ओलावृष्टि से खराब फसलों के मुआवजे के लिए किसानों ने किया रोड जाम
चरखी दादरी ।
चरखी दादरी जिले में हाल ही में हुई ओलावृष्टि से फसलें बर्बाद होने को लेकर किसानों में रोष बना हुआ है। प्रभावित किसान मंगलवार को जिले के गांव हंसावास कलां बस अड्डे पर एकत्रित हुए। इस दौरान किसानों ने सरकार व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया और हिसार-नारनौल मुख्य सड़कमार्ग पर जाम लगाकर मुआवजे की मांग की। किसानों ने शीघ्र उनकी मांग पूरी नहीं करने पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने की चेतावनी दी है।
बता दे कि बीते शुक्रवार रात को चरखी दादरी जिले के कई गांवों में बारिश के साथ ओलावृष्टि होने से फसलों को काफी नुकसान हुआ।इसके अलावा बारिश के साथ अंधड़ आने से भी गेहूं, सरसों की फसलें जमीन पर बिछ गई जिससे काफी नुकसान हुआ ।
प्रभावित किसान, किसान संगठनों के लोग लगातार नुकसान की भरपाई के लिए स्पेशल गिरदावरी करवाकर मुआवजे की मांग कर रहे है। इसी को लेकर किसान गांव हंसावास कलां बस अड्डे पर हिसार-नारनौल सड़कमार्ग पर एकत्रित हुए और मुआवजे की मांग की लेकर रोष प्रदर्शन किया।
रोष जता रहे किसान पूर्व सरपंच दिनेश, राजबीर नंबरदार, जयसिंह, सत्यवान आदि ने कहा कि ओलावृष्टि से उनकी फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी है। लेकिन विभाग द्वारा नुकसान की रिपोर्ट तैयार की गई है उसमें नुकसान कम दर्शाया गया है। उन्होंने कहा कि शीघ्र स्पेशल गिरदावरी करवाकर किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए।
रोष जता रहे ग्रामीणों ने कहा कि उनके गांव में सबसे अधिक नुकसान हुआ है जबकि विधायक व अधिकारी दूसरे गांवों में चक्कर लगा रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि स्थानीय विधायक, सांसद व विभाग के अधिकारी उनके गांव में मौके का निरीक्षण करें और उसके बाद रिपोर्ट तैयार करें ताकि वास्तविक नुकसान का पता चल सके। उन्होंने कहा कि गेहूं, सरसों व सब्जी की फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी है जबकि विभाग जो रिपोर्ट तैयार कर रहा है उसमें काफी कम नुकसान दिखाया गया है।
रोष जता रहे किसानों ने कहा कि शीघ्र उनकी मांग पूरी नहीं की गई तो वे गांव के बस अड्डे पर टैंट लगा अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे और दोबारा से रोड़ जाम करेंगे। यदि फिर भी उनकी मांग पर संज्ञान नहीं लिया गया तो महापंचायत बुलाकर बड़े आंदोलन की शुरुआत करेंगे। जाम के कारण हिसार-नारनौल मुख्य सड़कमार्ग पर वाहनों की लाइन लग गई। जिसके कारण वाहन चालकों को परेशानी उठानी पड़ी।
स्पेशल गिरदावरी करवाकर किसानों ने प्रति एकड़ 50 हजार रुपए मुआवजा देने की मांग की। किसानों ने रोष जताते हुए नारनौल- हिसार सड़क मार्ग पर जाम भी लगा दिया। लेकिन कुछ ही मिनट बाद गांव के मौजिज लोगों ने समझाया कि जाम लगाना समस्या का हल नहीं है वे अधिकारियों व जन प्रतिनिधियों से मिलकर अपनी मांग उनके समक्ष रखेंगे। जिसके बाद ग्रामीणों ने जाम खोल दिया।