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चीफ इंजीनियर जसवंत सिंह ने बाढ़ राहत कार्यों का जायजा लिया, मां के नाम लगाया पौधा 

 

भिवानी :

जनस्वास्थ्य विभाग के चीफ इंजीनियर जसवंत सिंह ने बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा के लिए भिवानी, बवानीखेड़ा और चरखी दादरी का दौरा किया।

उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को पूरी लगन और ईमानदारी से काम करने के निर्देश दिए, ताकि अत्यधिक बारिश से उत्पन्न हुई विषम परिस्थितियों का सामना किया जा सके और किसी भी तरह की जन-धन की हानि को रोका जा सके।
     अपने दौरे के दौरान चीफ इंजीनियर जसवंत सिंह ने पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि जान है तो जहान है और हमारी जान की सुरक्षा के लिए स्वच्छ पर्यावरण बेहद जरूरी है। इसके लिए उन्होंने ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का आह्वान किया।

इसी कड़ी में उन्होंने खुद एक पौधा लगाया और इसे अपनी मां के नाम समर्पित किया, जो पर्यावरण के प्रति उनके व्यक्तिगत समर्पण को दर्शाता है।
     चीफ इंजीनियर ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पानी की निकासी को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां भी आवश्यकता हो, वहां तत्काल प्रभाव से पंप सेट और पाइपलाइन लगाई जाएं ताकि जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी तुरंत निकाला जा सके। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि मुख्यालय और सरकार की ओर से संसाधनों और बजट की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।
    मीटिंग के दौरान जेई बिजेश कुमार जावला ने मैनहोल के ढक्कनों की समस्या उठाई। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा स्वीकृत दरों और बाजार भाव में काफी अंतर है, जिसकी वजह से कोई भी ठेकेदार टेंडर प्रक्रिया में हिस्सा नहीं ले रहा है। चीफ इंजीनियर ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए मंडल कार्यालय से एक पूरी रिपोर्ट मुख्यालय भेजने को कहा। उन्होंने जल्द ही कमेटी से दरों को रिवाइज कराने का भरोसा दिलाया।  

इस अवसर पर विभाग के अधीक्षण अभियंता सुनील रंगा, कार्यकारी अभियंता फूल सिंह, विकास धनखड़, कपिल देव, उपमंडल अभियंता सूरज प्रकाश जैन, रवि ग्रेवाल, कंवरपाल, उमेद सोनी, जय सिंह तथा कनिष्ठ अभियंता बिजेश कुमार जावला, महेंद्र सिंह, श्रीभगवान शर्मा, अरविंद, ताजद्दीन, दीपक, कपिल श्योराण, आशीष, पंकज वशिष्ठ आदि उपस्थित रहे।