-बापोड़ा की अंजलि ने CSIR -JRF में ऑल इंडिया रैंक 32 हासिल कर बढ़ाया CBLU का मान
भिवानी 25 जून 2026
चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय, भिवानी के माइक्रोबायोलॉजी (सूक्ष्मजीव विज्ञान) विभाग के विद्यार्थियों ने शिक्षा, अनुसंधान और प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर एक बार फिर विश्वविद्यालय का गौरव बढ़ाया है। वर्ष 2026 में विभाग के चार विद्यार्थियों ने देश की प्रतिष्ठित सीएसआईआर-यूजीसी जेआरएफ परीक्षा में सफलता प्राप्त कर विभाग और विश्वविद्यालय का नाम रोशन किया है।
अंजलि ने अखिल भारतीय रैंक 32 कर दिखाया कमाल
बापोड़ा गांव की छात्रा अंजलि ने सीएसआईआर-यूजीसी जेआरएफ परीक्षा में अखिल भारतीय रैंक 32 प्राप्त कर विशेष उपलब्धि हासिल की है। वर्तमान में अंजलि पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च, चंडीगढ़ (स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान, चंडीगढ़) के मेडिकल माइक्रोबायोलॉजी (चिकित्सा सूक्ष्मजीव विज्ञान) विभाग में पीएचडी (विद्यावाचस्पति) कर रही हैं और चिकित्सा अनुसंधान के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रही हैं।
इसके साथ ही विभाग के गुरजीत, मोनिका और तन्नु ने भी इस परीक्षा में शानदार रैंक प्राप्त कर अपनी कड़ी मेहनत का परिचय दिया है। गुरजीत वर्तमान में कुरुक्षेत्र में अपनी नीट (राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा) कोचिंग अकादमी संचालित कर रहे हैं और शिक्षा के माध्यम से युवाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
शोध और उद्योग में भी छात्रों का डंका
माइक्रोबायोलॉजी विभाग के विद्यार्थी केवल शिक्षा और अनुसंधान तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उद्योग और शोध संस्थानों में भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। विभाग की पूर्व छात्रा शिल्पा ने वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च) के प्रमुख संस्थान सीएसआईआर-आईएमटेक, चंडीगढ़ (इंस्टीट्यूट ऑफ माइक्रोबियल टेक्नोलॉजी, चंडीगढ़) में प्रोजेक्ट असिस्टेंट (परियोजना सहायक) के रूप में कार्यभार ग्रहण किया है। विभाग के अन्य पूर्व छात्र भी देश की अग्रणी फार्मा (औषधि) और बायोटेक (जैव प्रौद्योगिकी) कंपनियों में उच्च पदों पर कार्यरत हैं।
करियर काउंसलिंग (वृत्ति मार्गदर्शन) से मिला मार्गदर्शन
विद्यार्थियों को भविष्य की दिशा देने के उद्देश्य से माइक्रोबायोलॉजी विभाग ने हाल ही में ऑनलाइन करियर काउंसलिंग सत्र का आयोजन किया। इस सत्र में विभाग के पूर्व विद्यार्थियों और शोधार्थियों (शोधकर्ताओं) ने अपनी शैक्षणिक यात्रा, शोध अनुभव और जीवन की चुनौतियों को जूनियर छात्रों के साथ साझा किया। वक्ताओं ने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि निरंतर मेहनत, अनुशासन और सही मार्गदर्शन से हर लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।
कुलगुरु प्रो दीप्ति धर्माणी एवं कुलसचिव प्रो. भावना शर्मा,डीन प्रो. ललिता गुप्ता ने होनहार विद्यार्थियों को उनकी सफलता के लिए बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।
उज्ज्वल भविष्य की राह पर विभाग
विभागाध्यक्ष डॉ अश्वनी कुमार ने बताया कि आज माइक्रोबायोलॉजी शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पर्यावरण और उद्योग सभी क्षेत्रों में अत्यंत महत्वपूर्ण हो गया है। विभाग विद्यार्थियों को अकादमिक उत्कृष्टता के साथ अनुसंधान और उद्योग की जरूरतों के अनुसार तैयार करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। छात्रों की यह उपलब्धि इसी का परिणाम है।
इस अवसर पर डॉ. प्रीति और डॉ. ललिता ने कहा कि यह विभाग के लिए एक बड़ी उपलब्धि है । विद्यार्थियों की यह सफलता कड़ी मेहनत और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे नवाचार (इनोवेशन) और दृढ़ निश्चय के साथ विज्ञान के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करें।