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मनरेगा को बचाने के लिए कांग्रेस का हल्ला बोल  

 

भिवानी :

केंद्र की भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ हरियाणा कांग्रेस ने अब जमीनी स्तर पर मोर्चा खोल दिया है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को समाप्त करने की साजिश के विरोध में वीरवार को कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भिवानी उपायुक्त कार्यालय के समक्ष जोरदार  रोष जताया तथा उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम मांगपत्र सौंपा। सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक चले इस एक दिवसीय सांकेतिक धरने में सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों को लेकर जमकर नारेबाजी की गई।
       यह प्रदर्शन ग्रामीण जिला अध्यक्ष अनिरुद्ध चौधरी और शहरी जिला अध्यक्ष प्रदीप जोगी के नेतृत्व में आयोजित किया गया। धरने में भारी संख्या में पहुंचे पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं और मनरेगा मजदूरों को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार पर गरीबों के हक छीनने का आरोप लगाया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने मांग करते हुए कहा कि मनरेगा योजना को फिर से पूर्ण रूप से बहाल किया जाए, मजदूरी का भुगतान समय पर सुनिश्चित हो, काम के दिनों की संख्या में कटौती करने की साजिश बंद हो।
     इस मौके पर कांग्रेस के ग्रामीण जिला अध्यक्ष अनिरूद्ध चौधरी व शहरी जिला अध्यक्ष प्रदीप जोगी ने कहा कि मनरेगा कोई साधारण योजना नहीं, बल्कि देश के करोड़ों गरीब परिवारों की आजीविका का एकमात्र सहारा है। भाजपा सरकार इसे समाप्त करने की गहरी साजिश रच रही है। उन्होंने कहा कि मनरेगा योजना यूपीए सरकार की एक ऐतिहासिक उपलब्धि थी, जिसने ग्रामीण क्षेत्रों में पलायन को रोका और लोगों को सम्मानजनक जीवन दिया। लेकिन भाजपा सरकार ने मनरेगा योजना को बंद कर मजदूर वर्ग के आत्मसम्मान पर चोट मारने का काम किया है।
      उन्होंने कहा कि मनरेगा को बंद कर लाई गई जी राम जी में 125 दिन रोजगार दिए जाने की बात कही जाती है, जबकि भाजपा शासनकाल में रोजगार की गारंटी एक दिन की भी नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वर्तमान में जो यूरोपीयन देशों से डील हुई है, उससे देश के किसानों का अहित हुआ है। क्योंकि इस डील में भारत की परिस्थितियों को नहीं देखा गया, क्योंकि भारत के किसानों के पास पानी तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं की कमी है तथा वे खेती के विभिन्न प्रारूपों पर अधिक इन्वेस्ट भी नहीं कर सकते। भारत का मौसम व परिस्थितियां भी अलग है, ऐसे में भारतीय किसान विदेशियों के लिए जो रास्ता खोलकर देश का मार्केट उनके लिए खोला है, उसका मुकाबला नहीं कर पाएंगे, जिससे भारत के किसानों के हालात पहले से भी बदत्तर हो जाएंगे।
       इस मौके पर विधायक राजबीर फरटिया ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ कहे जाने वाले मनरेगा पर हमला करना सीधे तौर पर मजदूरों के पेट पर लात मारने जैसा है। सरकार की मजदूर विरोधी सोच अब पूरी तरह उजागर हो चुकी है। उन्होंने कहा कि आज महंगाई चरम पर है और ऐसे में गरीब परिवारों के बच्चों को भूखा मारने की साजिश रची जा रही है।
      इस अवसर पर रामकिशन फौजी, डा. शिव शंकर भारद्वाज, नीलम अग्रवाल, संदीप तंवर, कुलवंत कोंटिया, कु. बीर सिंह, कमल प्रधान, सत्यजीत पिलानिया, अमन तंवर राघव, सविता मान, सरला देवी, सुबे सिंह सरपंच, जयवीर सरपंच, नरेश तंवर जीएम, प्रताप सरपंच, प्रिया ग्रेवाल, सुमन कुंगड़, जगवंती गोयत, ईश्वर मान पूर्व पार्षद, अशोक पार्षद, शिव कुमार चांगिया, उमेश शर्मा, अजय हालुवासिया, अनुप बड़ेसरा, डा. फूल सिंह धनाना, डा. जयवीर गोयत, बिजेंद्र बामला फौजी, ईश्वर प्रधान, बृजपाल, दीपेश सारसर, अजय वैद, समीर खटीक, राजेंद्र धानक, बलजीत जोगी, मनदीप सुई, मनजीत लांग्यान, प्रवीण बूरा, सुमित बराड़, प्रवीण बूरा, रजत वाल्मीकि, विजय नरवाल, राजकुमार धनखड़, विरेंद्र बापोड़ा, राकेश आर्य, अनुप बड़ेसरा, राजकुमार नायक, सतबीर सेवादल, कर्ण सिंह मुकेश पहाड़ी, रेणू बाला, संजीव जागलान, रघुबीर सिंह, अशोक ढ़ोला, रामकिसान इंदौरा, डा. जगदीश, भगवान दिलबाग, महेंद्र, देवीदत्त, रमेश नागपाल, अनिल, ईश्वर शर्मा, संजय गांधी, मा. बलवंत घणघस, बलबीर सरोहा, लक्ष्मण वर्मा, शिव कुमार धानक, रमेश वाल्मीकि, रवि सोलंकी,, अमित पंघाल, आशा जांगड़ा, कृष्ण प्रजापत, सुनील खिच्ची, श्यामलाल चारण, रोबिन चौहान, पुनीत नुनीवाल, देवेंद्र तंवर देबू, मुकेश प्रजापत, सुदर्शन शर्मा, सूरज धानक सहित अनेक पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।