खाद आपूर्ति में सरकार की ढि़लाई का खामियाजा भुगतते है किसान : कामरेड ओमप्रकाश
भिवानी :
अखिल भारतीय किसान सभा भिवानी तहसील कमेटी ने किसानों को डीएपी/ यूरिया खाद दिलवाने की मांग को लेकर बुधवार को स्थानीय नई अनाज मंडी में हैफेड खाद वितरित दुकान के सामने प्रदर्शन किया। बता दे कि खाद लेने के लिए कई गांव के किसान प्रात: काल 5 बजे से पहुंचना शुरू हो जाते हैं।
किसानों की समस्या को ध्यान में रखते हुए किसान सभा जिला उप प्रधान कामरेड ओम प्रकाश व भिवानी तहसील के किसान सभा सचिव करतार सिंह ग्रेवाल मौके पर किसानों के बीच पहुंचे और उन्होंने कृषि विभाग के डीडीए विनोद फोगाट व हैफेड डीएम पुनित पंघाल से बात की तो उन्होंने बताया कि ज्यादातर खाद पैक्स सोसाइटियों के जरिय गांव में भिजवा दी जाती है, परन्तु वहां उपस्थित किसानों का यह कहना है कि उन्हें गांव में खाद नहीं मिल रही है और खाद की कमी से खरीफ फसल नहीं ले पाएंगे तथा रबी की फसल की बुआई भी नहीं कर पाएंगे।
किसानों की समस्या के समाधान हेतु कामरेड ओम प्रकाश ने हैफेड डीम पुनित पंघाल से फोन पर बात की और मंडी में दो गाडिय़ां डीएपी खाद की भरी हुई थी। कृषि विभाग से बात करके उनको हैफेड वितरण केन्द्र के माध्यम से वितरित करवाने का निर्णय लिया गया।
उसके बाद हेफैड खाद वितरण केन्द्र के कर्मचारियों ने वहां सुबह से उपस्थित किसानों को खाद देना शुरू कर दिया। किसान नेताओं ने राज्य सरकार व कृषि कल्याण विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि कम से कम किसानों की मांग अनुसार उनको खाद उपलब्ध करवाने की व्यवस्था करनी चाहिए और यदि कोई खाद की ब्लैक मार्किटिंग करता है तो उसके विरुद्ध उचित कानूनी कार्यवाही करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि खाद की मांग को लेकर हर वर्ष किसान परेशान रहते है तथा सरकार आपूर्ति करने में अत्याधिक ढिलाई करती है। जिसका खामियाजा किसानो के साथ जनता को भी भुगतना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि हर जगह खाद के लिए लाईनें लगी रहती हैं और प्राईवेट व्यापारी खाद के साथ दूसरी चीजें खरीदने के लिए किसान को मजबूर करते है।
उन्होंने मांग की है कि जलभराव गांव में पानी की शीघ्र निकासी की जाए, क्षति पूर्ति पोर्टल खोलकर बर्बाद फसलों का मुआवजा एक लाख रुपये प्रति एकड़ दिया जाए, क्योंकि खेतों से पानी नहीं निकलने से रबी फसल की बिजाई भी संकट में पड़ गई है, बहुत से गरीब मजदूरों व किसानों के जल भराव से मकान भी गिर गए हैं उनको भी न्यायोचित हर्जाना दिलाना चाहिए। इस अवसर पर नंद गांव के किसान करण सिंह यादव, राजगढ के किसान रमेश शर्मा के अलावा कई गांव के किसान मौजूद रहे।