DC Sahil Gupta Air Pollution News: पर्यावरण प्रदूषण रोकने के लिए एनसीआर में ग्रेप का दूसरा चरण लागू, डीसी साहिल गुप्ता ने दिए सख्त निर्देश
पर्यावरण प्रदुषण रोकने को लेकर एनसीआर क्षेत्र में ग्रेप का दूसरा चरण लागू: डीसी साहिल गुप्ता
डीसी ने संबंधित विभागों को दिए ग्रेप के दूसरे चरण के तहत आदेशों की अनुपालना सुनिश्चित करने के निर्देश
भिवानी, 03 नवंबर। डीसी साहिल गुप्ता ने बताया कि दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता लगातार खराब होने के कारण वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने दो नवंबर को ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) के दूसरे चरण को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है। प्रदूषण बढऩे और आगामी दिनों में वायु गुणवत्ता बहुत खराब रहने के पूर्वानुमान को देखते हुए सीएक्यूएम द्वारा यह निर्णय लिया गया है। वहीं दूसरी ओर डीसी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे जिला में वायु प्रदुषण के नियंत्रण को लेकर आवश्यक कदम उठाएं और ग्रेप के दूसरे चरण की नियमों की अनुपालना सुनिश्चित करें।
पर्यावरण प्रदुषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अजीत कुमार ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि वायु प्रदूषण की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग द्वारा 30 अक्टूबर को जारी आदेश के अनुसार दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में 05 से 20 नवंबर 2026 तक धूल उत्पन्न करने वाली सभी प्रकार की तोडफ़ोड़ एवं खुले में होने वाली निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध रहेगा। उन्होंने बताया कि यह प्रतिबंध हाईवे, सडक़, फ्लाईओवर, ओवरब्रिज, बिजली की ट्रांसमिशन लाइन, पाइपलाइन एवं दूरसंचार संबंधी निर्माण कार्यों पर भी लागू होगा। हालांकि, रेलवे, मेट्रो, एयरपोर्ट, अस्पताल, जलापूर्ति एवं स्वच्छता, राष्ट्रीय सुरक्षा/रक्षा तथा राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं को आदेश में निर्धारित छूट प्रदान की गई है।
उन्होंने बताया कि ग्रैप के पहले चरण के तहत दिए निर्देशानुसार निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण, निर्माण सामग्री और मलबे को ढककर रखना, मलबे के परिवहन में ढके वाहनों का उपयोग, एंटी-स्मॉग गन व पानी के छिडक़ाव जैसे उपाय लागू रहेंगे। 500 वर्ग मीटर या इससे अधिक क्षेत्रफल वाले निर्माण एवं तोडफ़ोड़ स्थलों को संबंधित पोर्टल पर पंजीकरण और निर्धारित नियमों का पालन करना होगा। ठोस कचरे, निर्माण मलबे और औद्योगिक व खतरनाक कचरे का नियमित उठान सुनिश्चित किया जाएगा तथा खुले में कचरा डालने और जलाने पर रोक रहेगी। लैंडफिल स्थलों पर आग की घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी बढ़ाई जाएगी।
क्षेत्रीय अधिकारी ने आम जनता, निर्माण एजेंसियों, ठेकेदारों एवं संबंधित विभागों से अपील की है कि निर्धारित अवधि के दौरान प्रतिबंधित निर्माण एवं तोडफ़ोड़ गतिविधियां न करें तथा सीएक्यूएम के आदेशों का सख्ती से पालन करें तथा वायु प्रदूषण नियंत्रण में प्रशासन का सहयोग करें।