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गौवंश की असमय मौत का कारण बनकर पुण्य की जगह पाप के भागीदार ना बनें: डीसी

 

भिवानी।

डीसी साहिल गुप्ता ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा है कि वे श्राद्ध के दौरान व 21 सितंबर को अमावस्या पर गौवंश को रोटी, हलवा-पूरी आदि ना खिलाएं। अत्यधिक हलवा-पूरी और रोटी आदि खिलाने से गौवंश की पाचन क्रिया खराब हो जाती है। जिससे उनकी असमय मौत हो जाती है।

इससे इंसान पुण्य की बजाय पाप का भागीदार बन जाता है। श्राद्धों पर गौवंश को हलवा-पूरी और रोटी आदि की जगह गौशाला में जाकर हरा चारा खिलाएं। प्रशासन द्वारा श्राद्ध की अमावस्या पर गौवंश को हलवा-पूरी और रोटी आदि खिलाने पर प्रतिबंध भी लगाया हुआ है।
उल्लेखनीय है कि गत दिनों सांसद धर्मबीर सिंह ने भी पत्र के माध्यम से डीसी को अवगत करवाया कि श्राद्ध के दौरान व श्राद्ध-अमावस्या पर आमजन के द्वारा धार्मिक रीति-रिवाज, भावनाओं के कारण गौवंश को हलवा-पूरी खिलाई जाती है, जो कि गौवंश का मौत का कारण बन जाती है। इसी के चलते डीसी ने श्राद्धों पर गौवंश को हलवा-पूरी और रोटी खिलाने पर प्रतिबंध लगाया था।
इसके साथ ही डीसी ने सभी संबंधित विभागों को जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए थे। उन्होंने शहरी स्थानीय निकाय, पशुपालन व कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे गौ कल्याण संगठनों के साथ तालमेल बनाए तथा लोगों में गौवंश की रक्षा के लिए जागरूकता लाने का काम करें। इसके अलावा डीसी ने पुलिस प्रशासन को भी निर्देश दिए हैं कि वे इस माह के दौरान अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में निरंतर गश्त करें ताकि गौवंश को आकस्मिक मृत्यु से बचाया जा सके।