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भिवानी की अनाज मंडी में कांग्रेस का हल्लाबोल 

 

भिवानी:

अनाज मंडियों में फसल खरीद में आ रही दिक्कतों और सरकार की कथित जनविरोधी नीतियों के खिलाफ शनिवार को कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया।

जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में भिवानी की अनाज मंडी में भाजपा सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन की अगुवाई कांग्रेस के ग्रामीण जिला अध्यक्ष अनिरुद्ध चौधरी और शहरी जिला अध्यक्ष प्रदीप जोगी ने संयुक्त रूप से की।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मंडियों में किसानों के अनाज की ढुलाई होने के बावजूद सरकार जानबूझकर खरीदारी में देरी कर रही है।
      इस मौके पर ग्रामीण जिला अध्यक्ष अनिरुद्ध चौधरी व शहरी जिला अध्यक्ष प्रदीप जोगी ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने खरीद प्रक्रिया में ऐसी अनाप-शनाप और नाजायज शर्तें थोप दी हैं, जिनसे किसान बेहाल है। एक तरफ किसान अपनी मेहनत की फसल लेकर मंडी में बैठा है, तो दूसरी तरफ सरकार नए-नए अड़ंगे अड़ाकर उसे परेशान कर रही है।

यह सरकार केवल कागजों पर खरीद का दावा करती है, हकीकत में किसान की सुध लेने वाला कोई नहीं है। उन्होंने कहा क िअनाज मंडी में सरकारी लैब को बंद करके निजी लैब चलाई जा रही है, जो कि किसानों के लिए घातक है। क्योकि इनमें दो से तीन किलो का अंतर आता है।
     उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार के दावों की हवा निकालते हुए कहा कि भाजपा ने किसानों को बर्बादी की कगार पर खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने का वादा करने वाली भाजपा सरकार ने उन्हें बर्बादी की खाई में धकेल दिया है। जब से भाजपा सत्ता में आई है, किसानों को केवल प्रताडऩा और परेशानी ही मिली है। आज किसान को अपनी फसल बेचने के लिए भी सडक़ों पर उतरना पड़ रहा है, जो इस लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है।
      प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने ओलावृष्टि और जलभराव से प्रभावित किसानों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान का मुआवजा देने के नाम पर सरकार ने किसानों के साथ केवल विश्वासघात किया है।

गिरदावरी और मुआवजे की प्रक्रिया को केवल एक छलावा बताते हुए कांग्रेस ने मांग की कि प्रभावित किसानों को तुरंत राहत राशि जारी की जाए। इसके साथ ही उन्होंने मांग की कि सरकार द्वारा जितनी लेट फसल का मुआवजा किया जा रहा है, ऐसे में किसानों का वह मुआवजा ब्याज सहित दिया जाए।
      इस विरोध प्रदर्शन के माध्यम से कांग्रेस ने भाजपा सरकार को उसकी विफलताओं का अहसास करवाने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की और चेतावनी दी कि यदि खरीद प्रक्रिया को सरल नहीं बनाया गया और किसानों की जायज मांगें नहीं मानी गईं, तो कांग्रेस इस आंदोलन को और उग्र करेगी। इस अवसर पर एससी ग्रामीण प्रधान विरेंद्र बापोड़ा, सेवादल जिला अध्यक्ष विजेंद्र सिवाच, मुकेश पहाड़ी, कुलवंत कोंटिया, संजीव जागलान, मास्टर बलवंत घणघस, बलबीर सरोहा, दिनेश शास्त्री, शीला गोरा, बलवान पार्षद, अशोक ढ़ोला, रमेश वाल्मीकि, रवि सोलंकी, कामरेड रवि खन्ना, लक्ष्मण वर्मा, डॉक्टर फूल सिंह धनाना, प्रवीण बुरा, सुमित बराड, निर्मला दामोलिया, पुनीत नुनीवाल, भूपेंद्र खटक, रोबिन चौहान, शिव कुमार धानक, देव हालुवास, वेद मास्टर, अमित पघाल, राजकुमार धनखड सहित अनेक पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।