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Weather Updates News 2026: धुंध और स्मॉग के आगोश में हरियाणा, मौसम विभाग ने 14 नवंबर को बारिश की जताई उम्मीद

हरियाणा में प्रदूषण गंभीर स्तर पर। गुरुग्राम का AQI 391 पहुंचा, एनसीआर के जिलों में 50% वर्क फ्रॉम होम लागू। 14 नवंबर को बारिश की उम्मीद।
 

हरियाणा: हरियाणा में मौसम बदलने के साथ ही वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। स्थिति यह है कि शुक्रवार को देश के 12 सबसे प्रदूषित शहरों में अकेले हरियाणा प्रदेश के 7 शहर शामिल रहे। गुरुग्राम के पंचगांव में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 391 दर्ज किया गया, जो पूरे देश में सबसे अधिक रहा। बिगड़ती हवा की गुणवत्ता से निपटने के लिए प्रशासन ने कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इसके तहत गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत जिलों में सरकारी व निजी कार्यालयों के 50 प्रतिशत कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम (घर से काम) करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

📊 12 शहरों की हवा बेहद खराब श्रेणी में; नवजात और बुजुर्गों के लिए बढ़ी मुश्किलें

प्रदूषण का प्रभाव और आंकड़े:

  • गंभीर श्रेणी के शहर: प्रदेश के पंचगांव, बहादुरगढ़, जींद, बल्लभगढ़, कैथल, गुरुग्राम और मानेसर में हवा की गुणवत्ता खराब से बेहद खराब श्रेणी में दर्ज की गई है। राज्य के अन्य 12 शहरों में भी AQI 201 से 300 के बीच बना हुआ है।

  • स्वास्थ्य पर असर: लगातार बढ़ते इस प्रदूषण के कारण नवजात बच्चों, बुजुर्गों और सांस व दमा से जुड़ी बीमारियों से जूझ रहे मरीजों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं।

🛑 एनसीआर के जिलों में 50% वर्क फ्रॉम होम लागू; निर्माण कार्यों पर रोक और NGT के नोटिस

प्रशासनिक कार्रवाई और प्रतिबंध:

  • दफ्तरों के लिए निर्देश: प्रदूषण नियंत्रण आयोग (GRAP) के नियमों के तहत एनसीआर क्षेत्र के कार्यालयों में आधी क्षमता (50%) के साथ काम करने को कहा गया है। हालांकि, मेट्रो, रेलवे, अस्पताल, बस स्टैंड और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी परियोजनाओं को छूट दी गई है।

  • एनजीटी और चालान की कार्रवाई: रोहतक में प्रदूषण नियमों का घोर उल्लंघन करने वाली 28 कंपनियों और औद्योगिक इकाइयों को एनजीटी (NGT) की ओर से नोटिस जारी किए गए हैं। वहीं, गुरुग्राम में धूल नियंत्रण के नियमों का पालन न करने पर 54 चालान काटकर 13.50 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया है।

🌾 पराली के मामले कम होने के बावजूद क्यों बढ़ रहा प्रदूषण? स्मॉग ने घेरा आसमान

मौसम वैज्ञानिकों के विश्लेषण के अनुसार:

  • इस बार खेतों में पराली जलाने की घटनाएं पिछले वर्षों की तुलना में कम हुई हैं, इसके बावजूद प्रदूषण का ग्राफ ऊंचा बना हुआ है।

  • मुख्य वजहें: सर्द होता मौसम, हवा की धीमी गति और कम तापमान इसके प्रमुख कारण हैं। प्रदूषक तत्व (धूल और धुआं) भारी होने के कारण धरातल के पास ही जमा हो रहे हैं और ऊपर नहीं उठ पा रहे हैं, जिससे नमी के साथ मिलकर घने स्मॉग की स्थिति बन रही है।

🌧️ 14 नवंबर को बारिश की उम्मीद; तब तक हवा की गुणवत्ता खराब रहने की आशंका

मौसम का आगामी पूर्वानुमान:

  • खुश्क मौसम: मौसम वैज्ञानिक डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार, प्रदेश में पिछले पांच दिनों से मौसम पूरी तरह खुश्क बना हुआ है। उत्तर-पश्चिमी हवाओं की हल्की रफ्तार और कम न्यूनतम तापमान के कारण स्मॉग छाया हुआ है। आगामी 10 नवंबर तक मौसम ऐसा ही रहने की संभावना है।

