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गीता धार्मिक ग्रंथ ही नहीं बल्कि जीवन जीने की शैली है: धर्मबीर सिंह 

 

भिवानी।

भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा क्षेत्र से सांसद धर्मबीर सिंह ने कहा है कि गीता धर्मग्रंथ ही नहीं है, बल्कि जीवन जीने की एक शैली है। गीता को जीवन में आत्मसात करने की जरूरत है।

आत्मसात करने के लिए नागरिकों को कर्म भी करना होगा।
सांसद धर्मबीर सिंह शनिवार को स्थानीय किरोड़ीमल पार्क में आयोजित तीन दिवसीय जिला स्तरीय अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के शुभारम्भ अवसर पर बोल रहे थे। इससे पहले उन्होंने हवन यज्ञ में पूर्ण आहूति डालकर जिला स्तरीय गीता महोत्सव का आगाज किया। सांसद ने कार्यक्रम में विभिन्न विभागों, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का बारीकी से अवलोकन किया।
सांसद धर्मबीर सिंह ने कहा कि गीता में न्याय, नीति और धर्म का संदेश है। इसमें आत्मा और शरीर के संबंधों का उल्लेख है। कर्म में स्थिर चित्त लगाकर भगवान को समर्पित होकर किया गया कर्म सुखद परिणाम देता है। उन्होंने कहा कि भगवान श्री कृष्ण द्वारा गीता के माध्यम से दिया शिक्षा और उपदेश हर युग में व्यवहारिक है। गीता के शब्द सिर्फ व्यक्ति ही नहीं, राष्ट्र की नीति को भी दिशा देते हैं।

श्री भगवद गीता में भगवान कृष्ण ने लोक कल्याण के लिए कार्य करने का निर्देश दिया है। सांसद ने कहा कि बाहरी तत्वों ने आकर देश में पूरे सिस्टम को तोडऩे का काम किया है और अब कलयुग में अनेक बीमारियां आ गई हैं। इसके परिणामस्वरूप  लोग अब स्वदेशी वस्तुओं के इस्तेमाल की ओर तरफ बढ़ रहे हैं।
सांसद ने आह्वान किया कि स्वेदशी वस्तुओं का इस्तेमाल करने का प्रण लें। उन्होंने कहा कि स्वदेशी वस्तुओं का प्रयोग करने लगेंगे तो देश आत्म निर्भर होगा और वर्ष 2047 से पहले विकसित देशों की श्रेणी में आ जाएगा। सांसद ने कार्यक्रम में लगाई गए स्टॉलों का जिक्र करते हुए कहा कि आज आयुर्वेद व योग की ओर बढऩे की अत्यधिक जरूरत है। उन्होंने कहा कि निरोग रहने के लिए भारतीय चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद का कोई विकल्प नहीं है।

आयुर्वेद हमारी प्राचीनतम चिकित्सा पद्धति है। जिसके विकास और विस्तार की अत्यधिक आवश्यकता है। निरोग रहने के लिए आयुर्वेद और योग प्राणवान चिकित्सा है। आज विश्व के कई देश आयुर्वेद के साथ तेजी से जुड़ रहे हैं। सांसद ने फसलों, सब्जियों में इस्तेमाल किए जा रहे अत्यधिक कीटनाशकों, यूरिया, डीएपी पर चिंता प्रकट करते हुए कहा कि इन हालातों में देशी कुछ नहीं रह गया है। गाय/भैंस के देशी घी की बात करते हैं लेकिन ये भूल जाते हैं कि पशुओं को जहर खिला रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि फसलों/सब्जियों में स्वदेशी तकनीकों का इस्तेमाल करें।
इस अवसर पर एसडीएम महेश कुमार, भाजपा जिला अध्यक्ष वीरेंद्र कौशिक, डीईईओ शिव कुमार तंवर, डीएचओ डॉ. देवीलाल, डॉ. सुभाष, डॉ. विरेन्द्र श्योराण बडदू, एचआई जगदीश, महामंत्री रमेश पचेरवाल, रेखा राघव, ठा. विक्रम सिंह, प्रदीप प्रजापति, कुलदीप शतरंज, जिओ गीता से नरेश आहूजा,  दर्शन मिड्ढा, राधा कृष्ण चावला, विनोद छाबड़ा, कृष्ण हंस, जगन गंभीर, पवन मदान, सुमन, बुंदेला, रजनी सीमा, प्राचार्य रविन्द्र वैद्य, प्रवेश गौतम, डॉ. अनिल गौड, नंद किशोर अग्रवाल, मोहन लाल बुवानी वाला, डॉ. विनोद आंचल, सुनील वर्मा सहित अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
- गीता आचार्य ने करवाया हवन
दिन दिवसीय गीता महोत्सव का शुभारंभ हवन और गीता पाठ से किया गया। जहर गिरी आश्रम से डॉ. अशोक गिरी के शिष्यों ने शंखनाद किया। आचार्य सुरेश, पंडित इंद्रेश कुमार झा, रामचंद्र शास्त्री, सुयोग्य शास्त्री और मुरलीधर शास्त्री ने मंत्रोचारण कर हवन करवाया। इस दौरान जोगी वाला डेरे के महंत वेदनाथ और गौमठ्ठ लेघा से महंत राजनाथ का सानिध्य मिला। गोमठ के बच्चों ने योगासन का प्रदर्शन किया।
- विभिन्न स्कूली बच्चों एवं कलाकारों द्वारा गीता पर आधारित प्रस्तुत किए सांस्कृतिक कार्यक्रम
प्रसिद्घ लोक गायक बाली शर्मा व उसकी पार्टी ने कार्यक्रम में महाभारत कालीन रागनियों की प्रस्तुति दी। इसके अलावा डीएवी पुलिस पब्लिक स्कूल, वैश्य मॉडल पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल, हालुवासिया विद्या विहार, केएम पब्लिक स्कूल, उतमीबाई आर्य कन्या सी.सै. स्कूल, महामति प्राणनाथ विद्या निकेतन स्कूल के विद्यार्थियों ने शानदार भगवान श्री कृष्ण के संदेश व महाभारत पर आधारित जोरदार संस्कृतिक प्रस्तुति दी। कार्यक्रम स्थल पर महिला एवं बाल विकास विभाग व शिक्षा विभाग द्वारा शानदार रंगोली बनाई गई, हर कोई वहां पर सेल्फी लेता नजर आया।  
- श्री कृष्ण गौशाला से गाय का दूध रहा गीता जयंती में आकर्षण का केंद्र
गीता जयंती महोत्सव में सरकारी विभागों ने स्टॉल लगाकर योजनाओं की जानकारी दी।  वहीं श्री कृष्ण गौशाला द्वारा गाय का दूध स्टॉल लगाकर गाय का दूध पिलाया गया।

