दिया जाएगा। जिन परिस्थितियों में ये सब हुआ, वह भी CBI की जांच में निकलकर सामने आ जाएगा। इस सारे प्रकरण में बहुत सारे लोगों ने समझदारी दिखाई। एक समय था, जब भीड़ के पास कोई नेतृत्व नहीं था, तब बहुत सारे लोगों ने अच्छा रोल प्ले किया।
इस दौरान कुछ ऐसे लोग भी थे, जिन्होंने भ्रामक और तथ्यात्मक रूप से गलत प्रचार कर अराजकता का माहौल बनाने का प्रयास किया। सुर्खियां बटोरेने के लिए कुछ शरारती तत्व आ जाते हैं, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।