दिल्ली बारिश: जलभराव पर CM रेखा गुप्ता और PWD मंत्री का एक्शन
दिल्ली में भारी बारिश के बाद CM रेखा गुप्ता और मंत्री प्रवेश वर्मा ने जलभराव का जायजा लिया। PWD ने संवेदनशील स्थानों पर 179 सीसीटीवी से निगरानी शुरू की।
दिल्ली में पिछले 24 घंटों में हुई भारी बारिश के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और लोक निर्माण मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने गुरुवार को शहर के अलग-अलग इलाकों में जलभराव की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान सीएम अपने विधानसभा क्षेत्र में स्थित शालीमार गांव पहुंचीं और यहां उन्होंने जल निकासी व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को पानी की सही निकासी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। वहीं PWD मंत्री प्रवेश वर्मा ITO स्थित PWD कंट्रोल रूम पहुंचे, जहां उन्होंने पूरे शहर में जलभराव की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान कैबिनेट मंत्री ने इस साल शहर में जलभराव के कम मामले सामने आने की बात कही और एक बात को लेकर अपने विभाग की पीठ भी थपथपाई।
सीएम गुप्ता को अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली में मॉनसून की भारी बारिश के बीच जलभराव से निपटने हेतु दिल्ली सरकार एवं सभी विभाग पूरी तैयारी और पूरी तत्परता से काम कर रहे हैं। उधर लोक निर्माण मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने ITO में स्थित PWD के 24×7 मॉनसून कंट्रोल रूम पहुंचकर शहरभर में जलभराव की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने लाइव CCTV फीड के माध्यम से विभिन्न स्थानों की निगरानी की, फील्ड टीमों की कार्यप्रणाली का जायजा लिया तथा अधिकारियों को पूरे मॉनसून सीजन के दौरान अधिकतम सतर्कता बनाए रखने के निर्देश दिए।
मंत्री वर्मा ने थपथपाई अपने विभाग की पीठ
इस मौके पर मीडिया से बात करते हुए PWD मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि 'ज्यादातर मामलों में जमा पानी हटा दिया गया है और स्थिति पिछले सालों की तुलना में बेहतर है।' उन्होंने कहा, 'पिछले 24 घंटों में दिल्ली के कई हिस्सों में 100 मिमी से ज्यादा बारिश दर्ज की गई, फिर भी मिंटो ब्रिज समेत जखीरा, धौला कुआं और मूलचंद जैसे वे स्थान जहां भारी जलभराव के कारण पहले बड़ी बसें और अन्य वाहन भी फंस जाते थे, वहां यातायात सामान्य बना रहा। यह कई महीनों की तैयारी और हमारे इंजीनियरों, फील्ड स्टाफ तथा आपातकालीन टीमों की अथक मेहनत का परिणाम है।'
जलभराव वाले 45 स्थानों पर लगाए 179 कैमरे
PWD मंत्री ने आगे कहा, 'जहां भी पानी जमा हुआ था, उसे 30 मिनट के भीतर ही हटा दिया गया। इसे जलभराव नहीं कहा जा सकता।' साथ ही बताया कि PWD ने दिल्ली में जलभराव की दृष्टि से संवेदनशील 45 स्थानों की पहचान की है, और उन जगहों पर 179 कैमरे लगाते हुए चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है। ज्यादातर मामलों में, पानी 10-15 मिनट के भीतर ही निकाल दिया गया।'
मंत्री बोले- रियल टाइम रखी जा रही निगाह
उन्होंने कहा कि 'PWD हर शिकायत पर रियल-टाइम में नजर रख रहा है, हर संवेदनशील जगह की निगरानी की जा रही है और टीमें जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। हमारा मकसद यह सुनिश्चित करना है कि दिल्ली के लोग भारी बारिश के दौरान भी सुरक्षित और आत्मविश्वास के साथ आ-जा सकें।'
मंत्री वर्मा बोले- यही हमारा एकमात्र उद्देश्य
इस दौरान लोकनिर्माण मंत्री ने एकीकृत मॉनिटरिंग सिस्टम की समीक्षा की, और कहा कि ‘हमारा काम चौबीसों घंटे जारी है। प्रत्येक शिकायत की रियल-टाइम निगरानी की जा रही है, हर संवेदनशील स्थान पर लगातार नजर रखी जा रही है और हमारी टीमें किसी भी स्थिति से तुरंत निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। हमारा उद्देश्य स्पष्ट है—भारी बारिश के दौरान भी दिल्लीवासियों को सुरक्षित, सुगम और निर्बाध आवागमन उपलब्ध कराना।’
जलभराव के लिए आए 40 कॉल
इस दौरान एक अधिकारी ने बताया कि 'जलभराव के लिए लगभग 40 कॉल आए, जिनमें से दोपहर तक 32 का समाधान कर दिया गया। मयूर विहार और सीलमपुर गुरुद्वारा रोड जैसे इलाकों में जलभराव देखा गया। साथ ही, टीमें इन इलाकों से पानी हटाने के लिए काम कर रही हैं।' शहर के कई अन्य हिस्सों में भी जलभराव देखा गया, जिनमें विकास मार्ग, पूर्वी दिल्ली के इलाके, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन, मुनिरका, सदर बाज़ार और द्वारका शामिल हैं।
बता दें कि भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, शहर में सुबह 8.30 बजे तक पिछले 24 घंटों में 72.6 मिमी बारिश दर्ज की गई।