राष्ट्रीय आजीविका मिशन की स्टॉल पर स्वदेशी वस्तुओं के इस्तेमाल का संदेश दिखाई दिया। इन स्टॉल पर हाथ से बने जूते, जैविक खेती को बढ़ावा, खादी वस्त्र, बाजरे/मूंग के पापड़, अचार, हाथ से बने वस्त्र, श्रृंगार सामग्री आदि घर में ही तैयार किए उत्पाद में स्वदेशी झलक दिखाई दी।

इनमें हाथ से बनाए गए लोहे के बर्तनों का इस्तेमाल सेहत का भी ध्यान रखने का संदेश दे रहे थे। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग द्वारा सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। आयुष विभाग द्वारा प्राचीन भारतीय पद्धति योगा, पंचकर्म के माध्यम से स्वास्थ्य लाभ पर जोर दिया गया।
जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा जल संरक्षण, डाक विभाग द्वारा सुकन्या समृद्धि योजना, हैफेड के द्वारा उत्पादों की गुणवत्ता, कृषि विभाग द्वारा फसल बीमा योजना, बायोगैस संयंत्र पर दी जा रही सब्सिडी के बारे में बताया गया। विश्व हिंदू परिषद द्वारा विभिन्न धार्मिक पुस्तकों के साथ-साथ अयोध्या में भव्य राम मंदिर पर धर्म ध्वज स्थापना व सनातन सन्देश दिया गया। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी आश्रम द्वारा श्रीमद्भागवत का संदेश दिया गया। पर्यावरण शुद्धिकरण समिति द्वारा आने वाले जीवन के संरक्षण को लेकर शुद्ध पर्यावरण का संदेश दिया गया।

महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बच्चों के विकास के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं, उद्यान विभाग द्वारा सब्जियों एवं फलों के बाग लगाने के लिए दी जा रही सब्सिडी की जानकारी दी गई। वहीं स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीबी, एचआईवी, मानसिक रोग, बीपी, शुगर आदि बीमारियों को लेकर जागरूक किया गया।
पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा नस्ल सुधार के लिए कृत्रिम गर्भाधान, पशुधन बीमा योजना, दुग्ध प्रतियोगिता आदि की जानकारी दी गई।

जिला अग्रणी बैंक ने वित्तीय साक्षारता अभियान व पीएम मुद्रा योजना की जानकारी दी गई। यातायात पुलिस और सचिव प्रादेशिक परिवहन ने सडक़ सुरक्षा के लिए नए कानूनों की जानकारी दी। जिला कल्याण विभाग द्वारा विवाह शगुन योजना, छात्रवृति प्रोत्साहन योजना, डॉ. भीम राव अम्बेडकर मकान नवीनीकरण योजना आदि की जानकारी दी। जिला रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा कृत्रिम अंगों तथा रक्तदान शिविरों की जानकारी दी गई। इसके अलावा द चंद्र शेखर आजाद ग्रुप, स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी कल्याण संगठन, नव दुर्गा सहयोग संस्था, जीओ गीता और श्री कृष्ण कृपा समिति, महावीर जैन वरिष्ठï माध्यमिक स्कूल, विवेकानंद केंद्र शाखा, महात्मा ज्योतिबा फूले धर्मार्थ ट्रस्ट, नगर परिषद, बिजली वितरण निगम, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने अपने-अपने संस्थान से संबंधित जानकारी दी।