{"vars":{"id": "123258:4912"}}

सोनम वांगचुक: हाई कोर्ट से पत्नी की मांग खारिज, सफदरजंग में ही होगा इलाज

दिल्ली हाई कोर्ट ने सोनम वांगचुक को प्राइवेट अस्पताल शिफ्ट करने की मांग ठुकराई। कोर्ट ने कहा- सफदरजंग अस्पताल में स्वास्थ्य की निगरानी सही है। अगली सुनवाई 24 जुलाई।

 

दिल्ली हाई कोर्ट ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को किसी प्राइवेट अस्पताल में शिफ्ट करने की उनकी पत्नी की मांग को फिलहाल खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा है कि वांगचुक की सेहत को देखते हुए सरकार का उन्हें अस्पताल में शिफ्ट करने का फैसला मनमाना नहीं था। मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस मिनी पुष्करणा ने कहा कि सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टर सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं। यह नहीं कहा जा सकता कि उनके खिलाफ जबरदस्ती की जा रही है।

कोर्ट ने कहा, वांगचुक ने अपनी हालत के बावजूद खुद से अस्पताल में भर्ती नहीं हुए, इसलिए सरकार को दखल देने का अधिकार था। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, कोर्ट ने सरकार की इस बात पर भी ध्यान दिया कि वांगचुक के परिवार को उनसे दिन भर बिना किसी रोक-टोक के मिलने की इजाजत दी गई थी। कोर्ट ने ये भी देखा कि अधिकारियों ने वांगचुक के परिवार वालों के लिए एक अलग कमरा भी दिया था। इसलिए, कोर्ट ने माना कि इस स्टेज पर किसी अंतरिम निर्देश की जरूरत नहीं है। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि उनकी मेडिकल रिपोर्ट परिवार वालों के साथ शेयर की जाए। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 24 जुलाई को तय की है।

'क्या अपनी पसंद के अस्पताल भी नहीं जा सकते वांगचुक?'

इससे पहले सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो की ओर से पेश सीनियर वकील कपिल सिब्बल, विवेक तन्खा और अखिल सिब्बल ने दलील दी कि सफदरजंग में भर्ती होने के बाद वांगचुक अपने वकीलों और डॉक्टरों से संपर्क नहीं कर पा रहे। उन्होंने कहा कि वे ज्यादा कुछ नहीं मांग रहे। वे बस उन्हें मेदांता ले जाना चाहते हैं।

सिब्बल ने कहा, उन्हें हिरासत में नहीं रखा गया है। उनके खिलाफ कोई केस नहीं है। क्या भारत के नागरिक को अपनी पसंद के अस्पताल में जाने की इजाजत नहीं है? वे कैसे कह सकते हैं कि सरकार उनके शरीर पर कब्जा कर रही है और उन्हें इसकी इजाजत नहीं देगी?

केंद्र की ओर से क्या दलील?

केंद्र की ओर से ASG चेतन शर्मा ने कहा कि 16 जुलाई के आदेश में साफ तौर पर कहा गया था कि वांगचुक के इलाज और मेडिकल से जुड़ी सभी चीजें सरकार ही करेगी। उन्होंने बताया कि सफदरजंग और एम्स के डॉक्टरों की एक टीम अभी उनका इलाज कर रही है।उन्होंने कोर्ट को बताया कि वांगचुक को इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया है।

उन्होंने कोर्ट को बताया कि सोनम वांगचुक की सहमति से उन्हें कुछ शुगर-फ़्री इलेक्ट्रोलाइट्स दिए गए थे। ASG के अनुसार, AIIMS, सफदरजंग और प्राइवेट लैब में उनके ब्लड टेस्ट किए गए हैं। उन्हें शक करने की कोई वजह नहीं है। उनका पूरा ध्यान रखा जा रहा है। लेकिन उन्हें भी डॉक्टरों के साथ सहयोग करना होगा।