ESHM संदीप वधवा की सेवानिवृत्ति: 31 वर्षों की सेवा के बाद भावपूर्ण विदाई
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पालवास के ESHM संदीप वधवा सेवानिवृत्त। 50 से अधिक पुस्तकों के लेखक व विज्ञान अध्यापक के रूप में 31 वर्षों की सेवा का सफर।
सेवानिवृत्ति पर ESHM संदीप वधवा का भावपूर्ण विदाई समारोह
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पालवास के प्रांगण में एलीमेंट्री स्कूल हेड मास्टर व विज्ञान अध्यापक श्री संदीप वधवा के सेवानिवृत्त होने पर भावपूर्ण विदाई समारोह का आयोजन किया गया। श्री वधवा ने अपने 35 वर्षों के शिक्षण अनुभव में से 31 वर्ष राजकीय सेवा में समर्पित किए। उन्होंने 21 फरवरी 1995 को अपनी सरकारी सेवा की शुरुआत की तथा प्रारंभिक नियुक्ति राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ढाब ढाणी में रही। इसके पश्चात उन्होंने 19 वर्षों तक धारेड़ू, फिर प्रेम नगर, प्रमोशन के बाद पैंतावास कलां और पिछले 4 वर्षों से पालवास सहित विभिन्न विद्यालयों में अपनी सेवाएं दीं।
समारोह का संचालन करते हुए दीपमाला शर्मा ने बताया कि अपने कार्यकाल के दौरान श्री संदीप ने विज्ञान विषय को रोचक एवं व्यावहारिक बनाने में विशेष योगदान दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को विज्ञान मॉडल प्रदर्शनी, प्रतियोगिताओं तथा विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों के माध्यम से आगे बढ़ाया तथा विद्यालय का प्रतिनिधित्व विभिन्न मंचों पर करवाया। साथ ही उनके लेख ‘संस्कारशाला’ के माध्यम से समय-समय पर समाचार पत्रों में प्रकाशित होते रहे हैं। उनके लघु लेख एवं शैक्षणिक विचार भी विभिन्न अखबारों में स्थान पाते रहे हैं। वे अपने विद्यार्थियों की उपलब्धियों और उनके शैक्षणिक कार्यों को भी समाचार पत्रों में प्रकाशित करवाते रहे हैं, जिससे विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन होता रहा। उन्होंने वर्ष 1991 में हरियाणा सामान्य ज्ञान पर अपनी पहली पुस्तक लिखी थी और अब तक लगभग 50 से अधिक पुस्तकें लिख चुके हैं। उनकी पुस्तकें गणित, विज्ञान, शारीरिक शिक्षा तथा विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे जेबीटी, बीएड, पॉलिटेक्निक आदि विषयों पर आधारित हैं।
इस अवसर पर उनके परिवार के सदस्य भी उपस्थित रहे, जिनमें उनकी धर्मपत्नी श्रीमती हिना वधवा, अक्षत वधवा बेटा,सुमेधा बेटी , तनय बब्बर दामाद , माधवी गाबा बहन, संदीप गाबा जीजा, प्रदीप सभरवाल साडू, दिनेश मेहता साला , संदीप मेहता साला ,
रौनक सभरवाल , गरविश मेहता, दामाद तरुण शामिल थे। विद्यालय के प्रभारी श्री राजेंद्र श्योराण ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए संदीप जी के समर्पण, अनुशासन एवं शिक्षण शैली की सराहना की।
विद्यालय के समस्त स्टाफ सदस्यों ने मिलकर उन्हें स्मृति चिन्ह एवं उपहार भेंट किए तथा उनके स्वस्थ, सुखमय एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। इस दौरान उर्मिला, अरुणा, प्रेमलता, सतीश, सुरेंद्र तंवर एवं संजय मुदगिल सहित अन्य शिक्षकों ने भी श्री संदीप वधवा के योगदान एवं उपलब्धियों पर प्रकाश डाला और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इसके अतिरिक्त, सांस्कृतिक सदन में भी उनके सम्मान में सांस्कृतिक मंच की ओर से एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। श्री संदीप स्वयं सांस्कृतिक मंच के सक्रिय सदस्य रहे हैं, जिसके चलते इस आयोजन को विशेष रूप दिया गया। कार्यक्रम में शहर के अनेक प्रबुद्धजन उपस्थित हुए और उन्होंने श्री संदीप वधवा को शुभकामनाएं प्रदान करते हुए उनके सामाजिक एवं शैक्षिक योगदान की सराहना की जिनमें दीवानचंद रहेजा, अशोक मुंजाल, प्रेम ग्रोवर, पार्षद संदीप यादव, डॉक्टर मुकेश यादव, डॉक्टर बी बी दीक्षित,अनिता नाथ, श्रीमती शशि परमार ने विशेष रूप से शिरकत की तथा वधवा सर को शुभकामनाएं प्रेषित की। यहां मंच का कुशल संचालन अनिता नाथ ने किया।
सांस्कृतिक सदन में आयोजित इस कार्यक्रम में अतिथियों के लिए जलपान और भोजन की व्यवस्था भी की गई थी।
समारोह के अंत में सभी ने भावुक माहौल में संदीप जी को को विदाई दी तथा उनके द्वारा दिए गए अमूल्य योगदान को सदैव स्मरण रखने का संकल्प लिया।