जीव दया की मिसाल: खेत से किया 6 सांपों का रेस्क्यू
भिवानी :
जीव संरक्षण और मानवता की दिशा में कार्य करते हुए गौरक्षा दल नौरंगाबाद की टीम ने एक चुनौतीपूर्ण अभियान के तहत खेत में बने एक कमरे से कुल 6 सांपों को सुरक्षित रेस्क्यू किया है।
यह पूरा अभियान गौरक्षा दल भिवानी के प्रधान संजय परमार के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
गौरक्षा दल भिवानी के प्रधान संजय परमार ने जानकारी देते हुए बताया कि टीम को गांव कलिंगा से सूचना प्राप्त हुई थी कि एक खेत में बने कमरे के भीतर तीन सांप देखे गए हैं। सूचना मिलते ही गौरक्षा दल नौरंगाबाद की टीम सक्रिय हुई। टीम के सदस्य बिजेंद्र रक्षक, जतिन, हैप्पी, अमन पंडित, हिमांशु और मानव तुरंत मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। शुरुआती जांच में तीन सांपों को सुरक्षित पकड़ लिया गया, लेकिन जब कमरे में रखे पत्थरों को हटाकर गहनता से तलाशी ली गई तो वहां तीन अन्य सांप भी छिपे मिले।
टीम ने तत्परता दिखाते हुए कुल 6 सांपों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। परमार ने बताया कि पकड़े गए 6 सांपों में से 5 रैट स्नेक थे, जिन्हें स्थानीय भाषा में घोड़ा पछाड़ भी कहा जाता है। ये सांप पूरी तरह विषहीन होते हैं और किसानों के मित्र माने जाते हैं क्योंकि ये चूहों का नियंत्रण करते हैं। वही एक अन्य सांप कॉमन कैत भी रेस्क्यू किया गया, जो कि भारत के सबसे जहरीले सांपों में से एक गिना जाता है। इसका जहर न्यूरोटॉक्सिक होता है, जो अत्यंत घातक है। रेस्क्यू किए गए सभी सांपों को बाद में उनके प्राकृतिक आवास (जंगल) में सुरक्षित छोड़ दिया गया।
गौरक्षा दल भिवानी के प्रधान संजय परमार ने कहा कि अक्सर अज्ञानता और डर के कारण लोग सांप देखते ही उसे मारने के लिए दौड़ते हैं, लेकिन हमें यह समझना होगा कि हर सांप जहरीला नहीं होता। जीव जगत का संतुलन बनाए रखने के लिए इन बेजुबानों का जीवित रहना आवश्यक है। परमार ने समाज को जागरूक करते हुए कहा कि हमें प्रत्येक जीव के प्रति दया भाव रखना चाहिए।
उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि सांप दिखने पर डरे नहीं और न ही उसे नुकसान पहुंचाएं। यदि कोई जानवर घायल, बीमार या ऐसी स्थिति में दिखे जहां उसे मदद की जरूरत हो तो तुरंत गौरक्षा दल की टीम को सूचित करें। क्योंकि प्रत्येक जीव की रक्षा करना हर नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी है।