  • राहत की उम्मीद: मौसम विभाग के मुताबिक 14 नवंबर को हरियाणा में बारिश होने की उम्मीद है, जिसके बाद ही प्रदूषण से लोगों को वास्तविक राहत मिल सकती है। हालांकि, तब तक वायु गुणवत्ता के खराब बने रहने की पूरी आशंका है।

    हरियाणा: हरियाणा में मौसम बदलने के साथ ही वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। स्थिति यह है कि शुक्रवार को देश के 12 सबसे प्रदूषित शहरों में अकेले हरियाणा प्रदेश के 7 शहर शामिल रहे। गुरुग्राम के पंचगांव में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 391 दर्ज किया गया, जो पूरे देश में सबसे अधिक रहा। बिगड़ती हवा की गुणवत्ता से निपटने के लिए प्रशासन ने कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इसके तहत गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत जिलों में सरकारी व निजी कार्यालयों के 50 प्रतिशत कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम (घर से काम) करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

    📊 12 शहरों की हवा बेहद खराब श्रेणी में; नवजात और बुजुर्गों के लिए बढ़ी मुश्किलें

    प्रदूषण का प्रभाव और आंकड़े:

  • गंभीर श्रेणी के शहर: प्रदेश के पंचगांव, बहादुरगढ़, जींद, बल्लभगढ़, कैथल, गुरुग्राम और मानेसर में हवा की गुणवत्ता खराब से बेहद खराब श्रेणी में दर्ज की गई है। राज्य के अन्य 12 शहरों में भी AQI 201 से 300 के बीच बना हुआ है।

  • स्वास्थ्य पर असर: लगातार बढ़ते इस प्रदूषण के कारण नवजात बच्चों, बुजुर्गों और सांस व दमा से जुड़ी बीमारियों से जूझ रहे मरीजों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं।

  • 🛑 एनसीआर के जिलों में 50% वर्क फ्रॉम होम लागू; निर्माण कार्यों पर रोक और NGT के नोटिस

    प्रशासनिक कार्रवाई और प्रतिबंध:

  • दफ्तरों के लिए निर्देश: प्रदूषण नियंत्रण आयोग (GRAP) के नियमों के तहत एनसीआर क्षेत्र के कार्यालयों में आधी क्षमता (50%) के साथ काम करने को कहा गया है। हालांकि, मेट्रो, रेलवे, अस्पताल, बस स्टैंड और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी परियोजनाओं को छूट दी गई है।

  • एनजीटी और चालान की कार्रवाई: रोहतक में प्रदूषण नियमों का घोर उल्लंघन करने वाली 28 कंपनियों और औद्योगिक इकाइयों को एनजीटी (NGT) की ओर से नोटिस जारी किए गए हैं। वहीं, गुरुग्राम में धूल नियंत्रण के नियमों का पालन न करने पर 54 चालान काटकर 13.50 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया है।

  • 🌾 पराली के मामले कम होने के बावजूद क्यों बढ़ रहा प्रदूषण? स्मॉग ने घेरा आसमान

    मौसम वैज्ञानिकों के विश्लेषण के अनुसार:

  • इस बार खेतों में पराली जलाने की घटनाएं पिछले वर्षों की तुलना में कम हुई हैं, इसके बावजूद प्रदूषण का ग्राफ ऊंचा बना हुआ है।

  • 🌧️ 14 नवंबर को बारिश की उम्मीद; तब तक हवा की गुणवत्ता खराब रहने की आशंका

    मौसम का आगामी पूर्वानुमान:

  • खुश्क मौसम: मौसम वैज्ञानिक डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार, प्रदेश में पिछले पांच दिनों से मौसम पूरी तरह खुश्क बना हुआ है। उत्तर-पश्चिमी हवाओं की हल्की रफ्तार और कम न्यूनतम तापमान के कारण स्मॉग छाया हुआ है। आगामी 10 नवंबर तक मौसम ऐसा ही रहने की संभावना है।

  • राहत की उम्मीद: मौसम विभाग के मुताबिक 14 नवंबर को हरियाणा में बारिश होने की उम्मीद है, जिसके बाद ही प्रदूषण से लोगों को वास्तविक राहत मिल सकती है। हालांकि, तब तक वायु गुणवत्ता के खराब बने रहने की पूरी आशंका है।

