{"vars":{"id": "123258:4912"}}

FSSAI Action Festival Season: 1 सितंबर से 5 नवंबर तक चला विशेष अभियान, FSSAI ने जारी किए 10 हजार से ज्यादा सुधार नोटिस

त्योहारों पर FSSAI की बड़ी कार्रवाई। 82 करोड़ के 3,280 टन मिलावटी खाद्य उत्पाद जब्त। 52 लाइसेंस रद्द और 314 प्रतिष्ठान सील। पूरी खबर पढ़ें।
 

त्योहारों के इस पावन सीजन में मिठाइयों, पनीर, दूध और घी की मांग बाजार में आसमान छूने लगती है। इसी मांग और मुनाफे का फायदा उठाकर कुछ बेईमान कारोबारी धड़ल्ले से मिलावट और घटिया क्वालिटी के खाद्य पदार्थ बाजार में खपाने लगते हैं। लेकिन इस बार ऐसे मिलावटखोरों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा नियामक FSSAI ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने देश भर में चलाए गए अपने विशेष जांच अभियान के दौरान करीब 3,280 टन प्रतिबंधित और मानकों पर खरे नहीं उतरने वाले खाद्य उत्पाद जब्त किए हैं। इन सभी ज्‍़ब्त उत्पादों की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 82 करोड़ रुपये आंकी गई है।

इतना ही नहीं, खाद्य सुरक्षा के नियमों का घोर उल्लंघन करने वाले कारोबारियों के 52 लाइसेंस पूरी तरह रद्द कर दिए गए हैं, जबकि 1,133 लाइसेंस निलंबित (Suspend) किए गए हैं। इसके अलावा नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले 314 खाद्य प्रतिष्ठानों को सील भी कर दिया गया है। यह सख्त कार्रवाई ठीक ऐसे समय पर की गई है, जब दिवाली और अन्य त्योहारों के दौरान देश में खाद्य पदार्थों की खपत सबसे ज्यादा होती है। आइए विस्तार से जानते हैं कि FSSAI के इस राष्ट्रव्यापी अभियान में क्या-क्या खुलासे हुए हैं।

📊 FSSAI का बड़ा एक्शन: 1 सितंबर से 5 नवंबर तक चलाए गए देशव्यापी अभियान के चौंकाने वाले आंकड़े

छापेमारी और जब्ती का ब्योरा:

  • अभियान की शुरुआत: त्योहारों के मौसम में मिलावट पर लगाम कसने के लिए यह विशेष राष्ट्रव्यापी निरीक्षण अभियान गत 1 सितंबर से शुरू किया गया था।

  • निरीक्षण के आंकड़े: FSSAI द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, 1 सितंबर से 5 नवंबर के बीच अपने इस बड़े प्रवर्तन अभियान के दौरान नियामक ने कुल 56,431 खाद्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया।

  • जब्ती और नोटिस: इस दौरान मानकों को पूरा न करने वाले कुल 3,279.57 टन प्रतिबंधित खाद्य उत्पाद (जिनमें मुख्य रूप से पनीर, घी, दूध और तरह-तरह की मिठाइयां शामिल थीं) जब्त किए गए, जिनकी कुल कीमत 81.80 करोड़ रुपये है। इसके अलावा, नियमों का उल्लंघन करने वाले खाद्य कारोबार संचालकों (FBOs) को 10,047 सुधार नोटिस भी जारी किए गए हैं।

  • नियामक की सख्ती: इस कैलेंडर वर्ष में FSSAI ने आम उपभोक्ताओं को पूरी तरह सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना सुनिश्चित करने के लिए देश भर के तमाम खाद्य कारोबारियों और ई-कॉमर्स कंपनियों के खिलाफ अपनी प्रवर्तन कार्रवाई बेहद तेज कर दी है।

🛡️ आखिर FSSAI क्या है और इसके पास मिलावट रोकने के लिए कौन-कौन से कानूनी अधिकार हैं?

FSSAI का परिचय और कार्यप्रणाली:

  • परिचय: FSSAI यानी Food Safety and Standards Authority of India भारत सरकार की एक प्रमुख और स्वायत्त नियामक संस्था है, जो देश भर में खाद्य पदार्थों की सुरक्षा, शुद्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित करती है।

  • स्थापना: इसकी स्थापना खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के सुसंगत प्रावधानों के तहत की गई थी। यह संस्थान केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के अधीन कार्य करता है।

FSSAI की प्रमुख जिम्मेदारियां और अधिकार:

  • मानक तय करना: देश में बिकने वाले सभी प्रकार के खाद्य पदार्थों के लिए वैज्ञानिक आधार पर सुरक्षा और गुणवत्ता के कड़े मानक तय करना।

  • लाइसेंसिंग: खाद्य कारोबार से जुड़े सभी निर्माताओं, दुकानदारों और सप्लायरों के लिए लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन की पारदर्शी व्यवस्था लागू करना।

  • मिलावट पर शिकंजा: खाद्य पदार्थों में खतरनाक मिलावट, रंग और गलत या भ्रामक लेबलिंग करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करना।

  • सैंपलिंग व जांच: समय-समय पर बाजार से खाद्य उत्पादों की सैंपलिंग कर उन्हें अधिकृत प्रयोगशालाओं (Labs) में जांच के लिए भेजना।

  • दंडात्मक कार्रवाई: यदि कोई खाद्य कारोबारी निर्धारित नियमों या मानकों का पालन नहीं करता है, तो संबंधित खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को कानूनी प्रावधानों के तहत नोटिस जारी करने, स्टॉक जब्त करने, लाइसेंस निलंबित या रद्द करने तथा प्रतिष्ठान सील करने का पूरा अधिकार प्राप्त होता है।