भिवानी की जैस्मिन लंबोरिया ने जड़ा गोल्ड मेडल, ग्लासगो में डिफेंडिंग चैंपियन को 5-0 से हराया
ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भिवानी की जैस्मिन लंबोरिया ने 57 किग्रा मुक्केबाजी में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। उन्होंने डिफेंडिंग चैंपियन मिकेला वॉल्श को 5-0 से हराया। जानिए पूरी खबर।
ग्लासगो: भारत की 24 वर्षीय महिला मुक्केबाज जैस्मिन लंबोरिया ने ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेल 2026 में बॉक्सिंग के 57 किलोग्राम भारवर्ग में स्वर्ण पदक (Gold Medal) अपने नाम कर इतिहास रच दिया है।
जैस्मिन ने फाइनल मुकाबले में नॉर्दर्न आयरलैंड की डिफेंडिंग चैंपियन मिकेला वॉल्श को करारी शिकस्त देकर पोडियम पर शीर्ष स्थान हासिल किया। प्रीति पवार के बाद जैस्मिन ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में मुक्केबाजी में गोल्ड मेडल जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला खिलाड़ी बन गई हैं।
🥇 5-0 के अंतर से डिफेंडिंग चैंपियन को दी मात: 5 फीट 9 इंच की जैस्मिन का रिंग में दबदबा
हरियाणा के भिवानी जिले की रहने वाली जैस्मिन लंबोरिया ने मिकेला वॉल्श के खिलाफ शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने पहला राउंड 3-2 से अपने नाम किया। इसके बाद अपनी बेहतरीन लय और लंबाई (5 फीट 9 इंच) का फायदा उठाते हुए दूसरे राउंड में 5-0 से शानदार जीत दर्ज की।
तीसरे और अंतिम राउंड में भी जैस्मिन का दबदबा पूरी तरह बरकरार रहा और जजों ने सर्वसम्मति से 5-0 से उनके पक्ष में फैसला सुनाया। जजों ने जैस्मिन को 29-28, 29-28, 29-28, 30-27 और 30-27 के स्कोर से विजेता घोषित किया।
🎖️ भारतीय सेना की पहली महिला बॉक्सर बनीं स्वर्ण पदक विजेता: भारत की पदक तालिका में सुधार
भारतीय सेना में नायब सूबेदार के पद पर कार्यरत जैस्मिन लंबोरिया राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली सेना की पहली महिला मुक्केबाज बन गई हैं।
जैस्मिन के इस स्वर्णिम तमगे के साथ ही राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारत के खातों में 7 गोल्ड, 12 सिल्वर और 6 ब्रॉन्ज (कांस्य) सहित कुल 25 मेडल दर्ज हो चुके हैं। इस शानदार प्रदर्शन की बदौलत भारत पदक तालिका में छठे स्थान पर काबिज हो गया है।
🥊 भारतीय मुक्केबाजों से 'परफेक्ट-10' की उम्मीद: 8 अन्य मुक्केबाज भी गोल्ड मेडल की रेस में
प्रीति पवार और जैस्मिन लंबोरिया के ऐतिहासिक गोल्ड मेडल जीतने के बाद भारतीय मुक्केबाजी दल से रिकॉर्ड प्रदर्शन की उम्मीदें बढ़ गई हैं। अब भारत के 8 और दिग्गज मुक्केबाज स्वर्ण पदक की दौड़ में बने हुए हैं:
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पुरुष वर्ग: अंकुश पंघाल (80 किग्रा), जादुमणि सिंह (55 किग्रा), सचिन सिवाच (60 किग्रा) और नरेंद्र बेरवाल (+90 किग्रा)।
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महिला वर्ग: अरुंधति चौधरी (70 किग्रा), साक्षी चौधरी (51 किग्रा), प्रिया घनघस (60 किग्रा) और लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा)।
भारतीय खेल प्रेमी और प्रशंसक इस बार बॉक्सिंग रिंग से 'परफेक्ट-10' गोल्ड मेडल के ऐतिहासिक रिकॉर्ड की उम्मीद लगा रहे हैं।