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गंदे नालों से गुजरने वाले पेयजल कनेक्शन को शीघ्र हटवाएं 

 

भिवानी।

सीवर व खुले नालों से होकर जाने वाली पेयजल लाईन ही पानी गंदा होने का मुख्य कारण है। जिला प्रशासन के पास पहुंचने वाली गंदे पानी से आपूर्ति से संबंधित अधिकांश शिकायतें ऐसी होती हैं, जिनकी पाइप लाईन सीवर या गंदे नाल से गुजर रही होती हैं और वे कहीं न कहीं लीकेज होती हैं। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा है कि वे ऐसी पेयजल लाईनों को शीघ्र हटवाकर अन्य साफ जगह से लें, ताकि उनके घरों में स्वच्छ पेयजल जाए। सीवर लाईन से होकर जाने वाले या गंदे नाले से होकर जाने वाले कनेक्शन निर्धारित पैमानों के विरूद्व होते हैं। विभाग ऐसे कनेक्शनों को काटने की कार्रवाई भी करेगा।
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कार्यकारी अभियंता कपिल देव ने बताया कि उनके विभाग और जिला प्रशासन के साथ-साथ समाधान शिविरों में अनेक शिकायतें स्वच्छ पेयजल आपूर्ति ना होने से सबंधित आती हैं। मौके पर जाकर देखते हैं तो वहां की पेयजल लाईन सीवर या गंदे नाले से गुजर रही मिलती है, जो लीकेज की स्थिति में पानी गंदा होने का मुख्य कारण है।

उन्होंने बताया कि शहर में ऐसे करीब 40 प्रतिशत पेयजल कनेक्शन हैं।
इस प्रकार के कनेक्शन पेयजल के दूषित होने का मुख्य कारण बन रहे हैं, जिससे हमारे स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने नागरिकों का आह्वïान किया है कि वे सीवर व खुले नालों से पेयजल कनेक्शन ना करें। विभाग ने सभी उपभोक्ताओं को सलाह दी है कि वे ऐसे कनेक्शनों को तुरंत प्रभाव से खुले नालों से हटाकर निर्धारित मानकों के अनुसार सुरक्षित स्थान पर स्थापित करें, ताकि स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
-जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग करेगा ऐसे कनेक्शनों के काटने की कार्रवाई
सीवर लाईन से होकर जाने वाले या गंदे नाले से होकर जाने वाले कनेक्शन निर्धारित पैमानों के विरूद्व होते हैं। विभाग ऐसे कनेक्शनों को काटने की कार्रवाई भी करेगा। विभाग द्वारा बिना किसी पूर्व सूचना के ऐसे कनेक्शनों को काट दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित उपभोक्ता की होगी। उन्होंने स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल व्यवस्था बनाए रखने के लिए आमजन से सहयोग की अपील की है।