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एमएसपी पर बाजरे की सरकारी खरीद शुरू न होने पर फूटा किसानों का गुस्सा

 

भिवानी:

बाजरे की सरकारी खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर शुरू ना होने के कारण किसानों का गुस्सा भडक़ उठा है। इसी के चलते ग्राम स्वराज किसान मोर्चा और गौ किसान समृद्धि ट्रस्ट के नेतृत्व में किसानों ने वीरवार को तोशाम अनाज मंडी में जोरदार प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

किसानों ने अपना रोष प्रकट करते हुए मुख्यमंत्री नायब सैनी का रावण रूपी पुतला दहन भी किया। यह प्रदर्शन हल्का प्रधान ईश्वर सिंह बागनवाला की अध्यक्षता में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया। किसानों ने एक सुर में सरकार से मांग की है कि वह बिना किसी देरी के बाजरे की एमएसपी पर खरीद शुरू करे, अन्यथा यह विरोध प्रदर्शन एक बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है।
     प्रदर्शन के दौरान ग्राम स्वराज किसान मोर्चा के युवा प्रदेश अध्यक्ष युद्धवीर मंगल सिंह खरेटा और गौ किसान समृद्धि ट्रस्ट के सचिव अनिल बागनवाला ने भाजपा सरकार को किसान विरोधी करार दिया।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर बाजरे की सरकारी खरीद शुरू नहीं कर रही है, जिससे किसान और अधिक आर्थिक परेशानी में डूब रहे हैं। उन्होंने कहा कि बाजरा किसानों की प्रमुख फसल है और एमएसपी पर खरीद न होने से उन्हें औने-पौने दामों पर अपनी फसल बेचनी पड़ रही है।

यह सीधा-सीधा किसानों का शोषण है। उन्होंने किसानों की दुर्दशा पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार को तुरंत खरीद शुरू करनी चाहिए, ताकि किसानों को राहत मिल सके। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे अपने आंदोलन को और तेज करेंगे।
     प्रदर्शन से पहले किसान नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती भी मनाई। उन्होंने उनके चित्रों पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर राज्य के वरिष्ठ उपाध्यक्ष दयानंद फौजी ने दोनों महान नेताओं के जीवन आदर्शों से सभी को अवगत कराया।

उन्होंने गांधीजी के सत्य और अहिंसा के सिद्धांतों और शास्त्री जी के जय जवान-जय किसान के नारे के महत्व को समझाया और कहा कि आज के दौर में इन आदर्शों को अपनाना बेहद ज़रूरी है, खासकर जब किसान अपने हकों के लिए संघर्ष कर रहा है।
     इस अवसर पर राजबीर दुहन बागनवाला, आल इंडिया किसान खेत मजदूर सगठन से रोहतास सैनी, जगबीर अलखपुरा, फुला सैनी, मा. रघुबीर भेरा सहित अनेक किसान मौजूद रहे।