    हरियाणा: हरियाणा में मौसम बदलने के साथ ही वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। स्थिति यह है कि शुक्रवार को देश के 12 सबसे प्रदूषित शहरों में अकेले हरियाणा प्रदेश के 7 शहर शामिल रहे। गुरुग्राम के पंचगांव में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 391 दर्ज किया गया, जो पूरे देश में सबसे अधिक रहा। बिगड़ती हवा की गुणवत्ता से निपटने के लिए प्रशासन ने कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इसके तहत गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत जिलों में सरकारी व निजी कार्यालयों के 50 प्रतिशत कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम (घर से काम) करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

    📊 12 शहरों की हवा बेहद खराब श्रेणी में; नवजात और बुजुर्गों के लिए बढ़ी मुश्किलें

    प्रदूषण का प्रभाव और आंकड़े:

  • गंभीर श्रेणी के शहर: प्रदेश के पंचगांव, बहादुरगढ़, जींद, बल्लभगढ़, कैथल, गुरुग्राम और मानेसर में हवा की गुणवत्ता खराब से बेहद खराब श्रेणी में दर्ज की गई है। राज्य के अन्य 12 शहरों में भी AQI 201 से 300 के बीच बना हुआ है।

  • स्वास्थ्य पर असर: लगातार बढ़ते इस प्रदूषण के कारण नवजात बच्चों, बुजुर्गों और सांस व दमा से जुड़ी बीमारियों से जूझ रहे मरीजों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं।

  • 🛑 एनसीआर के जिलों में 50% वर्क फ्रॉम होम लागू; निर्माण कार्यों पर रोक और NGT के नोटिस

    प्रशासनिक कार्रवाई और प्रतिबंध:

  • दफ्तरों के लिए निर्देश: प्रदूषण नियंत्रण आयोग (GRAP) के नियमों के तहत एनसीआर क्षेत्र के कार्यालयों में आधी क्षमता (50%) के साथ काम करने को कहा गया है। हालांकि, मेट्रो, रेलवे, अस्पताल, बस स्टैंड और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी परियोजनाओं को छूट दी गई है।

  • एनजीटी और चालान की कार्रवाई: रोहतक में प्रदूषण नियमों का घोर उल्लंघन करने वाली 28 कंपनियों और औद्योगिक इकाइयों को एनजीटी (NGT) की ओर से नोटिस जारी किए गए हैं। वहीं, गुरुग्राम में धूल नियंत्रण के नियमों का पालन न करने पर 54 चालान काटकर 13.50 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया है।

  • 🌾 पराली के मामले कम होने के बावजूद क्यों बढ़ रहा प्रदूषण? स्मॉग ने घेरा आसमान

    मौसम वैज्ञानिकों के विश्लेषण के अनुसार:

  • इस बार खेतों में पराली जलाने की घटनाएं पिछले वर्षों की तुलना में कम हुई हैं, इसके बावजूद प्रदूषण का ग्राफ ऊंचा बना हुआ है।

  • 🌧️ 14 नवंबर को बारिश की उम्मीद; तब तक हवा की गुणवत्ता खराब रहने की आशंका

    मौसम का आगामी पूर्वानुमान:

  • खुश्क मौसम: मौसम वैज्ञानिक डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार, प्रदेश में पिछले पांच दिनों से मौसम पूरी तरह खुश्क बना हुआ है। उत्तर-पश्चिमी हवाओं की हल्की रफ्तार और कम न्यूनतम तापमान के कारण स्मॉग छाया हुआ है। आगामी 10 नवंबर तक मौसम ऐसा ही रहने की संभावना है।

  • राहत की उम्मीद: मौसम विभाग के मुताबिक 14 नवंबर को हरियाणा में बारिश होने की उम्मीद है, जिसके बाद ही प्रदूषण से लोगों को वास्तविक राहत मिल सकती है। हालांकि, तब तक वायु गुणवत्ता के खराब बने रहने की पूरी आशंका है।

    हरियाणा: हरियाणा में मौसम बदलने के साथ ही वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। स्थिति यह है कि शुक्रवार को देश के 12 सबसे प्रदूषित शहरों में अकेले हरियाणा प्रदेश के 7 शहर शामिल रहे। गुरुग्राम के पंचगांव में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 391 दर्ज किया गया, जो पूरे देश में सबसे अधिक रहा। बिगड़ती हवा की गुणवत्ता से निपटने के लिए प्रशासन ने कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इसके तहत गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत जिलों में सरकारी व निजी कार्यालयों के 50 प्रतिशत कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम (घर से काम) करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

