भाजपा सरकार की लाचारी व बेलगाम अफसरशाही से किसान हुए बेहाल : अभय सिंह चौटाला
भिवानी:
हरियाणा की राजनीति में किसान और मंडियों का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौ. अभय सिंह चौटाला ने सोमवार को भिवानी अनाज मंडी का दौरा किया।
इस दौरान उन्होंने अनाज मंडी में इनेलो स्थापित किए गए फसल खरीद सेवा केंद्र के माध्यम से किसानों और आढ़तियों की समस्याओं को सुना, बल्कि प्रदेश की गठबंधन सरकार पर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए उसे किसान विरोधी करार दिया।
भिवानी मंडी में किसानों के बीच पहुंचे अभय चौटाला ने पाया कि किसान अपनी फसल बेचने के लिए दर-दर भटक रहे हैं। किसानों ने शिकायत की कि पोर्टल की खामियों के कारण उनकी फसल का पंजीकरण नहीं हो पा रहा है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए चौटाला ने कहा कि प्रदेश का किसान आज दोहरी मार झेल रहा है।
एक तरफ कुदरत का कहर है, तो दूसरी तरफ सरकार की जटिल नीतियां। मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल किसानों के लिए सुविधा नहीं, बल्कि मुसीबत का सबब बन गया है। लाखों एकड़ फसल का पंजीकरण न होना सरकार की नीयत पर सवाल खड़े करता है। अभय चौटाला ने कड़े तेवर दिखाते हुए कहा कि आज हरियाणा में मुख्यमंत्री पूरी तरह असहाय नजर आ रहे हैं और अफसरशाही बेलगाम हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी अपनी मनमर्जी से नियम थौंप रहे हैं, जिससे मंडियों में फसल लाने का समय सीमित कर दिया गया है और खरीद केंद्र बंद किए जा रहे हैं।
उन्होंने ट्रैक्टर-ट्रॉली के नंबर प्लेट रजिस्ट्रेशन और बायोमेट्रिक सत्यापन जैसे नए नियमों को किसानों को प्रताडि़त करने वाला बताया। चौटाला ने याद दिलाया कि जैसे सरकार को तीन काले कानून वापस लेने पड़े थे, वैसे ही इन किसान विरोधी फैसलों को भी वापस लेना होगा। इसके साथ ही उन्होंने विभिन्न किसान संगठनों से भी आह्वान किया कि उन्होंने जिस प्रकार तीन काले कानूनों के खिलाफ एकजुटता दिखाई थी, वैसे ही मंडियों में लगाई गई किसान विरोधी शर्तो के खिलाफ भी एकजुटता से सरकार का सामना करे।
अभय सिंह चौटाला ने दो दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि दो दिन में सरकार ने मंडियों में लगाई गई नाजायज शर्तो को नहीं हटाया तो इनेलो प्रदर्शन करने पर मजबूर होगी तथा इनेलो किसान के हित की लड़ाई में सबसे आगे खड़ी होगी। इस दौरान अभय चौटाला ने यह स्पष्ट कर दिया कि इनेलो केवल कागजों में नहीं, बल्कि जमीन पर उतरकर किसानों की लड़ाई लड़ेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार के फसलों से अनाज मंडी में किसान व व्यापारी दोनों परेशान है। उन्होंने कहा कि सरकार हजारों-करोड़ो रूपये गेहूं के कमीशन से प्राप्त करती है तथा इतना मोटा कमीशन खाने के बावजूद भी सरकार किसानों को परेशान व प्रताडि़त करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही। ऐसे में यदि सरकार ने किसानों को परेशान करना बंद नहीं किया तो किसान मजबूरन अन्य राज्यों में अपनी फसल बेचने पर मजबूर होगा, जिससे ना केवल सरकार, बल्कि व्यापारियों के समक्ष भी परेशानियां खड़ी होगी।
ऐसे में इनेलो मांग कर रही है कि अनाज मंडी में बायोमैट्रिक की खर्त खत्म की जाए, राजस्थान की तर्ज पर हरियाण सरकार भी किसानों को मुआवजा दे तथा मंडियों के गेट पास भी बंद किए जाए। इसके साथ ही नमी के नाम पर भी किसानों से हो रही लूट बंद की जाए।
वही भाजपा सरकार पर कटाक्ष करते हुए अभय सिंह चौटाला ने कहा कि मुख्यमंत्री कहते है कि मंडियों में घोटाले रोकने के लिए भाजपा ने उचित कदम उठाए है, जबकि वे कहना चाहते है कि जितने भी घोटाले हुए है या तो भाजपा के मंत्री ने किए है या फिर अधिकारियों ने। लेकिन भाजपा सरकार उनके खिलाफ कार्रवाई करने की बजाए किसानों को परेशान किया जाए।
उन्होंने मांग की कि शराब घोटाले, रजिस्ट्री घोटाला, धान घोटाला, सरसो घोटाला, पेपर लीक घोटाला सहित अन्य घोटालों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए तथा दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए तथा अन्नदाताओं को अधिक से अधिक सुविधाएं देनी चाहिए, ताकि अन्नदाता देश की तरक्की में भूमिका अदा कर सकें।
इस दौरान इनेलो जिला अध्यक्ष अशोक ढ़ाणीमाहु व हनुमान गर्ग व नरेश बंसल मंडी प्रधान ने अभय सिंह चौटाला का स्वाागत किया तथा अशोक ढ़ाणीमाहु ने भरोसा दिलाया कि इनेलो की जिला कार्यकारिणी मंडियों में तैनात है तथा किसानों को आने वाली प्रत्येक समस्या के समाधान की मांग पुरजोर तरीके से उठाई जा रही है, ताकि किसानों की समस्याओं का समाधान करवाया जा सकें। इस अवसर पर पूर्व मंत्री डा. वासुदेव शर्मा, ओमप्रकाश गौरा, मा. धर्मपाल ओबरा, रणबीर मंदौला, सुनील लांबा, विजय पंचगांवा, डा. मनजीत ढुल,ख्कृष्ण स्वामी, जितेंद्र मिनी, जयसिंह पातवान, हनुमान गर्ग, नरेश बंसल उर्फ भुरू प्रधान, घनश्याम गर्ग, पूर्ण जांगड़ा, सरोज श्योराण, इंदु परमार, शारदा मिश्रा, कृष्णा, अजीत बडेसरा, बिजेंद्र दुहन, रतीराम, विक्रम अलखपुरा, सत्यवान शास्त्री, रण सिंह श्योराण, सतपाल फौजी, भूप लांबा, हरकेश नागर, अनिल काठपालिया, सोनू ग्रेवाल, राजबीर खलीफा, आशा ग्रेवाल, आनंद सांगवान, दीपक, बिजेंद्र टांक, शुभम शर्मा, नरेश गोयल, विष्णु केडिया, अनिल जैन, रामोतार बाढड़़ा सहित अन्य पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।