गुरुग्राम: निर्माण साइट पर रंगदारी के आरोप निकले झूठे, 8 लोग गिरफ्तार
गुरुग्राम के राजेंद्र पार्क थाना क्षेत्र में रंगदारी का मामला निकला झूठा। पुलिस ने 8 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की और 5 स्कॉर्पियो गाड़ियाँ जब्त कीं। पढ़ें रिपोर्ट।
गुरुग्राम: राजेंद्र पार्क थाना क्षेत्र में निर्माण साइट पर रंगदारी और जान से मारने की धमकी देने के चर्चित मामले में पुलिस ने खुलासा किया है. ठेकेदार ने 50 से 60 लोगों पर रंगदारी मांगने और काम बंद कराने की धमकी देने का आरोप लगाया था, लेकिन पुलिस जांच में रंगदारी और जान से मारने की धमकी के आरोप झूठे पाए गए. हालांकि, शांति व्यवस्था भंग करने के आरोप में पुलिस ने 8 लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर 5 स्कॉर्पियो गाड़ियां जब्त की हैं.
15 जुलाई का है मामला: राजेंद्र पार्क थाना पुलिस को एक ठेकेदार ने शिकायत दी थी कि वो सेक्टर-104 स्थित सेंट्रल पार्क और सेक्टर-106 स्थित एलान ग्रुप की परियोजनाओं में मिट्टी और पानी की सप्लाई का काम करता है. शिकायत के अनुसार दोपहर करीब 3 से 3:30 बजे के बीच करीब 20 गाड़ियों में सवार 50 से 60 युवक उसकी निर्माण साइट पर पहुंचे. आरोप था कि इन लोगों ने वहां मौजूद कर्मचारियों और सुरक्षा गार्डों को धमकाया और कहा कि अगर इलाके में काम करना है, तो उन्हें पैसे देने होंगे, नहीं तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे.
झूठे मिले ठेकेदार के आरोप: ठेकेदार ने ये भी आरोप लगाया था कि उसके सुपरवाइजर को रास्ते में रोककर जान से मारने की धमकी दी गई. पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ था. शिकायत मिलते ही राजेंद्र पार्क थाना पुलिस और अपराध शाखा सेक्टर-10 की टीम ने मामले की जांच शुरू की. पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, सीसीटीवी फुटेज खंगाले और संबंधित लोगों से पूछताछ की. जांच के दौरान पुलिस को ठेकेदार से रंगदारी मांगने, काम बंद कराने और दूसरी साइट पर जाकर धमकी देने के आरोप झूठे पाए गए.
आरोपियों पर पुलिस की कार्रवाई: हालांकि जांच में ये सामने आया कि कई लोग एक साथ इकट्ठा होकर मौके पर पहुंचे थे, जिससे शांति और कानून व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका बनी. इसके बाद पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से 8 लोगों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126/170 के तहत निवारक कार्रवाई की. जिन लोगों पर कार्रवाई की गई उनमें नवीन उर्फ भोला, देवेंद्र उर्फ सुखू, परवीन उर्फ मोनू उर्फ चोबे, अजय, मुंडी उर्फ योगेंद्र, अनिल, मोहित और सचेत उर्फ मोटा शामिल हैं. ये सभी गुरुग्राम, रोहतक और दादरी के रहने वाले हैं.
मामले की जांच में जुटी पुलिस: गुरुग्राम एसीपी अभिलक्ष जोशी ने कहा "फिलहाल पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 5 स्कॉर्पियो गाड़ियां भी बरामद की हैं. मामले में जांच पूरी कर नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. वहीं वायरल वीडियो और पूरे घटनाक्रम को लेकर पुलिस लगातार निगरानी बनाए हुए है."