    📊 12 शहरों की हवा बेहद खराब श्रेणी में; नवजात और बुजुर्गों के लिए बढ़ी मुश्किलें

    प्रदूषण का प्रभाव और आंकड़े:

  • गंभीर श्रेणी के शहर: प्रदेश के पंचगांव, बहादुरगढ़, जींद, बल्लभगढ़, कैथल, गुरुग्राम और मानेसर में हवा की गुणवत्ता खराब से बेहद खराब श्रेणी में दर्ज की गई है। राज्य के अन्य 12 शहरों में भी AQI 201 से 300 के बीच बना हुआ है।

  • स्वास्थ्य पर असर: लगातार बढ़ते इस प्रदूषण के कारण नवजात बच्चों, बुजुर्गों और सांस व दमा से जुड़ी बीमारियों से जूझ रहे मरीजों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं।

  • 🛑 एनसीआर के जिलों में 50% वर्क फ्रॉम होम लागू; निर्माण कार्यों पर रोक और NGT के नोटिस

    प्रशासनिक कार्रवाई और प्रतिबंध:

  • दफ्तरों के लिए निर्देश: प्रदूषण नियंत्रण आयोग (GRAP) के नियमों के तहत एनसीआर क्षेत्र के कार्यालयों में आधी क्षमता (50%) के साथ काम करने को कहा गया है। हालांकि, मेट्रो, रेलवे, अस्पताल, बस स्टैंड और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी परियोजनाओं को छूट दी गई है।

  • एनजीटी और चालान की कार्रवाई: रोहतक में प्रदूषण नियमों का घोर उल्लंघन करने वाली 28 कंपनियों और औद्योगिक इकाइयों को एनजीटी (NGT) की ओर से नोटिस जारी किए गए हैं। वहीं, गुरुग्राम में धूल नियंत्रण के नियमों का पालन न करने पर 54 चालान काटकर 13.50 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया है।

  • 🌾 पराली के मामले कम होने के बावजूद क्यों बढ़ रहा प्रदूषण? स्मॉग ने घेरा आसमान

    मौसम वैज्ञानिकों के विश्लेषण के अनुसार:

  • इस बार खेतों में पराली जलाने की घटनाएं पिछले वर्षों की तुलना में कम हुई हैं, इसके बावजूद प्रदूषण का ग्राफ ऊंचा बना हुआ है।

  • 🌧️ 14 नवंबर को बारिश की उम्मीद; तब तक हवा की गुणवत्ता खराब रहने की आशंका

    मौसम का आगामी पूर्वानुमान:

  • खुश्क मौसम: मौसम वैज्ञानिक डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार, प्रदेश में पिछले पांच दिनों से मौसम पूरी तरह खुश्क बना हुआ है। उत्तर-पश्चिमी हवाओं की हल्की रफ्तार और कम न्यूनतम तापमान के कारण स्मॉग छाया हुआ है। आगामी 10 नवंबर तक मौसम ऐसा ही रहने की संभावना है।

  • राहत की उम्मीद: मौसम विभाग के मुताबिक 14 नवंबर को हरियाणा में बारिश होने की उम्मीद है, जिसके बाद ही प्रदूषण से लोगों को वास्तविक राहत मिल सकती है। हालांकि, तब तक वायु गुणवत्ता के खराब बने रहने की पूरी आशंका है।

    हरियाणा: हरियाणा में मौसम बदलने के साथ ही वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। स्थिति यह है कि शुक्रवार को देश के 12 सबसे प्रदूषित शहरों में अकेले हरियाणा प्रदेश के 7 शहर शामिल रहे। गुरुग्राम के पंचगांव में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 391 दर्ज किया गया, जो पूरे देश में सबसे अधिक रहा। बिगड़ती हवा की गुणवत्ता से निपटने के लिए प्रशासन ने कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इसके तहत गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत जिलों में सरकारी व निजी कार्यालयों के 50 प्रतिशत कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम (घर से काम) करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

    📊 12 शहरों की हवा बेहद खराब श्रेणी में; नवजात और बुजुर्गों के लिए बढ़ी मुश्किलें

    प्रदूषण का प्रभाव और आंकड़े:

  • गंभीर श्रेणी के शहर: प्रदेश के पंचगांव, बहादुरगढ़, जींद, बल्लभगढ़, कैथल, गुरुग्राम और मानेसर में हवा की गुणवत्ता खराब से बेहद खराब श्रेणी में दर्ज की गई है। राज्य के अन्य 12 शहरों में भी AQI 201 से 300 के बीच बना हुआ है।

  • स्वास्थ्य पर असर: लगातार बढ़ते इस प्रदूषण के कारण नवजात बच्चों, बुजुर्गों और सांस व दमा से जुड़ी बीमारियों से जूझ रहे मरीजों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं।

  • 🛑 एनसीआर के जिलों में 50% वर्क फ्रॉम होम लागू; निर्माण कार्यों पर रोक और NGT के नोटिस

    प्रशासनिक कार्रवाई और प्रतिबंध:

  • दफ्तरों के लिए निर्देश: प्रदूषण नियंत्रण आयोग (GRAP) के नियमों के तहत एनसीआर क्षेत्र के कार्यालयों में आधी क्षमता (50%) के साथ काम करने को कहा गया है। हालांकि, मेट्रो, रेलवे, अस्पताल, बस स्टैंड और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी परियोजनाओं को छूट दी गई है।

  • एनजीटी और चालान की कार्रवाई: रोहतक में प्रदूषण नियमों का घोर उल्लंघन करने वाली 28 कंपनियों और औद्योगिक इकाइयों को एनजीटी (NGT) की ओर से नोटिस जारी किए गए हैं। वहीं, गुरुग्राम में धूल नियंत्रण के नियमों का पालन न करने पर 54 चालान काटकर 13.50 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया है।

  • 🌾 पराली के मामले कम होने के बावजूद क्यों बढ़ रहा प्रदूषण? स्मॉग ने घेरा आसमान

    मौसम वैज्ञानिकों के विश्लेषण के अनुसार:

  • इस बार खेतों में पराली जलाने की घटनाएं पिछले वर्षों की तुलना में कम हुई हैं, इसके बावजूद प्रदूषण का ग्राफ ऊंचा बना हुआ है।

  • 🌧️ 14 नवंबर को बारिश की उम्मीद; तब तक हवा की गुणवत्ता खराब रहने की आशंका

    मौसम का आगामी पूर्वानुमान:

  • खुश्क मौसम: मौसम वैज्ञानिक डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार, प्रदेश में पिछले पांच दिनों से मौसम पूरी तरह खुश्क बना हुआ है। उत्तर-पश्चिमी हवाओं की हल्की रफ्तार और कम न्यूनतम तापमान के कारण स्मॉग छाया हुआ है। आगामी 10 नवंबर तक मौसम ऐसा ही रहने की संभावना है।

  • राहत की उम्मीद: मौसम विभाग के मुताबिक 14 नवंबर को हरियाणा में बारिश होने की उम्मीद है, जिसके बाद ही प्रदूषण से लोगों को वास्तविक राहत मिल सकती है। हालांकि, तब तक वायु गुणवत्ता के खराब बने रहने की पूरी आशंका है।

    हरियाणा: हरियाणा में मौसम बदलने के साथ ही वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। स्थिति यह है कि शुक्रवार को देश के 12 सबसे प्रदूषित शहरों में अकेले हरियाणा प्रदेश के 7 शहर शामिल रहे। गुरुग्राम के पंचगांव में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 391 दर्ज किया गया, जो पूरे देश में सबसे अधिक रहा। बिगड़ती हवा की गुणवत्ता से निपटने के लिए प्रशासन ने कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इसके तहत गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत जिलों में सरकारी व निजी कार्यालयों के 50 प्रतिशत कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम (घर से काम) करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

    📊 12 शहरों की हवा बेहद खराब श्रेणी में; नवजात और बुजुर्गों के लिए बढ़ी मुश्किलें

    प्रदूषण का प्रभाव और आंकड़े:

  • गंभीर श्रेणी के शहर: प्रदेश के पंचगांव, बहादुरगढ़, जींद, बल्लभगढ़, कैथल, गुरुग्राम और मानेसर में हवा की गुणवत्ता खराब से बेहद खराब श्रेणी में दर्ज की गई है। राज्य के अन्य 12 शहरों में भी AQI 201 से 300 के बीच बना हुआ है।

  • स्वास्थ्य पर असर: लगातार बढ़ते इस प्रदूषण के कारण नवजात बच्चों, बुजुर्गों और सांस व दमा से जुड़ी बीमारियों से जूझ रहे मरीजों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं।

  • 🛑 एनसीआर के जिलों में 50% वर्क फ्रॉम होम लागू; निर्माण कार्यों पर रोक और NGT के नोटिस

