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Hansi Wholesale Sugar Market News: थोक मंडियों में ₹6600 क्विंटल पार हुई चीनी, जानिए क्यों अचानक बढे दाम

त्योहारी सीजन से ठीक पहले चीनी के दामों में भारी उछाल आया है। थोक और खुदरा बाजार में चीनी ₹65 प्रति किलो तक पहुंच गई है, जिससे गृहिणियों और कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है।
 

हांसी: देशभर के बाजारों में चीनी की कीमतों में अचानक तेज उछाल देखने को मिल रहा है. कुछ समय पहले तक करीब 44 रुपये प्रति किलो बिकने वाली चीनी अब कई बाजारों में 65 रुपये किलो तक पहुंच गई है. पहले भाव करीब 52 रुपये किलो तक पहुंचे और इसके बाद पिछले एक-दो दिनों में अचानक तेजी आई. त्योहारी सीजन शुरू होने से ठीक पहले आई इस तेजी ने आम उपभोक्ताओं के घरेलू बजट की चिंता बढ़ा दी है.

थोक मंडियों में भी तेज उछाल: कारोबारियों के अनुसार थोक मंडियों में चीनी के भाव 6500 से 6600 रुपये प्रति क्विंटल के पार पहुंच गए हैं. यानी थोक बाजार में भी कीमतों में लगातार तेजी बनी हुई है. थोक भाव बढ़ने के बाद परिवहन और दूसरे खर्च जुड़ने से फुटकर बाजार में चीनी 65 रुपये किलो तक बिक रही है. व्यापारियों का कहना है कि बाजार में उपलब्धता और मांग के बीच अंतर बढ़ने से कीमतों पर दबाव बना है.

पुराना स्टॉक घटने से बढ़ी चिंता: कारोबारियों के मुताबिक चीनी मिलों के पास पुराना स्टॉक काफी कम हो गया है. आगामी पेराई सत्र शुरू होने में अभी समय है, इसलिए बाजार में नई चीनी की आवक सीमित है. उपलब्ध स्टॉक कम होने और मांग बने रहने के कारण कीमतों में तेजी देखी जा रही है. वहीं गन्ने और उससे जुड़े उत्पादन के एक हिस्से के एथेनॉल निर्माण में इस्तेमाल को भी चीनी की उपलब्धता से जोड़कर देखा जा रहा है.

त्योहारों से पहले बढ़ी मांग: त्योहारी सीजन में मिठाइयों, पकवानों और अन्य खाद्य पदार्थों में चीनी की खपत बढ़ जाती है. रक्षाबंधन और जन्माष्टमी के बाद दिवाली जैसे बड़े त्योहार भी आने हैं. ऐसे में मांग बढ़ने की संभावना ने बाजार में कीमतों को लेकर चिंता बढ़ा दी है. कारोबारियों के बीच जमाखोरी और बाजार में अटकलों को लेकर भी चर्चा है, हालांकि वास्तविक स्थिति आपूर्ति सामान्य होने के बाद ही स्पष्ट होगी.

चाय की दुकानों पर भी असर: चीनी की कीमत बढ़ने का असर चाय की दुकानों पर भी दिखाई देने लगा है. चीनी की बढ़ती कीमत पर चाय विक्रेता भप्पी जैन ने कहा कि, "चीनी महंगी होने से चाय की लागत बढ़ गई है. रोजाना इस्तेमाल होने वाली चीजों के दाम बढ़ने से छोटे दुकानदारों पर सीधा असर पड़ रहा है और ग्राहक भी कम आने लगे हैं."

"आगे और बढ़ सकता है भाव": वहीं, चीनी थोक व्यापारी संदीप सिंगला ने बताया कि, "थोक मंडी में ही चीनी के भाव तेजी से बढ़कर करीब 45 से 64 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं. परिवहन और अन्य खर्च जोड़ने के बाद फुटकर बाजार में यह 65 रुपये किलो तक बिक रही है. अगर बाजार में आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो आने वाले त्योहारों के दौरान चीनी के दाम और बढ़ सकते हैं."

गृहणियों का बिगड़ा घरेलू बजट: चीनी की कीमत बढ़ने से घरों का मासिक बजट भी प्रभावित हो रहा है. हांसी की गृहणी शालू ने कहा कि, "चीनी का इस्तेमाल रोजाना चाय और खाने-पीने में होता है. अचानक दाम बढ़ने से घर का खर्च बढ़ गया है. पहले से महंगाई की मार झेल रहे परिवारों के लिए यह एक और परेशानी है. छोटी-छोटी खाद्य वस्तुओं के दाम बढ़ने से महीने का कुल खर्च काफी प्रभावित होता है."

मिठाई कारोबार पर भी पड़ेगा असर: चीनी की कीमतों में तेजी का असर केवल घरों तक सीमित नहीं है. हलवाइयों, मिठाई कारोबारियों और चाय दुकानदारों की लागत भी बढ़ रही है. चीनी महंगी होने से बुरा, खांड, बताशे और कई मिठाइयों की लागत पर भी असर पड़ सकता है. त्योहारों के दौरान मिठाइयों की मांग बढ़ने पर इसका बोझ ग्राहकों की जेब पर पड़ने की संभावना है.

आम आदमी को राहत का इंतजार: चीनी के दामों में अचानक आई तेजी ने आम उपभोक्ताओं से लेकर छोटे कारोबारियों तक की चिंता बढ़ा दी है. एक ओर त्योहारों के कारण मांग बढ़ने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर पुराना स्टॉक घटने और नई चीनी की आवक सीमित होने से बाजार दबाव में है. अब लोगों की नजर इस बात पर है कि चीनी की आपूर्ति कब सामान्य होती है और बढ़े हुए भाव से कब राहत मिलती है.