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 बिचला बाजार में तीन माह से पेयजल संकट, महिलाओं ने सडक़ पर उतरकर जताया रोष 

 

भिवानी :

सूर्यदेव के तल्ख तेवरों के साथ ही पेयजल किल्लत ने भी विकराल रूप धारण करना शुरू कर दिया है। स्थानीय बिचला बाजार स्थित बिजली घर गेट के समीप रहने वाले अनेक लोग पिछले करीबन तीन महीनों से पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं। विभाग की अनदेखी से तंग आकर बुधवार को क्षेत्रवासियों ने बिजली घर गेट पर रोड जाम कर दिया और प्रशासन व जनस्वास्थ्य विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन में शामिल महिलाओं और बुजुर्गों ने विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठए।
    इस दौरान स्थानीय निवासियों सचिन कुमार, शिव चरण, शिवरतन, दीपक कुमार, नरेश कुमार, सुभाष शर्मा, बिमला देवी, देबी देवी, कृष्णा देवी, अनिता देवी का आरोप है कि राम दत्त गली, जीनदयानल गली, कुम्हारों की गली और नाईभाटान की गली में पिछले 90 दिनों से पानी का दबाव बेहद कम था, लेकिन पिछले एक सप्ताह से स्थिति जीरो सप्लाई पर पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि जब कभी-कभार पानी की सप्लाई आती है तो बिजली नहीं रहती। भीषण गर्मी के इस दौर में घरों में पीने तक का पानी नहीं है, जिससे दैनिक कार्य पूरी तरह ठप हो गए हैं।
      प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे पिछले तीन महीनों से अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। बार-बार शिकायत दर्ज करवाने के बावजूद सिर्फ आश्वासन मिलता है, समाधान नहीं। एक हफ्ते से तो नलों में हवा तक नहीं आ रही। मजबूरी में हमें महंगे दामों पर निजी टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं। गरीब आदमी रोटी कमाए या पानी खरीदे।
    उन्होंने प्र्रशासन पर सीधा आरोप लगाया कि नागरिकों की मूलभूत समस्याओं को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार हर घर नल से जल का दावा कर रही है, वहीं नागरिक पानी के लिए त्राहि-त्राहि कर रहे हैं। हद की बात तो यह है कि विरोध प्रदर्शन के बाद विभाग की कुंभकर्णी नींद खुलती, जिसके चलते नागरिकों इस तपती गर्मी में भी प्यासा रहने को मजबूर होना पड़ता है।
    क्षेत्रवासियों ने आरोप लगाया कि पानी की मोटर चलाने वाला कर्मचारी महेंद्र से जब क्षेत्रवासी मोटर चलाने की मांग करते है तो वह बड़ी ही बदतमीजी से बात करता है। जिसकी शिकायत भी कई बार जेई से की जा चुकी है। लेकिन उक्त कर्मचारी पर कोई कार्रवाही नहीं की जाती।
     प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से कई बार संबंधित विभाग को अवगत करवाया था, लेकिन जब प्यास ने सब्र का बांध तोड़ दिया, तो उन्हें सडक़ पर उतरने को मजबूर होना पड़ा। वही दूसरी तरफ बिचला बाजार जैसे मुख्य क्षेत्र में रोड जाम होने के कारण यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई।