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प्रकृति की ओर वापसी : हनुमान जोहड़ी मंदिर में अब मिट्टी के चूल्हे पर पकेगा आरोग्य, रखी आधारशिला
 

प्रकृति की गोद में ही छिपा है स्वास्थ्य का असली खजाना : महंत चरणदास महाराज
 
 

भिवानी, 03 मई : आधुनिकता की चकाचौंध और भागदौड़ भरी जिंदगी के बीच छोटी काशी भिवानी का हनुमान जोहड़ी मंदिर एक बार फिर अपनी पौराणिक और स्वास्थ्यवर्धक परंपराओं को जीवंत करने के लिए चर्चा में है। मंदिर परिसर स्थित श्री हनुमान संजीवनी वैलनेस सेंटर (प्राकृतिक चिकित्सालय) में प्रकृति से जुड़ाव की एक अनूठी पहल करते हुए मिट्टी के चूल्हे की आधारशिला रविवार को रखी गई। यह कदम केवल पुरानी परंपरा को दोहराना नहीं है, बल्कि बीमारियों की जड़ बन चुकी आधुनिक जीवनशैली को प्राकृतिक उपचार से चुनौती देना है। मंदिर के महंत बालयोगी चरणदास महाराज के सान्निध्य में आयोजित कार्यक्रम के दौरान समाजसेवी प्रेम सागर और राजीव मित्तल ने इस चूल्हे की आधारशिला रखी। हनुमान संजीवनी वैलनेस सेंटर पहले से ही मिट्टी चिकित्सा, जल चिकित्सा और वायु चिकित्सा के माध्यम से लोगों का उपचार कर रहा है। अब इसमें मिट्टी के चूल्हे को शामिल कर अग्नि तत्व को भी शुद्ध रूप में जोडऩे का प्रयास किया गया है।

आधारशिला रखने के उपरांत श्रद्धालुओं और स्वास्थ्य प्रेमियों को संबोधित करते हुए महंत चरणदास महाराज ने कह कि स्वास्थ्य का असली खजाना प्रकृति की गोद में ही छिपा है। उन्होंने कहा कि आज का इंसान गैजेट्स और गैस के बीच अपनी सेहत खो रहा है। मिट्टी के चूल्हे पर धीमी आंच में बना भोजन केवल पेट नहीं भरता, बल्कि वह अमृत समान होता है। जब मिट्टी के पात्र में चूल्हे की आंच पर भोजन पकता है, तो उसमें मौजूद सूक्ष्म पोषक तत्व नष्ट नहीं होते, बल्कि उनका प्रभाव और बढ़ जाता है। महंत ने बताया कि प्रेशर कुकर या आधुनिक उपकरणों में खाना पकता नहीं बल्कि फटता है, जिससे उसके विटामिन और खनिज नष्ट हो जाते हैं। इसके विपरीत, चूल्हे पर बना भोजन 100 प्रतिशत पोषक तत्वों से भरपूर होता है। वही मिट्टी और लकड़ी का मेल सात्विक ऊर्जा पैदा करता है। इस चूल्हे पर तैयार आहार मानसिक शांति और शारीरिक बल प्रदान करता है। एल्युमीनियम और नॉन-स्टिक बर्तनों के बढ़ते चलन ने कैंसर और पेट की बीमारियों को बढ़ावा दिया है। मिट्टी का चूल्हा हमें इन धीमे जहरों से दूर रखने की पहली सीढ़ी है। इस अवसर पर डा. ओमबीर कौशिक, संजय गुप्ता, हरिंद्र पुनिया, सीताराम सैनी, रेणु बाला, राधा देवी, आशा कौशिक सहित अनेक श्रद्धालुगण मौजूद रहे।