    प्रशासनिक कार्रवाई और प्रतिबंध:

  • दफ्तरों के लिए निर्देश: प्रदूषण नियंत्रण आयोग (GRAP) के नियमों के तहत एनसीआर क्षेत्र के कार्यालयों में आधी क्षमता (50%) के साथ काम करने को कहा गया है। हालांकि, मेट्रो, रेलवे, अस्पताल, बस स्टैंड और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी परियोजनाओं को छूट दी गई है।

  • एनजीटी और चालान की कार्रवाई: रोहतक में प्रदूषण नियमों का घोर उल्लंघन करने वाली 28 कंपनियों और औद्योगिक इकाइयों को एनजीटी (NGT) की ओर से नोटिस जारी किए गए हैं। वहीं, गुरुग्राम में धूल नियंत्रण के नियमों का पालन न करने पर 54 चालान काटकर 13.50 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया है।

  • 🌾 पराली के मामले कम होने के बावजूद क्यों बढ़ रहा प्रदूषण? स्मॉग ने घेरा आसमान

    मौसम वैज्ञानिकों के विश्लेषण के अनुसार:

  • इस बार खेतों में पराली जलाने की घटनाएं पिछले वर्षों की तुलना में कम हुई हैं, इसके बावजूद प्रदूषण का ग्राफ ऊंचा बना हुआ है।

  • 🌧️ 14 नवंबर को बारिश की उम्मीद; तब तक हवा की गुणवत्ता खराब रहने की आशंका

    मौसम का आगामी पूर्वानुमान:

  • खुश्क मौसम: मौसम वैज्ञानिक डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार, प्रदेश में पिछले पांच दिनों से मौसम पूरी तरह खुश्क बना हुआ है। उत्तर-पश्चिमी हवाओं की हल्की रफ्तार और कम न्यूनतम तापमान के कारण स्मॉग छाया हुआ है। आगामी 10 नवंबर तक मौसम ऐसा ही रहने की संभावना है।

  • राहत की उम्मीद: मौसम विभाग के मुताबिक 14 नवंबर को हरियाणा में बारिश होने की उम्मीद है, जिसके बाद ही प्रदूषण से लोगों को वास्तविक राहत मिल सकती है। हालांकि, तब तक वायु गुणवत्ता के खराब बने रहने की पूरी आशंका है।

  • मुख्य वजहें: सर्द होता मौसम, हवा की धीमी गति और कम तापमान इसके प्रमुख कारण हैं। प्रदूषक तत्व (धूल और धुआं) भारी होने के कारण धरातल के पास ही जमा हो रहे हैं और ऊपर नहीं उठ पा रहे हैं, जिससे नमी के साथ मिलकर घने स्मॉग की स्थिति बन रही है।

  • मुख्य वजहें: सर्द होता मौसम, हवा की धीमी गति और कम तापमान इसके प्रमुख कारण हैं। प्रदूषक तत्व (धूल और धुआं) भारी होने के कारण धरातल के पास ही जमा हो रहे हैं और ऊपर नहीं उठ पा रहे हैं, जिससे नमी के साथ मिलकर घने स्मॉग की स्थिति बन रही है।

  • मुख्य वजहें: सर्द होता मौसम, हवा की धीमी गति और कम तापमान इसके प्रमुख कारण हैं। प्रदूषक तत्व (धूल और धुआं) भारी होने के कारण धरातल के पास ही जमा हो रहे हैं और ऊपर नहीं उठ पा रहे हैं, जिससे नमी के साथ मिलकर घने स्मॉग की स्थिति बन रही है।

  • मुख्य वजहें: सर्द होता मौसम, हवा की धीमी गति और कम तापमान इसके प्रमुख कारण हैं। प्रदूषक तत्व (धूल और धुआं) भारी होने के कारण धरातल के पास ही जमा हो रहे हैं और ऊपर नहीं उठ पा रहे हैं, जिससे नमी के साथ मिलकर घने स्मॉग की स्थिति बन रही है।

  • मुख्य वजहें: सर्द होता मौसम, हवा की धीमी गति और कम तापमान इसके प्रमुख कारण हैं। प्रदूषक तत्व (धूल और धुआं) भारी होने के कारण धरातल के पास ही जमा हो रहे हैं और ऊपर नहीं उठ पा रहे हैं, जिससे नमी के साथ मिलकर घने स्मॉग की स्थिति बन रही है।