ग्राम स्वराज किसान मोर्चा व गौ किसान समृद्धि ट्रस्ट ने सीएम के नाम सौंपा ज्ञापन
भिवानी :
अत्याधिक बारिश व उसके कारण उत्पन्न जलभराव ने तोशाम ब्लॉक के किसानों व ग्रामीणों की जि़दगी पर गहरा संकट खड़ा कर दिया है। किसानों की फसलें बहकर बर्बाद हो गई, खेतों में कार्य रूक गया तथा कई ग्रामीणों के मकान भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।
इस गंभीर समस्या को लेकर ग्राम स्वराज किसान मोर्चा एवं गौ किसान समृद्धि ट्रस्ट ने मंगलवार को तोशाम के एसडीएम कार्यालय में एक ज्ञापन प्रदेश के मुख्यमंत्री को सौंपा।
ज्ञापन सौंपते हुए ग्राम स्वराज किसान मोर्चा के युवा प्रदेश अध्यक्ष युद्धवीर मंगल सिंह खरेटा, महासचिव मा. रघुबीर भेरा ने कहा कि बारिश के कारण किसानों को क्रॉप कटिंग से पूर्व ही अपूरणीय नुकसान उठाना पड़ा है। कृषि भूमि में जलभराव के कारण फसलें समाप्त हो गई, जिससे किसानों का आर्थिक आधार डगमगा गया है। साथ ही कई ग्रामीण अपने मकान के भी पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हो जाने से मानसिक एवं आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अभी नुकसान लगातार जारी है, जिससे समय पर मुआवजा न मिलने पर हालात और अधिक गंभीर होते जा रहे हैं। इसलिए मुआवजा आवेदन की अंतिम तिथि ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर बढ़ाकर 30 सितंबर की जाए ताकि अधिक से अधिक किसानों व प्रभावितों को लाभ मिल सके।
उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि जलभराव प्रभावित प्रत्येक किसान को न्यूनतम 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजे के तौर पर दिए जाएं। साथ ही मकानों की क्षतिपूर्ति के लिए 35 लाख से 50 लाख रुपये तक का मुआवजा तत्काल देने की भी मांग की गई है।
इस मौके पर ग्राम स्वराज किसान मोर्चा के संयोजक महेंद्र सिंह गोदारा, तोशाम हल्का अध्यक्ष ईश्वर बागनवाला ने कहा कि केवल गांव क्षेत्र ही नहीं, बल्कि ढ़ाणियों को भी समुचित सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिया जाए। उन्होंने कहा कि इस आपदा की वजह से अनेक किसानों की आजीविका संकट में आ गई है।
राज्य सरकार से पूरी उम्मीद रखते हैं कि वे समय पर कार्रवाई करते हुए उचित मुआवजा प्रदान करे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
इस अवसर पर अनिल बागनवाला, राजपाल सिंह चाहर, राजबीर दुहन, जंगबीर अलखपुरा, मा. सावत सिंह थिलौड़, पवन कुमार, मनोज कुमार, श्रवण, अनिल सांगवान भेरा, ईश्वर सिंह बागनवाला, राजबीर, छोटू टाला सहित अनेक किसान व ग्रामीण मौजूद रहे।