माघ मास में किया गया जप, तप और दान देता अक्षय फल : चरणदास महाराज
भिवानी
छोटी काशी भिवानी के हनुमान जोहड़ी धाम में माघ मास के पावन उपलक्ष्य पर श्रद्धा और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। मंदिर के महंत बालयोगी चरणदास महाराज के पावन सान्निध्य में चल रहे मासिक माघ मेला महोत्सव ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया है। इस दौरान कल्पवास और विश्व शांति महायज्ञ के बीच कथाव्यास ने भगवान राम के प्राकट्य की महिमा का गुणगान किया।
श्री राम जन्म पर व्यास पीठ का पूजन मनोज सैनी, सरोज सैनी, नरेश शर्मा, नीलम शर्मा, रमेश सैनी द्वारा किया गया। इस दौरान अनेकों माता व बहनों ने दी बधाई वे मंगल गीत गाए। महोत्सव के मुख्य आकर्षण के रूप में कथाव्यास पंडित विजय भारद्वाज बुवानीवाले ने भगवान श्री राम के जन्म की कथा का अत्यंत मार्मिक और विस्तारपूर्वक वाचन किया।
कथा के दौरान उन्होंने बताया कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म बढ़ता है, तब-तब भगवान मानवीय रूप में अवतार लेकर धर्म की स्थापना करते हैं। पंडित विजय भारद्वाज ने विस्तार से बताया कि कैसे राजा दशरथ के आंगन में प्रभु के आगमन से न केवल अयोध्या बल्कि समस्त चराचर जगत आनंदित हो उठा था। इस मौके पर बालयोगी महंत चरणदस महाराज ने कहा कि माघ मास में किया गया जप, तप और दान अक्षय फल प्रदान करता है।
उन्होंने राम जन्म के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भगवान राम का जीवन हमें मर्यादा, त्याग और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने बताया कि 17 जनवरी को धाम में भगवान श्री राम और माता सीता के विवाह की कथा का विशेष वाचन किया जाएगा। यह प्रसंग वैवाहिक आदर्शों और भक्ति के शिखर को दर्शाता है।
हनुमान जोहड़ी धाम में केवल कथा ही नहीं, बल्कि साधना का भी विशेष महत्व दिख रहा है। माघ मास में कल्पवास की परंपरा का निर्वहन करते हुए बड़ी संख्या में श्रद्धालु कठिन नियमों का पालन कर रहे हैं।
साथ ही, विश्व शांति महायज्ञ में प्रतिदिन मंत्रोच्चारण के साथ आहुतियां डाली जा रही हैं, जिसका उद्देश्य समाज में सुख-समृद्धि और वैश्विक शांति सुनिश्चित करना है। इस मौके पर अनेक श्रद्धालुगण मौजूद रहे।