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Charkhi Dadri Police: दादरी में कानून व्यवस्था को लेकर पुलिस अलर्ट, DSP कप्तान सिंह ने परखी दंगा रोधी कंपनियों की मुस्तैदी

चरखी दादरी पुलिस लाइन में आयोजित जनरल परेड के दौरान DSP कप्तान सिंह ने दंगा नियंत्रण और महिला पुलिस कंपनियों की तैयारियों का जायजा लिया।

 

कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए दादरी पुलिस अलर्ट: डीएसपी कप्तान सिंह ने जनरल परेड में परखी कंपनियों की मुस्तैदी

जिला चरखी दादरी में कानून एवं शांति व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाए रखने तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जिला पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है। इसी कड़ी में स्थानीय पुलिस लाइन परिसर में सोमवार को आयोजित साप्ताहिक जनरल परेड के दौरान उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) कप्तान सिंह ने जिला पुलिस द्वारा गठित विभिन्न दंगा नियंत्रण एवं कानून-व्यवस्था कंपनियों के प्रशिक्षण और तैयारियों का गहन निरीक्षण किया। परेड के दौरान कंपनी 'ए', कंपनी 'बी' तथा महिला पुलिस कंपनी के जवानों ने अनुशासन और त्वरित कार्रवाई का उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए ड्रिल का अभ्यास किया।

परेड की शुरुआत में डीएसपी कप्तान सिंह ने परेड का निरीक्षण कर जवानों की वेशभूषा, अनुशासन, साज-सज्जा तथा आवश्यक सुरक्षा उपकरणों का बारीकी से मुआयना किया। इस दौरान जवानों के टर्नआउट को उत्कृष्ट बनाए रखने और शारीरिक व मानसिक रूप से हमेशा सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए।

जनरल परेड के उपरांत पुलिस लाइन ग्राउंड में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से विशेष ड्रिल का आयोजन किया गया। पुलिस लाइन के ड्रिल इंस्ट्रक्टर सब-इंस्पेक्टर रामपाल के नेतृत्व में कंपनी 'ए', कंपनी 'बी' और विशेष महिला पुलिस कंपनी को विभिन्न सुरक्षात्मक अभ्यासों का सघन प्रशिक्षण दिया गया। अभ्यास के दौरान भीड़ नियंत्रण, उपद्रवियों से निपटने, लाठी ड्रिल, आंसू गैस व दंगा-रोधी उपकरणों के त्वरित और सुरक्षित उपयोग की प्रक्रियाओं का जीवंत पूर्वाभ्यास कराया गया। महिला पुलिस कंपनी के जवानों ने भी उच्च स्तर का आत्मविश्वास और दक्षता दिखाते हुए ड्रिल में बढ़-चढ़कर भाग लिया।

कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं: डीएसपी

तैयारियों का जायजा लेने के बाद जवानों को संबोधित करते हुए डीएसपी कप्तान सिंह ने कहा कि आमजन की सुरक्षा और जिले में शांति बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ पुलिस हमेशा तत्पर और सख्त है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी अप्रिय स्थिति, आंदोलन या भीड़भाड़ के दौरान धैर्य, कानूनी सीमाओं और दृढ़ता के साथ स्थिति को नियंत्रित करना पुलिस का मूल कर्तव्य है।

डीएसपी ने जवानों को प्रेरित करते हुए कहा कि नियमित परेड और ड्रिल से जवानों में न केवल शारीरिक चुस्ती और मानसिक सतर्कता बनी रहती है, बल्कि आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित निर्णय लेने की क्षमता भी विकसित होती है। उन्होंने ड्रिल इंस्ट्रक्टर एसआई रामपाल और परेड में शामिल सभी कंपनियों के समन्वय व उच्च अनुशासन की सराहना की और भविष्य में भी इसी प्रकार अभ्यास जारी रखने के दिशा-निर्देश दिए।