जंतर-मंतर छात्र आंदोलन: मेदांता में भर्ती सोनम वांगचुक, पुराना ट्वीट वायरल होने पर घिरे शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान
NEET पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर जारी आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का एक पुराना सोशल मीडिया पोस्ट फिर चर्चा में आ गया है। सोशल एक्टविस्ट सोनम वांगचुक के अनिश्चितकालीन अनशन के दौरान यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें धर्मेंद्र प्रधान ने सोनम वांगचुक और उनकी पत्नी गीतांजलि आंगमो की तारफी भी की थी।
एक्स पोस्ट में धर्मेंद्र प्रधान ने की थी जमकर तारीफ
वायरल हो रहे पोस्ट में धर्मेंद्र प्रधान ने सोनम वांगचुक और उनकी पत्नी के शिक्षा तथा समाज के लिए किए गए कामों की तारीफ की थी। अब, जब वांगचुक पिछले करीब एक महीने से अनशन पर हैं और प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, तब इस पुराने पोस्ट को सोशल मीडिया पर फिर से साझा किया जा रहा है।
धर्मेंद्र प्रधान ने वांगचुक की तारीफ में क्या कहा था?
ये ट्वीट 15 मार्च 2023 का है, जिसमें धर्मेंद्र प्रधान ने तारीफ करते हुए लिखा था- सोनम वांगचुक और उनकी पत्नी गीतांजलि जे अंगमो जी के साथ बहुत अच्छी बातचीत हुई। शिक्षा को बदलने, अनुभव से सीखने को बढ़ावा देने, इनोवेशन और सस्टेनेबल डेवलपमेंट का कल्चर बनाने के लिए उनके जुनून, विचारों और कोशिश की तारीफ़ करता हूँ।
आंदोलनकारी मांग रहे धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा
दरअसल, 28 जून से सोनम वांगचुक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। वह कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं। आंदोलनकारी NEET पेपर लीक और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। दिल्ली के जंतर-मंतर पर हजारों छात्र और अभ्यर्थी पिछले कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं।
20 जुलाई के बाद बदल गए हालात
20 जुलाई को प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झड़प के बाद आंदोलन ने नया मोड़ ले लिया। पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाए, जबकि सरकार ने आरोप लगाया कि विपक्ष छात्रों के मुद्दे का राजनीतिक इस्तेमाल कर रहा है।
धर्मेंद्र प्रधान ने साधा कांग्रेस पर निशाना
इसी घटनाक्रम के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बयान जारी करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस छात्रों को राजनीतिक औजार की तरह इस्तेमाल कर रही है और संसद में चर्चा के बजाय टकराव का रास्ता चुन रही है। यह बयान उस समय आया, जब राहुल गांधी और विपक्षी सांसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आधिकारिक आवास के बाहर धरना देने के बाद दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए थे।
वांगचुक मेदांता में किए गए शिफ्ट
इस बीच, सोनम वांगचुक को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल से गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल स्थानांतरित कर दिया गया है। दिल्ली हाईकोर्ट से अनुमति मिलने के बाद उन्हें वहां शिफ्ट किया गया। वांगचुक और उनके परिवार का आरोप है कि उन्हें पहले अस्पताल में "गैरकानूनी तरीके से" रोका गया था।