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Education Ministry Update: 'शिक्षा कारोबार नहीं अधिकार है', धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद छात्रों ने रखी अपनी मांगें

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के हटने के बाद CJP के आंदोलन में शामिल छात्रों ने नए मंत्री से परीक्षा में पारदर्शिता, सस्ती शिक्षा और सरकारी स्कूलों को मजबूत करने जैसी प्रमुख मांगें रखी हैं।

 

धर्मेंद्र प्रधान के शिक्षा मंत्रालय से हटने के बाद शनिवार को कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध प्रदर्शन में शामिल कई छात्रों ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि नए मंत्री सिस्टम में ठोस बदलाव लाएंगे। छात्रों की कई मांगों में से तीन मांगें बार-बार सामने आईं। इनमें परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, सस्ती और अच्छी शिक्षा और सरकारी स्कूलों और प्राथमिक शिक्षा को मजबूत करना शामिल है।

गाजियाबाद के राज यादव लगभग एक महीने पहले शुरू हुए सीजेपी के विरोध-प्रदर्शन का हिस्सा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को शिक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव करने चाहिए। उन्होंने कहा कि मेरी मांग है कि नए मंत्री शिक्षा प्रणाली पर ध्यान दें। उन्हें पूरे सिस्टम में बदलाव लाने चाहिए। इसकी कमियों को दूर करना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि यह ठीक से काम करे।

दिल्ली के लक्ष्मी नगर की रहने वाली सृष्टि ने कहा कि शिक्षा की ज्यादा लागत के कारण कई छात्रों के लिए पढ़ाई करना एक संघर्ष बन गया है। उन्होंने बताया कि उन्हें अपनी पढ़ाई का खर्च उठाने के लिए काम करना पड़ता है और अगर पेपर लीक होता है तो इसके नतीजे बहुत गंभीर होते हैं। सृष्टि ने नए मंत्री से अपील की कि वे सभी स्कूलों में पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित करें, शिक्षा को सस्ता बनाएं और सरकारी स्कूलों में बच्चों के कौशल विकास पर जोर दें।

राजस्थान के विक्रम चौधरी पिछले कम से कम दो हफ्ते से विरोध प्रदर्शन में शामिल थे। उन्होंने मांग की कि सुधारों की शुरुआत प्राइमरी स्कूल स्तर से होनी चाहिए। उन्होंने सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, शिक्षा बजट बढ़ाने और UPSC, NEET और JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की जरूरत पर जोर दिया। चौधरी ने कहा कि इस देश में शिक्षा बहुत महंगी हो गई है। सरकार को इस पर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है।

NEET की तैयारी कर रहे 11वीं कक्षा के छात्र शौर्य ने कहा कि प्रधान के इस्तीफे से उन्हें उम्मीद जगी है कि अभी सब कुछ खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि मुझे खुशी है कि हमारी बात सुनी गई है। मुझे भरोसा है कि नए शिक्षा मंत्री पेपर लीक जैसी घटनाओं को दोबारा नहीं होने देंगे।

उत्तर प्रदेश के बागपत के रहने वाले गौरव तोमर 20 जुलाई से ही इस विरोध-प्रदर्शन का हिस्सा रहे हैं। उन्होंने प्राथमिक शिक्षा को बेहतर बनाने, सरकारी स्कूलों में स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा देने और शिक्षा की बढ़ती लागत पर रोक लगाने की मांग की। उन्होंने कहा कि शिक्षा कोई कारोबार नहीं है। यह हर बच्चे का अधिकार है और उन्हें यह मिलनी ही चाहिए। राजस्थान के जैसलमेर के रहने वाले श्रवण कुमार ने कहा कि छात्रों को बार-बार दोबारा परीक्षा देने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। साथ ही दूर-दराज के इलाकों में परीक्षा केंद्र आवंटित करने जैसी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए।